CM सुवेंदु के 10 दिन में ताबड़तोड़ 50 फैसले: बॉर्डर सिक्योरिटी से बुलडोजर एक्शन तक... क्या CM योगी और हिमंता की राह पर BJP के 'अधिकारी'
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AI इमेज- यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, सुवेंदु अधिकारी और असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
नेशनल डेस्क. सुवेंदु अधिकारी ने 9 मई को प. बंगाल के CM के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद से वे लगातार ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। करीब 10 दिन में उन्होंने 50 बड़े फैसले लिए हैं। इनमें BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन देने, अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन, सड़क पर नमाज पर बैन जैसे बड़े फैसले शामिल हैं। साथ ही CM सुवेंदु ने महिलाओं को 3000 रुपए प्रति महीने और बसों में फ्री यात्रा जैसे फैसलों पर भी मुहर लगा दी है।
सत्ता संभालने के शुरुआती 10 दिनों में जिस तरह के फैसले और बयान सुवेंदु ने दिए हैं, उनमें एक बात साफ नजर आती है कि वे खुद को सिर्फ प्रशासनिक CM नहीं बल्कि हार्डलाइन BJP गवर्नेंस मॉडल के चेहरे की तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। यही वजह है कि उनकी तुलना यूपी सीएम योगी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता से होने लगी है। चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु ने कई बार रैलियों में यूपी मॉडल लागू करने का जिक्र किया।
सुवेंदु के 10 दिन में बड़े फैसले
- BSF को बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन देने का फैसला
- अवैध टोल प्लाजा बंद करने का आदेश
- सिंडिकेट राज, अवैध खनन और तस्करी पर कार्रवाई के निर्देश
- जाति प्रमाणपत्रों की बड़े पैमाने पर दोबारा जांच का आदेश
- इमामों और पुजारियों को मिलने वाले धार्मिक भत्ते बंद करने का फैसला
- पुलिस पर हमला करने वालों को खुली चेतावनी
- अवैध निर्माणों पर बुलडोजर
- महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, 3000 रु की आर्थिक मदद का ऐलान
- भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और पुलिस सुधार पर आयोग बनाने की घोषणा

बंगाल में BJP का 'न्यू मॉडल'
यूपी, असम, बिहार, दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश-राजस्थान तक जिन राज्यों में BJP की सरकार है, वहां हाल के सालों में अलग मॉडल देखने को मिला है। इन राज्यों में BJP ने अपराध पर लगाम के लिए कड़क कानून व्यवस्था के साथ-साथ विकास और वेलफेयर पॉलिटिक्स पर फोकस किया है। राजनीतिक तौर पर BJP को इसका फायदा भी मिला है।
CM योगी और हिमंता की राह पर सुवेंदु
सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोमवार को कहा, मैं झुकने वाला आदमी नहीं हूं। डराने का काम करने की कोई जरूरत नहीं है। BJP ने जो वादे किए, वो सारे काम BJP का मुख्यमंत्री करेगा। देश को सुरक्षित रखने का काम BJP सरकार करेगी। उन्होंने कहा, पहले घुसपैठिए डिटेक्ट हुए, फिर वोटर लिस्ट से डिलीट हुए। अब टाइम आ गया है कि उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा। पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी करेगा तो सबक सिखाने का काम सरकार करेगी।

CM योगी ने भी दिए थे सख्त निर्देश
जब 2017 में योगी आदित्यनाथ ने CM पद की शपथ ली तो उन्होंने शुरुआत में ही संदेश दिया था- राज्य में कानून का डर वापस लाया जाएगा। इसी तरह सुवेंदु ने भी कहा कि गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी। पुलिस पर हमला नहीं चलेगा, जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे, उन्हीं से वसूला जाएगा।
इसी तरह जब 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा ने असम की सत्ता संभाली तो उन्होंने अतिक्रमण हटाने, सीमा और घुसपैठ पर कड़ा रुख, कानून व्यवस्था मजबूत करने जैसे फैसले लिए। धीरे-धीरे असम में बुलडोजर कार्रवाई भी देखने को मिलने लगी।
शुरुआत में सुवेंदु योगी और हिमंता की तरह सख्त फैसले ले रहे हैं। हालांकि, बंगाल की सामाजिक-सांस्कृतिक राजनीति यूपी और असम से अलग है, इसलिए यह मॉडल कितना सफल होगा, इसका टेस्ट तो आने वाले समय में ही होगा।

