BRICS समिट से पहले पुतिन-पेजेशकियान से मिले मोदी: रूस-यूक्रेन जंग और मिडिल ईस्ट पर चर्चा; तीनों लीडर्स की तस्वीरें सामने आईं
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प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को BRICS समिट से पहले रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। फोटो-ANI
इंटरनेशनल डेस्क। 18वीं BRICS समिट से पहले शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से अलग-अलग मुलाकात की। मोदी-पुतिन ने रूस-यूक्रेन जंग और मिडिल ईस्ट के हालात समेत कई ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, मोदी की पुतिन और पेजेशकियान के साथ हुई मुलाकातों की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
पुतिन से बातचीत के दौरान मोदी ने कहा- दुनिया में चल रहे कॉन्फ्लिक्ट्स का समाधान बातचीत और डिप्लोमेसी से ही निकाला जा सकता है। भारत शांति की हर कोशिश में मदद करने के लिए तैयार है। वहीं, पुतिन ने कहा- रूस की कोशिशें किसी देश के खिलाफ नहीं हैं। हम अपने हितों के लिए काम कर रहे हैं और पुराने के साथ नए पार्टनर्स से भी सहयोग के लिए तैयार हैं। रूस पूरी दुनिया के साथ मिलकर काम करना चाहता है।
पुतिन से मुलाकात के बाद मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच 11 दिन में यह दूसरी मुलाकात रही। इससे पहले मोदी और पेजेशकियान 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में SCO समिट के दौरान मिले थे। दिल्ली में हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब ईरान मिडिल ईस्ट में जारी जंग और अमेरिकी दबाव का सामना कर रहा है। पेजेशकियान ने BRICS बिजनेस फोरम में कहा कि इकोनॉमिक सिक्योरिटी को नेशनल और रीजनल सिक्योरिटी से अलग करके नहीं देखा जा
18वीं BRICS समिट कल से
भारत की मेजबानी में 18वीं BRICS समिट शनिवार से दिल्ली में शुरू होगी। प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मीटिंग भारत मंडपम दिल्ली के कन्वेंशन सेंटर में शुरु हुई। कन्वेंशन सेंटर पहुंचने पर मोदी ने पुतिन को गले लगाकर और हाथ मिलाकर स्वागत किया। मीटिंग के बाद एक बार फिर कार डिप्लोमेसी नजर आई। बातचीत खत्म होने के बाद दोनों नेता भारत मंडपम से एक ही कार में बैठकर निकले।

मीटिंग से पहले मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का रूसी ट्रांसलेशन गिफ्ट किया। बता दें कि पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया
पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया
मीटिंग के बाद पुतिन ने मोदी को 24वीं इंडिया-रूस एनुअल समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया। भारत सरकार के मुताबिक, मोदी ने पुतिन का इनविटेशन कबूल कर लिया है। सरकार ने कहा- समिट की तारीख दोनों देशों की सहमति से डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए तय की जाएगी।

मोदी- पुतिन मीटिंग का एजेंडा क्या रहा
फॉरेन मिनिस्ट्री के मुताबिक, मोदी-पुतिन मीटिंग में ट्रेड, एनर्जी, डिफेंस और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस रहा। दोनों लीडर्स के बीच रुस-इंडिया के ट्रेड को बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने 2030 तक बाइलेटरल ट्रेड को 100 बिलियन डॉलर यानी करीब 9.39 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने के टारगेट को पूरा करने पर जोर दिया।

बातचीत में भारतीय एक्सपोर्ट बढ़ाने और इंडियन प्रोडक्ट्स के लिए रूसी मार्केट में एंट्री आसान बनाने पर चर्चा हुई। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, फर्टिलाइजर, मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे और स्टील सेक्टर में साथ बढ़ाना भी एजेंडे में शामिल रहा।

दोनों देशों की कंपनियों को जोड़ने पर जोर
मोदी और पुतिन ने इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। इसमें इनोप्रोम इंडिया को दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए बिजनेस मौके तैयार करने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल करने की बात हुई। इसका मकसद भारत और रूस की कंपनियों के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस पार्टनरशिप बढ़ाना है। भारत रूस के साथ मौजूदा ट्रेड डेफिसिट कम करने के लिए फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ाना चाहता है।

बिजनेस फोरम में 600 से ज्यादा मीटिंग
ANI के मुताबिक, ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कुछ घंटों के भीतर 600 से ज्यादा बिजनेस-टू-बिजनेस मीटिंग हुईं। फिक्की के सेक्रेटरी जनरल अनंत स्वरूप ने बताया कि फोरम में करीब 2,000 डेलिगेट्स शामिल हुए। इनमें 1,100 भारत और 900 दूसरे देशों से थे। बिजनेस लीडर्स ने ट्रेड से जुड़ी पाबंदियां कम करने, पेमेंट सिस्टम जोड़ने और कंपनियों के लिए नए मार्केट खोलने की मांग की।

ईरान के राष्ट्रपति भी भारत पहुंचे
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी शुक्रवार दोपहर भारत पहुंच गए हैं। आज शाम 6:15 बजे मोदी-पेजेशकियान से बाइलेटरल मीटिंग करेंगे। दोनों नेताओं की यह 11 दिनों के अंदर दूसरी मुलाकात होगी। इससे पहले वे 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ समिट के दौरान मिले थे।

पेजेशकियान शुक्रवार दोपहर दिल्ली पहुंचे। पालम एयर फोर्स स्टेशन पर विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत विजिट है। पेजेशकियान मोदी के साथ मीटिंग करेंगे।
मोदी-पेजेशकियान की मीटिंग में अमेरिका-इजराइल के साथ ईरान की जंग, होर्मूज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, चाबहार पोर्ट, एनर्जी सप्लाई और दोनों देशों के ट्रेड को बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। पेजेशकियान का एजेंडा ब्रिक्स के दिल्ली डिक्लेरेशन में ईरान का पक्ष रखना और UAE के साथ भाषा को लेकर चल रहे मतभेद का हल निकालना भी है।
जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री से मुलाकात की
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ मीटिंग की। दोनों नेताओं ने भारत और उरुग्वे के बीच ट्रेड, कनेक्टिविटी और कल्चर से जुड़े रिश्ते मजबूत करने पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा- हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने पर अच्छी बातचीत हुई। इसके लिए एक फोकस्ड रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी है। उन्होंने सीईएलएसी और मर्कोसुर के साथ भारत की पार्टनरशिप मजबूत करने में उरुग्वे से सपोर्ट मिलने की तारीफ भी की।

UN सेक्रेटरी जनरल गुटेरेस भारत पहुंचे
यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस शुक्रवार को 18वीं ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनका स्वागत किया। गुटेरेस समिट के दौरान PM मोदी और दूसरे नेताओं से मुलाकात करेंगे। बातचीत में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में रिफॉर्म, ग्लोबल साउथ की भागीदारी, क्लाइमेट चेंज और दुनिया में चल रहे कॉन्फ्लिक्ट्स जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।

इजिप्ट के राष्ट्रपति दिल्ली पहुंचे
इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी 18वीं ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भारत पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका स्वागत किया। इजिप्ट ब्रिक्स का फुल मेंबर है। अल-सीसी समिट में ग्लोबल गवर्नेंस, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और मिडिल ईस्ट के हालात पर होने वाली चर्चा में शामिल होंगे।

नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति भारत पहुंचे
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा भी ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। नाइजीरिया ब्रिक्स का पार्टनर देश है। शेट्टीमा समिट के दूसरे दिन होने वाले ओपन सेशन में हिस्सा लेंगे। इस सेशन में पार्टनर देशों और आउटरीच गेस्ट्स के साथ ग्लोबल साउथ, इकोनॉमिक कोऑपरेशन, इन्वेस्टमेंट और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर चर्चा होगी।

जिनपिंग शनिवार को पहुंचेंगे
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे। 2019 के बाद यह उनकी पहली इंडिया विजिट होगी। शनिवार को ही जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी की समिट से अलग मुलाकात तय है। दोनों नेताओं की बाइलेटरल मीटिंग BRICS के क्लोज्ड सेशन के बाद और शाम 7:30 बजे होने वाले गाला डिनर से पहले हो सकती है।

सात साल बाद भारत आ रहे जिनपिंग के साथ बातचीत में सीमा विवाद, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, वीजा और दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट जैसे मुद्दों पर बात हो सकती है।
मोदी-जिनपिंग मीटिंग की तैयारी में भारत-चीन
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा कि भारत और चीन PM मोदी और प्रेसिडेंट शी जिनपिंग की बाइलेटरल मीटिंग का शेड्यूल तैयार कर रहे हैं। चीन फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन माओ निंग ने कहा- चीन भारत के साथ रिश्तों को स्ट्रैटेजिक और लॉन्ग टर्म नजरिए से देखने को तैयार है। दोनों देशों को कम्युनिकेशन और साथ बढ़ाते हुए अपने मतभेदों को सही तरीके से संभालना चाहिए। मोदी-जिनपिंग की मीटिंग शनिवार शाम 5:45 बजे होगी। इसमें सीमा विवाद, ट्रेड और दोनों देशों के रिश्तों को नॉर्मल करने पर चर्चा हो सकती है।
बिजनेस फोरम का आगाज
शुक्रवार को समिट से एक दिन पहले भारत मंडपम में BRICS बिजनेस फोरम का आगाज हुआ। विदेश मंत्री एस जयशंकर, कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल, कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल और BRICS बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन जय श्रॉफ इसमें शामिल हुए। सदस्य देशों से आए बिजनेस लीडर्स और सरकारी डेलिगेट्स भी फोरम में हिस्सा ले रहे हैं।
जयशंकर बोले- टेक्नोलाजी को इकोनॉमिक्स से अलग नहीं कर सकते
ओपनिंग सेरेमनी में जयशंकर ने कहा- टेक्नोलाजी कभी भी इकोनॉमिक्स और जियोपॉलिटिक्स से जुदा नहीं रही है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग से बड़े मौके पैदा होंगे। हालांकि इनके साथ एक्सेस, स्टैंडर्ड, सिक्योरिटी और भरोसे से जुड़े सवाल भी पैदा होंगे।

जयशंकर ने कहा- आने वाले समय में BRICS की इकोनॉमिक ताकत इस पर निर्भर होगी की मेंबर देश ग्लोबल मार्केट से जुड़े रहते हुए आर्थिक झटकों का सामना कैसे करते हैं। मौजूदा समय में ट्रेड के लिए स्टेबल माहौल बनाने की जरूरत है।
समिट में और कौन से ग्लोबल लीडर्स शामिल होंगे
समिट में साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद भी शामिल होंगे। UAE के राष्ट्रपति की जगह अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान हिस्सा लेंगे। सऊदी अरब भी BRICS का सदस्य है, हालांकि उसके शामिल होने की भारत ने अब तक पुष्टि नहीं की है।
ब्राजील के विदेश मंत्री भी आए
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा समिट में खुद शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह विदेश मंत्री माउरो विएरा ब्राजील को रिप्रेजेंट करेंगे। विएरा दिल्ली पहुंच चुके हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी शुक्रवार को पहुंचने वाले हैं। उनकी PM मोदी के साथ मीटिंग होगी।

भारत के एजेंडे में क्या है
भारत ने अपनी BRICS चेयरशिप की थीम बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी रखी है। भारत ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशंस में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाना चाहता है। इसके तहत यूनाइटेड नेशंस और दूसरी मल्टीलेटरल संस्थाओं में सुधार की मांग उठाई जाएगी।
भारत का फोकस मजबूत सप्लाई चेन, स्टार्टअप नेटवर्क, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लीन एनर्जी पर रहेगा। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक समिट में स्मार्ट ग्रिड, एनर्जी स्टोरेज और मेंबर देशों के बीच लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने पर बात होगी।
भारत क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए सदस्य देशों की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को जोड़ने का प्रपोजल भी आगे बढ़ा सकता है। हालांकि इसका मकसद डॉलर की जगह कोई ब्रिक्स करेंसी लाना नहीं, बल्कि इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन तेज और सस्ता बनाना बताया गया है।
BRICS में दुनिया की आधी आबादी
BRICS में अभी ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका, इजिप्ट, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया समेत 11 देश हैं। इन देशों में दुनिया की करीब 49.5% आबादी रहती है। ग्लोबल GDP में इनकी हिस्सेदारी करीब 40% और दुनिया के ट्रेड में करीब 26% है। भारत 2012, 2016 और 2021 के बाद चौथी बार ब्रिक्स की चेयरशिप कर रहा है।
पार्टनर देशों के नेता भी आएंगे
ब्रिक्स के 11 फुल मेंबर्स के अलावा पार्टनर देशों और आउटरीच गेस्ट्स को भी बुलाया गया है। इनमें बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल शामिल हैं। यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस भी समिट में हिस्सा लेंगे।
ब्रिक्स के 10 पार्टनर देश बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम हैं। समिट में मेंबर, पार्टनर और आउटरीच देशों के साथ इंटरनेशनल एजेंसियों को मिलाकर करीब 32 देशों और ऑर्गेनाइजेशंस के रिप्रेजेंटेटिव शामिल होंगे।
पहले दिन बंद कमरे में मीटिंग
शनिवार दोपहर करीब 2 बजे ब्रिक्स मेंबर देशों के नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे। दोपहर 2:35 बजे इन्क्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस एंड स्ट्रेंथनिंग मल्टीलेटरलिज्म थीम पर क्लोज्ड सेशन होगा। इसमें केवल फुल मेंबर देशों के नेता हिस्सा लेंगे।
इसके बाद नेता भारत इनोवेट्स एग्जिबिशन देखेंगे। शाम करीब 5:05 बजे फैमिली फोटो और इसके बाद जॉइंट ट्री प्लांटेशन होगा। PM मोदी रात 7:30 बजे विदेशी नेताओं के लिए गाला डिनर होस्ट करेंगे। समिट से अलग मोदी की पुतिन, जिनपिंग और पेजेशकियन समेत कई नेताओं के साथ बाइलेटरल मीटिंग भी हो सकती है।

दूसरे दिन पार्टनर देशों के साथ ओपन सेशन
समिट के दूसरे दिन रविवार सुबह पार्टनर देशों और आउटरीच गेस्ट्स के नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे। सुबह 10:35 बजे फैमिली फोटो होगा। इसके बाद 10:50 बजे रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इन्क्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ टॉपिक पर ओपन सेशन शुरू होगा।
दूसरे दिन ग्लोबल साउथ, क्लाइमेट चेंज, डेवलपमेंट फाइनेंस, डिजिटल टेक्नोलाजी, हेल्थ, फूड और एनर्जी सिक्योरिटी पर चर्चा होगी। रूस-यूक्रेन जंग और ईरान से जुड़ा मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट भी बातचीत का अहम हिस्सा रह सकता है। सभी देशों की सहमति बनी तो समिट के आखिर में जॉइंट डिक्लेरेशन जारी किया जाएगा।

