मैं उपकप्तान था, पता नहीं धोनी कहां से आ गए: कप्तानी को लेकर युवराज बोले- किस्मत में लिखा है वही होगा
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स्पोर्ट्स डेस्क. सिक्सर किंग युवराज सिंह ने अपनी कप्तानी को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 2007 के दौर में वो टीम इंडिया के उपकप्तान थे। उन्हें कप्तान बनना था, लेकिन पता नहीं कहां से महेंद्र सिंह धोनी आ गए और पूरा मामला ही गड़बड़ हो गया। उन्हें कप्तानी मिल गई।
युवी ने यह बात स्पोर्ट्स तक से कही है। उन्होंने कहा कि जो किस्मत में लिखा होता है वही होकर रहता है। किसी को कप्तान बनना है तो वही होगा भी।
पता नहीं धोनी कहां से आ गए
दरअसल, IPL में ईशान किशन को सनराइजर्स हैदराबाद टीम की कप्तानी मिली है। अभिषेक शर्मा को मौका नहीं मिला। इसी मामले पर बात करते हुए युवी ने अपने मन की बात कही।
उन्होंने कहा- जब में भारतीय टीम में उपकप्तान था, तब टीम में हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे सीनियर भी थे। यह बात 2007 की है, जब पता नहीं धोनी कहां से आए और कप्तान बन गए। वजह जो भी हो। मेरा मतलब है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट से भारतीय टीम का कप्तान तय नहीं होना चाहिए।

नजरअंदाज किया जाए तो निराशा होती है
युवी बोले- शायद उस वक्त भी सिलेक्टर्स को लगा होगा कि धोनी ही भारतीय टीम की कप्तानी के लिए सही हैं। यदि किसी की किस्मत में कप्तान बनना और कमाल करना लिखा है तो वह होकर रहेगा। इसमें कोई शक नहीं कि हर प्लेयर के लिए टीम को जिताना जरूरी होता है, लेकिन प्लेयर के नजरिए से देखें तो जब कोई सालों से अच्छा कर रहा हो और उसे नजरअंदाज किया जाता है तब निराशा होती है।
इस तरह धोनी कप्तान बने
धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। 2007 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी, तब धोनी को टी20 फॉर्मेट की कप्तानी सौंपी गई। धोनी की कप्तानी में ही भारतीय टीम ने पहला टी20 वर्ल्ड कप 2007 खेला और जीता भी।
इसी टी20 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में 6 छक्के भी लगाए थे। फिर धोनी को वनडे और टेस्ट कप्तानी की कप्तानी भी मिली।

