दिल्ली में खत्म होंगे ट्रैफिक सिग्नल: 25 स्पॉट पर Back-to-Back U-Turn मॉडल; जानिए कैसे काम करता है
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इस कॉन्सेप्ट में चिन्हित जगहों से ट्रैफिक सिग्नल हटा दिए जाएंगे। उनकी जगह Back-to-Back U-Turn बनाए जाएंगे।
नेशनल डेस्क. दिल्ली में ट्रैफिक जाम की दिक्कत से निजात के लिए 25 स्पॉट चुने गए हैं। यहां ट्रैफिक सिग्नल हटाकर Back-to-Back U-Turn मॉडल लागू किया जाएगा। इससे दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार नहीं थमेगी। ट्रैफिक पुलिस ने इस प्रपोजल को 23 जून को मंजूरी दी थी। सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) से भी इनपुट लिए गए हैं।
अधिकारियों ने तकनीकी जांच के बाद इस मॉडल को सहमति दे दी है। अब PWD इसे स्टेप-बाई स्टेप ऑपरेशनल करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद चौराहों पर ट्रैफिक कम करना है।
U-turn प्लान क्या है
अधिकारी फ्लाईओवर बनाने की जगह पर चौराहे और जंक्शन को रिडिजाइन करने पर फोकस कर रहे हैं। इस कॉन्सेप्ट में स्पॉट की गई जगहों से ट्रैफिक सिग्नल हटा दिए जाएंगे। उनकी जगह Back-to-Back U-Turn बनाए जाएंगे। इस तरह व्हीकल बिना रुके सीधे चौराहे या जंक्शन से निकल जाएगा। सीधे जाने वाले वाहन बिना किसी रुकावट के निकल सकेंगे।

यह कैसे काम करता है
व्हीकल पहले तय U-टर्न पॉइंट तक जाता है।
वहां से U-टर्न लेकर दूसरी तरफ की लेन में आ जाता है।
अगर उसे दूसरी ओर जाना हो, तो कुछ दूरी पर बने जंक्शन से वह साइड बदल सकता है।
इस तरह सीधे जाने वाले वाहन बिना किसी रुकावट के निकल जाएंगे।
दूसरी तरफ से आने वाले वाहन भी इसी प्रोसेस को फॉलो करेंगे।
इससे सीधे क्रॉसिंग और खतरनाक कट कम हो जाते हैं।
इसके फायदे
चौराहों पर टकराव (conflict points) कम होते हैं।
ट्रैफिक का बेहतर होता है।
सिग्नल पर इंतजार खत्म हो जाता है।
सड़क पार करने के जोखिम में भी कमी आती है।
अधिकारियों का कहना है- यह कम लागत में हेवी ट्रैफिक से राहत दिलाने वाला तरीका है। ऐसे स्पॉट जहां कम जगह, मेट्रो कॉरिडोर और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से फ्लाइओवर बनाना आसान नहीं होता, वहां यह प्लान कारगर साबित होगा।
दिल्ली के अंदर 25 जगहों पर प्लानिंग
नजफगढ़ रोड, भारतेंदु हरिश्चंद्र मार्ग, GT रोड (GT करनाल बायपास फ्लाईओवर से आजादपुर), राजौरी गार्डन-करमपुरा स्ट्रैच, पंजाबी बाघ-टिकरी बॉर्डर, मथुरा रोड, मेहरौली-गुरुग्राम रोड, आउटर रिंग रोड (नेहरु प्लेस-राव तुला राम फ्लाइओवर), रोड नंबर 71 (योजना विहार स्ट्रैच), ITO कॉरिडोर, कालिंदी कुंज और एयरपोर्ट एरिया रोड, पंखा रोड, मोहरौली-साकेत-संगम विहार बेल्ट और नॉर्थ, साउथ, ईस्ट और वेस्ट दिल्ली के कई इलाके इसमें शामिल हैं।
फ्लाइओवर की तुलना में बेहद सस्ता
ट्रैफिक ऑफिशियल्स का कहना है कि back-to-back U-turn मॉडल को फ्लाईओवर और अंडरपास की तुलना में काफी कम लागत में बनाया जा सकता है। इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। यह मॉडल उन जगहों पर भी काम करेगा, जहां घनी आबादी है और जगह की कमी के चलते न्यू कंस्ट्रक्शन मुमकिन नहीं है।

