इज्जत-सहयोग न मिलना संन्यास की वजह: रिटायरमेंट के 7 साल बाद युवराज बोले- दिल बहुत परेशान था, अब सुकून है
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10 जून, 2019 को युवराज सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट लिया था। उन्होंने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया था। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर और वनडे वर्ल्ड कप 2011 के ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ युवराज सिंह ने रिटायरमेंट के 7 साल बाद इस मसले पर चुप्पी तोड़ी है। युवी ने कहा- अपने करियर के आखिर में मुझे खेलने में मजा नहीं आ रहा था। टीम मैनेजमेंट वह सम्मान और सहयोग नहीं दे रहा था, जिसका मैं शायद हकदार था। युवराज ने जून 2019 में इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया था।
किसी ने रिस्पेक्ट नहीं दिया
पूर्व टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के साथ एक पॉडकास्ट के दौरान युवी ने क्रिकेट से जुड़े कई मामलों पर खुलकर राय दी। कहा- मुझे उस वक्त खेलने में मजा नहीं आ रहा था। कोई खुशी नहीं मिल रही थी। बार-बार जेहन में यही सवाल आ रहा था कि जब मुझे इससे कोई खुशी नहीं मिल रही है तो मैं क्यों खेल रहा हूं? मुझे किसी से कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। अपनेपन का अहसास नहीं हो रहा था। तब मैंने खुद से पूछा कि ऐसी चीज से चिपके रहने का क्या फायदा जो अब आपको खुशी नहीं देती?
युवी ने आगे कहा - मैं फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से ठीक महसूस नहीं कर रहा था। अंदर से परेशान था। इसके बाद जिस दिन मैंने रिटायर होने का फैसला किया मुझे अच्छा लगने लगा, अब सुकून महसूस करता हूं।
सिद्धू पापा को इम्प्रेस करना चाहते थे
इंग्लैंड के सबसे कामयाब बॉलर्स में से एक स्टुअर्ट के एक ओवर में 6 सिक्सर लगाने वाले इस क्लासिक लेफ्ट हैंडर ने आगे कहा- करियर के शुरुआती दिनों में गेम को ठीक से समझने के लिए उम्र कम थी। मैं लगभग 13 या 14 साल का था। शायद नवजोत सिद्धू मेरे पापा को इम्प्रेस करना चाहते थे। नवजोत उस समय टीम इंडिया में थे, शायद इसलिए वो ऐसा कर रहे थे।
दरअसल, सिद्धू ने युवराज के पिता योगराज की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्हें अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहिए।
युवी ने आगे कहा- मैंने उनकी बातों को दिल पर नहीं लिया। पापा ने इसे सीरियसली लिया। उन्होंने मुझसे कहा- चलो बेटा…अब मैं तुम्हें दिखाऊंगा कि क्रिकेट कैसे खेलते हैं। यहीं से मेरा सफर शुरु हुआ।
युवराज को 2019 ODI वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली। नंबर 4 बैटिंग पोजीशन को लेकर काफी बातें हो रही थी। उन्हें अपने एक्सपीरियंस और परफॉर्मेंस की वजह से सिलेक्शन की उम्मीद थी। सिलेक्ट न होने के बाद युवी ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। IPL में युवराज का आखिरी सीजन मुंबई इंडियंस के साथ था। वहां भी उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले।
2011 वर्ल्ड कप के हीरो
युवराज सिंह 2011 वर्ल्ड कप के हीरो थे। उन्होंने टूर्नामेंट में शानदार ऑलराउंड परफॉर्मेंस दिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। करियर पीक पर था। हालांकि, वर्ल्ड कप के बाद उनकी हेल्थ खराब होने लगी। उन्हें कैंसर डिटेक्ट हुआ। अमेरिका में ट्रीटमेंट किया और किसी वॉरियर की तरह क्रिकेट में वापसी की।

2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी
युवराज ने 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कमबैक किया। 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20I में 77 रन की पारी खेली। 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ कटक ODI में 150 रन बनाए। ये उनके ODI करियर का बेस्ट स्कोर था। आखिरी इंटरनेशनल 2017 में खेला। 2019 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
युवराज सिंह का करियर
युवी ने अपने इंटरनेशनल करियर में 11,778 रन बनाए। 2007 में T20I वर्ल्ड में स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में 6 छक्के लगाए। वे 2007 T20 वर्ल्ड कप और 2011 ODI कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।

