युवी की कैंसर से जंग जीतने की कहानी: डॉक्टर ने कहा था- तुम्हारे पास कुछ महीने बचे हैं, युवराज बोले- मुझे देश के लिए खेलना है
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युवी ने अपने इंटरनेशनल करियर में 11,778 रन बनाए। 2007 में T20I वर्ल्ड में स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में 6 छक्के लगाए। वे 2007 T20 वर्ल्ड कप और 2011 ODI कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।
स्पोर्ट्स डेस्क. युवराज की जिंदगी किसी फिल्म से कम नहीं है। एक तरफ मैदान पर शानदार प्रदर्शन, दूसरी तरफ कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ाई। हाल ही में उन्होंने अपनी जिंदगी के उस मुश्किल दौर के बारे में बताया, जब डॉक्टर ने उन्हें कह दिया था कि उनके पास सिर्फ 3 से 6 महीने का समय बचा है।
2011 में तबीयत खराब हुई थी
युवराज सिंह ने ओवरलेप क्रिकेट को दिए इंटरव्यू में कहा- 2011 वर्ल्ड कप के समय वो अंदर ही अंदर बहुत बीमार थे, लेकिन फिर भी उन्होंने देश के लिए खेलना नहीं छोड़ा। उस समय वो दर्द में थे। और टीम को जीत दिलाने में बड़ा योगदान दिया। वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद उनकी तबीयत और खराब होने लगी। उन्होंने बताया कि उस समय वो अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में थे। उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिलने वाला था, जिसका वो पिछले 7 साल से इंतजार कर रहे थे। लेकिन तभी उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।

युवराज ने कहा आगे कहा- डॉक्टर ने उन्हें साफ शब्दों में बताया कि उनके दिल और फेफड़ों के बीच ट्यूमर है। अगर वो तुरंत इलाज नहीं करवाते, तो उनके पास सिर्फ 3 से 6 महीने ही बचे हैं। ये सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
उस वक्त युवराज ने सोचा कि जिंदगी में अब क्या करना है। उन्होंने इलाज के लिए अमेरिका जाने का फैसला किया। वहां जाकर उन्हें ये भी बताया गया कि शायद वो दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। ये बात उनके लिए और भी ज्यादा मुश्किल थी, क्योंकि क्रिकेट ही उनकी पहचान था। इलाज के दौरान उनका मेंटल टेंशन काफी बड़ा था। वो खुद को समझा नहीं पा रहे थे कि अगर क्रिकेट नहीं खेल पाए तो वो क्या करेंगे। लेकिन युवी ने हार नहीं मानी। वो लगातार पुराने मैचों की वीडियो देखते रहते थे, जिससे उन्हें मोटिवेशन मिलता था।
सचिन-कुंबले साथ दिया
युवी इलाज के दौरान वह पुराने क्रिकेट वीडियो देखते रहते थे। तभी अनिल कुबले अमेरिका आए और उन्होंने लैपटॉप बंद करके कहा- अपनी सेहत पर ध्यान दो, क्रिकेट वीडियो देखना बंद करो। इसके अलावा सचिन तेंदुलकर उनसे मिलने इंग्लैंड आए थे। डॉक्टर Dr. Lawrence Einhorn ने उन्हें हिम्मत दी और कहा कि तुम ठीक होकर इस अस्पताल से बाहर जाओगे और दोबारा कैंसर नहीं होगा।
इसके बाद वह जहीर खान के साथ फ्रांस के ब्रिव नाम की जगह पर दो महीने तक फिटनेस ट्रेनिंग करने गए। वहां कड़ी मेहनत की, खुद को फिट किया।

2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी
युवराज ने 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कमबैक किया। 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20I में 77 रन की पारी खेली। 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ कटक ODI में 150 रन बनाए। ये उनके ODI करियर का बेस्ट स्कोर था। आखिरी इंटरनेशनल 2017 में खेला। 2019 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
युवराज सिंह का करियर
युवी ने अपने इंटरनेशनल करियर में 11,778 रन बनाए। 2007 में T20I वर्ल्ड में स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में 6 छक्के लगाए। वे 2007 T20 वर्ल्ड कप और 2011 ODI कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।

