1947 में क्रिकेट का भी बंटवारा: कारदार, इलाही और गुल... ये इंडिया-पाकिस्तान दोनों टीम से खेले; आजादी के बाद 4 भारतीय प्लेयर्स का डेब्यू
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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पहले कप्तान अब्दुल हफीज कारदार (लेफ्ट) और लेग स्पिन ऑलराउंडर आमिर इलाही। (फोटो- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. क्रिकेट फैन्स को हमेशा ही भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबले का इंतजार रहता है। यह राइवलरी ऐसी है कि दोनों ही टीमों के खिलाड़ी जीत के लिए जी-जान लगा देते हैं। हालांकि बहुत कम लोगों को पता होगा कि तीन ऐसे भी खिलाड़ी रहे हैं, जो भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीम से खेल चुके हैं।
दरअसल, 15 अगस्त 1947 को जब भारत को आजादी मिली, तब पाकिस्तान भी अलग हुआ था। इस दौरान क्रिकेट का भी बंटवारा हुआ। आजादी के बाद भारतीय टीम के लिए खेलने वाले 3 क्रिकेटर पाकिस्तान चले गए थे।
यह तीनों अब्दुल हफीज कारदार, आमिर इलाही और गुल मोहम्मद हैं। 1947 के बाद इन तीनों क्रिकेटर्स ने पाकिस्तान के लिए खेलना शुरू कर दिया था। जबकि ये भारतीय टीम से भी खेल चुके थे।
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आमिर-कारदार ने ऐसे किया PAK के लिए डेब्यू
कारदार को पाकिस्तानी टीम का पहला कप्तान बनाया गया था। टीम ने पहला टेस्ट अक्टूबर 1952 में भारत के खिलाफ दिल्ली में खेला था। यह मैच टीम इंडिया ने पारी और 70 रन से जीता था। कारदार ने 3 टेस्ट मैच भारतीय टीम के लिए खेले। इसके बाद बाकी 23 टेस्ट पाकिस्तान टीम की ओर से खेले।
दूसरी ओर लेग स्पिन ऑलराउंडर आमिर इलाही थे, जिन्होंने आजादी के बाद ही भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने पहला टेस्ट दिसंबर 1947 को भारत की ओर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। यह भारत के लिए उनका आखिरी मैच भी साबित हुआ।
आमिर ने इसके बाद अक्टूबर 1952 में पाकिस्तान के लिए डेब्यू किया। फिर इसी साल टीम के लिए बाकी 5 टेस्ट खेले। उनका करियर इसी साल भारत दौरे पर खत्म भी हो गया था। उन्हें आगे फिर मौका नहीं मिला।
1952 तक भारत से खेलते रहे गुल मोहम्मद
तीसरे प्लेयर गुल मोहम्मद हैं, जिनका मामला थोड़ा सा अलग दिखाई देता है। उन्होंने जून 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। वे अक्टूबर 1952 तक भारतीय टीम के लिए ही खेलते रहे। उन्होंने इसी साल पाकिस्तान के खिलाफ ही टेस्ट सीरीज भी खेली थी।

मगर 1956 आते-आते सबकुछ बदल गया था। गुल मोहम्मद पाकिस्तान जाकर बस चुके थे। फिर उन्होंने उसी टीम की ओर से खेलना शुरू किया। गुल मोहम्मद ने अक्टूबर 1956 में पाकिस्तान के लिए डेब्यू किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कराची टेस्ट खेला।
हालांकि गुल मोहम्मद का करियर पाकिस्तानी टीम में जरा भी नहीं चल सका। उनके लिए यह डेब्यू मैच ही आखिरी साबित हुआ। इसके बाद गुल मोहम्मद को कभी भी पाकिस्तानी टीम में जगह नहीं मिली। भारत के लिए खेलते हुए करियर की शुरुआत करने वाले आमिर ने 1952, गुल ने 1956 और कारदार ने 1958 में अपना आखिरी मैच पाकिस्तान के लिए खेला था।
पाकिस्तान से अलग होकर मिली पहली जीत
भारतीय टीम ने अपना पहला टेस्ट 1932 में खेला था। 1947 से पहले तक पाकिस्तान अलग नहीं था। सभी प्लेयर भारत के ही थे और टीम भी। ऐसे में एक दिलचस्प फैक्ट यह भी है कि जब तक पाकिस्तान अलग नहीं हुआ, तब तक भारतीय टीम को टेस्ट में जीत नसीब नहीं हुई।
1947 में पाकिस्तान अलग हुआ तो भारतीय टीम की किस्मत ने जोर मारा। आजादी के 5 साल बाद 1952 में जाकर टीम इंडिया को पहली जीत मिली। विजय हजारे की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को हराकर पहली जीत दर्ज की। यह टेस्ट 6 फरवरी 1952 से चेन्नई में हुआ था।

1947 से पहले भारत ने खेले 10 टेस्ट
इस जीत से पहले तक भारतीय टीम ने कुल 24 टेस्ट खेले थे। इनमें से 12 टेस्ट हारे और इतने ही मैच ड्रॉ रहे थे। हालांकि बंटवारे (15 अगस्त 1947) से पहले जब पाकिस्तान साथ था, तब तक भारतीय टीम ने कुल 10 टेस्ट खेले थे। इसमें 6 हारे और 4 ड्रॉ रहे थे।
मौजूदा स्थिति की बात करें तो भारतीय टीम ने अब तक (12 अगस्त) कुल 599 टेस्ट मैच खेले। इसमें से 186 जीते और 188 हारे हैं। 224 मैच ड्रॉ और एक टाई रहा है। दूसरी ओर पाकिस्तान ने कुल 471 टेस्ट खेले। इसमें 153 जीते और 152 हारे हैं। 166 टेस्ट ड्रॉ रहे।
आजादी के बाद पहले टेस्ट में 4 डेब्यू
पाकिस्तान से अलग होने और आजादी मिलने के बाद भारतीय टीम ने अपनी पहली सीरीज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली थी। आजादी के ठीक 3 महीने बाद 5 टेस्ट की सीरीज का पहला मुकाबला 28 नवंबर से ब्रिस्बेन में खेला गया था।
इस मैच में भारतीय टीम के लिए 4 खिलाड़ियों हेमू अधिकारी, गोगुमल किशनचंद, खंडू रांगणेकर और जेनी ईरानी ने टेस्ट डेब्यू किया था। यह टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 226 रन से जीता था। 5 टेस्ट की सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से जीती थी।


