पाकिस्तान के स्पिनर जफर गौहर की कहानी: 50 विकेट, 500 रन, सिर्फ एक टेस्ट में मौका; अब इंग्लैंड की तरफ से खेल सकते हैं
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मिडलसेक्स के ज़फ़र गौहर ने 2015 में शारजाह में इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के लिए अपना पहला (और अब तक का एकमात्र) वनडे मैच खेला था।(फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. क्रिकेट की दुनिया में कई बार ऐसा होता है कि खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उन्हें लंबे समय तक मौके नहीं मिलते। पाकिस्तान के लेफ्ट-आर्म स्पिनर जफर गौहर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। शुरुआत में उन्हें बड़ा टैलेंट माना गया, लेकिन धीरे-धीरे वो टीम से बाहर हो गए। लेकिन जफर ने हार नहीं मानी। उन्होंने इंग्लैंड जाकर खेलना शुरू किया। यहां मिडलसेक्स के लिए अच्छा किया और खुद को फिर से साबित किया।
अब उन्हें ब्रिटिश सिटिजनशिप मिल चुकी है। जफर भविष्य में इंग्लैंड के लिए खेलना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर मौका मिला तो वो तैयार हैं।
2015 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू
गौहर ने 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। उस मैच में उन्होंने एलेक्स हेल्स और जो रूट के विकेट लिए थे। उस समय लगा कि पाकिस्तान को एक नया स्पिनर मिल गया है। लेकिन इसके बाद लगातार मौके नहीं मिले। अच्छा प्रदर्शन होने के बावजूद वो टीम से बाहर कर दिए गए।

2022 में ग्लॉस्टरशायर के लिए खेले
सबसे बड़ी बात ये रही कि उन्हें ज्यादा समय तक टीम में जगह नहीं दी गई। 2022 में ग्लॉस्टरशायर के लिए 50 विकेट लिए और 500 रन बनाए। योगदान के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया।
2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट खेलने का मौका मिला। उन्हें विकेट नहीं मिले और काफी रन भी दिए थे। दो पारियों में 34 और 37 रन बनाए। उस समय उन्हें एक अलग रोल दिया गया था। कहा गया कि वो ज्यादातर 7-8 नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे और कभी-कभी ही गेंदबाजी करेंगे। यानी उनका असली रोल ही बदल दिया गया।

करियर का ठहराव
इसके बाद उन्हें पाकिस्तान टीम में दोबारा मौका नहीं मिला। न कोई प्लान बताया गया। धीरे-धीरे उनका इंटरनेशनल करियर लगभग खत्म हो गया। अब वो उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें जल्द ही इंग्लैंड की जर्सी पहनने का मौका मिलेगा।

