डैड की तरफ से सॉरी : युवराज सिंह ने MS धोनी- कपिल देव से माफी मांगी, बोले- ये शब्द मेरे नहीं हैं, डैड को फर्क नहीं पड़ता
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स्पोर्ट्स डेस्क. पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने पहली बार अपने पिता योगराज सिंह के बयानों पर खुलकर बात की है और माफी भी मांगी है। दरअसल, योगराज सिंह समय-समय पर पूर्व कप्तान MS धोनी और 1983 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव पर कई तरह के बयान देते रहे हैं।

डैड (योगराज) के स्टेटमेंट
योगराज का कहना रहा है कि धोनी की वजह से युवराज टीम से बाहर हुए थे। साथ ही उन्होंने अपने करियर के समय कपिल देव को लेकर भी कई बातें कही थीं। हालांकि, युवराज ने इन सब पर पहले कभी कुछ नहीं बोला, लेकिन अब पहली बार सामने आकर उन्होंने इस पर रिएक्शन दिया है।

मेरी इमेज खराब होती है
एक पॉडकास्ट में युवी के निकनेम से मशहूर युवराज ने साफ कहा - मैं कपिल सर और धोनी दोनों की बहुत रिस्पेक्ट करता हूं। डैड (योगराज) के स्टेटमेंट मेरे विचार नहीं हैं। इन बातों का असर मेरी इमेज पर पड़ता है। डैड का ये सब कहना सही नहीं हैं। कपिल देव भारत के महान कप्तान रहे हैं। मैंने धोनी के साथ लंबे समय तक खेला है। मैं दोनों से माफी मांगता हूं। मैंने कई बार डैड को रोकने की कोशिश की है। वो नहीं मानते हैं।

धोनी से जुड़ा सच भी सामने आया
कुछ दिन पहले पूर्व सेलेक्टर्स संदीप पाटिल ने पहले ही साफ कर दिया था कि युवराज को टीम से बाहर करने का फैसला सिर्फ सिलेक्टर्स का था। इसमे धोनी को दोष देना गलत है।

धोनी जैसा फैसला
इस पॉडकास्ट में युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा को कप्तानी न देने पर फ्रेंचाइजी के फैसले पर सवाल उठाए हैं। SRH ने पैट कमिंस की जगह ईशान किशन को कप्तान बनाया। अभिषेक शर्मा को वाइस कैप्टेंसी की जिम्मेदारी दी गई। इस पर युवराज ने कहा- लंबे समय से टीम के साथ जुड़े प्लेयर को कप्तानी का मौका मिलना चाहिए था। इस तरह के फैसले खिलाड़ी के माइंडसेट पर असर डालते हैं। उसे निराशा हो सकती है।

धोनी कप्तान थे
युवराज ने धोनी की कप्तानी का जिक्र किया। उन्होंने कहा - 2007 में जब टीम इंडिया में सीनियर प्लेयर्स मौजूद थे। तबअचानक धोनी को कप्तान बना दिया गया था। युवराज के मुताबिक ऐसे फैसले प्लेयर्स के लिए समझना आसान नहीं होता। बाद में वही खिलाड़ी टीम के लिए हीरो बन सकता है।


