RG कर रेप-मर्डर की नए सिरे से जांच होगी: कलकत्ता HC ने CBI के 3 सदस्यों की SIT बनाई, ये किसी से भी पूछताछ कर सकेगी
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अगस्त 2024 में कोलकाता के RG Kar हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमीनार रूम में मिला था। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर सबूत मिटाने के भी आरोप लगाए थे। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल में RG कर रेप-मर्डर केस की नए सिरे से जांच होगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को CBI को इससे जुड़ी जांच करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने CBI की ही 3 सदस्यीय SIT का गठन किया है। SIT सबूतों को मिटाने और छिपाने के आरोपों की जांच करेगी। परिवार ने इस केस को दबाने और सबूतों को मिटाने के आरोप लगाए थे।
जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थांकर घोष की बेंच ने पीड़ित परिवार के लगाए गए आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने 25 जून तक रिपोर्ट जमा करने को कहा है। SIT की अध्यक्षता CBI के जॉइंट डायरेक्टर (ईस्टर्न जोन) करेंगे। बाकी 2 सदस्यों के नाम का ऐलान हाईकोर्ट 48 घंटे में करेगा।
'नए सिरे से जांच करे CBI'
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि CBI इस केस की फिर से जांच करे। हाईकोर्ट ने कहा- CBI डॉक्टर के खाना खाने, अस्पताल जाने, रेप और मर्डर के बाद अंतिम संस्कार तक को फिर से इन्वेस्टिगेट करे। इसको लेकर हाईकोर्ट ने CBI को इस केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने की अनुमति दी।
3 IPS के खिलाफ एक्शन
बंगाल में BJP की सरकार बनने के बाद RG Kar रेप-मर्डर केस में कोलकाता के पूर्व कमिश्नर समेत 3 IPS को सस्पेंड किया गया है। इन पर 2024 में RG Kar रेप-मर्डर केस की जांच में लापरवाही का आरोप है। इनके खिलाफ बंगाल सरकार विभागीय जांच भी करेगी।
क्या है मामला
दरअसल, अगस्त 2024 में कोलकाता के RG Kar हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार रूम में मिला था। इस मामले में परिवार ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर सबूत मिटाने के भी आरोप लगाए थे। हालांकि, देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई जांच में सामने आया था कि डॉक्टर के साथ सिविक वॉलिंटियर संजय रॉय ने रेप किया था और उसकी हत्या कर दी थी। सियालदह सेशन कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
RG Kar पीड़िता की मां ने जीता चुनाव
RG Kar पीड़िता की मां ने बेटी को न्याय दिलाने के लिए बीजेपी के टिकट पर पानीहाटी से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की। उन्होंने विधायक के तौर पर शपथ लेने के बाद कहा कि विधायक के तौर पर उनकी शपथ बेटी के लिए न्याय की लड़ाई में पहला निर्णायक कदम है।
उन्होंने कहा, जब मैं पिछली सरकार में बेटी के लिए न्याय की मांग के लिए विरोध कर रही थी तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया था। लेकिन अब वही पुलिसकर्मी मेरे साथ सेल्फी ले रहे हैं और मेरी सुरक्षा में तैनात हैं।

