वे झूठ बोल रहे हैं : 1996 वर्ल्ड कप मैच पर अकरम ने चुप्पी तोड़े, बोले- चार इंजेक्शन लेने के बाद भी दर्द था, कैसे खेल सकता था
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स्पोर्ट्स डेस्क. वसीम अकरम ने 1996 वर्ल्ड कप में इंडिया के खिलाफ खेले गए क्वार्टर फाइनल मैच को लेकर चल रही पुरानी अफवाहों पर पहली बार बात की है। उन्होंने कहा है कि कुछ पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी आज भी टीवी पर आकर उन पर झूठे आरोप लगाते हैं और हार का सारा दोष उन पर डालते हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही है।
इल्जाम वसीम पर डाल देते हैं
अकरम ने एक चैनल पर कहा- भारत के खिलाफ 1996 वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल मैच से मैंने आखिरी समय पर नाम वापस लिया था। मैं उस समय इंजरी से जूझ रहा था।भारत के खिलाफ इस मैच से पहले पाकिस्तान का एक मैच न्यूजीलैंड के साथ लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुआ था। उस मैच में डियोन नैश की बाॅल पर स्वीप शॉट खेलने के दौरान उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। डॉक्टरों ने बताया था कि इस चोट को ठीक होने में 6 से 8 हफ्ते लगेंगे।

मैं उस टाइम पाकिस्तान का कप्तान था और हम इंडिया के खिलाफ खेल रहे थे। कोई कप्तान आखिरी समय पर क्यों हटेगा? यह बात मेरी समझ से बाहर है।इस लेफ्ट आर्म पेसर ने खुलासा किया कि भारत से हार के बाद उनके टीम मेट्स ने आपस में तय किया कि हार का सारा दोष कप्तान पर डाल दिया जाए, ताकि बाकी खिलाड़ी बच सकें। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद खिलाड़ियों को यह कहते हुए सुना था कि चलो, सारा इल्जाम उसी पर डाल देते हैं।
अकरम ने आगे कहा- मैच के दिन मैंने दर्द कम करने के लिए चार इंजेक्शन लिए थे, ताकि खेल सकूं। लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि वे बॉलिंग करने की हालत में नहीं थे। उन्होंने साफ कहा कि जो भी खिलाड़ी आज तक उन्हें उस हार का जिम्मेदार बता रहे हैं। वे सभी झूठ बोल रहे हैं। ऐसा माहौल बना दिया गया जैसे पाकिस्तान सिर्फ इसलिए हार गया क्योंकि मैं नहीं खेला। यह गली क्रिकेट नहीं है कि आखिरी समय पर कोई आ-जा सके।

रवि शास्त्री से अच्छी दोस्ती
अकरम ने भारत के पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री को अपना सबसे अच्छा और पुराना दोस्त बताया। मैदान पर वे शास्त्री को खूब स्लेज करते थे, लेकिन मैदान के बाहर दोनों अच्छे दोस्त थे। इस लेफ्ट आर्म पेसर ने सुनील गावस्कर और हर्षा भोगले का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके शुरुआती कमेंट्री कॅरियर में काफी मदद की।


