क्या अपने ही देश में ओलंपिक नहीं देख पाएंगे ट्रम्प: US ने एंटी डोपिंग एजेंसी का पेमेंट रोका; क्या कीमत चुकानी होगी? यहां जानिए
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स्पोर्ट्स डेस्क. लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की मेजबानी अमेरिका करने वाला है। जरा सोचिए, अगर अमेरिका में ओलंपिक गेम्स हों, और वहीं का राष्ट्रपति इनॉगरेशन सेरेमनी में शामिल न हो पाए तो? इसकी क्या वजह हो सकती है? चलिए हम आपको इसी सवाल का जवाब देते हैं।
हालांकि, पहले ये समझना जरूरी है कि इस मामले की जड़ में वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) और अमेरिका के बीच जारी पुराना विवाद है।

बात क्या हो रही है?
ट्रम्प सहित अमेरिकी ऑफिशियल की एंट्री पर रोक लगाने की बात हो रही है। WADA की मीटिंग में तय हुआ कि इस रुल पर सितंबर में बात होगी। यानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बाद ही कोई फैसला आएगा।
हालांकि, अगर बाद में ये रूल पास हो जाता है तो इसका असर 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर पड़ सकता है। उस सिचुएशन में अमेरिका WADA के ड्यूज या फीस क्लीयर नहीं करता है तो ट्रम्प और दूसरे ऑफिशियल का नाम बैन लिस्ट में आ सकता है।
अमेरिका और WADA विवाद क्या है?

इससे पहले WADA को समझना होगा।
ये एक इंटरनेशनल स्पोर्ट्स रेग्युलेटरी बॉडी है। 140 इसके मेंबर हैं। इनका खेल में डोपिंग को रोकना है। ये रुल बनाता है और प्लेयर्स को इनके बारे में बताता है।
कंट्रोवर्सी कहा से शुरू हुई
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 14 से 30 जुलाई 2028 तक अमेरिका में होंगे। 5वीं बार अमेरिका होस्ट कर रहा है। असली कंट्रोवर्सी यहीं से शुरू होती है। अमेरिका ने 2023 के बाद से WADA की फीस नहीं दी है। 2024 और 2025 में भी पेमेंट रोकी गई। यह फैसला ट्रम्प और उनके पहले प्रेसिडेंट रहे जो बाइडेन दोनों के समय हुआ।
2 साल में अमेरिका ने करीब 7.3 मिलियन डॉलर नहीं दिए। इसकी वजह, चीन के स्विमर्स से जुड़ा डोपिंग केस है। असल में WADA के फैसले से अमेरिका नाराज था। अमेरिका का कहना था कि WADA पूरी तरह ईमानदार नहीं है। इस केस में सही तरीके से एक्शन नहीं लिया गया है।

टोक्यो ओलंपिक 2021 का मामला
2021 में 23 चीनी स्विमर्स का डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आया। चीन ने दावा किया कि यह खाने में मिलावट के कारण गलती से हुआ था। WADA ने यह दलील मान ली। सभी एथलीटों कम्पीट करने की मंजूरी दे दी गई। ये जानकारी 2024 में सामने आई थी। इसके बाद अमेरिका नाराज हुआ और उसने WADA की फंडिंग रोक दी।
WADA के नए रुल्स में क्या होगा
अब WADA एक नया नियम लाने की सोच रहा है। इसमें कहा जा सकता है कि जो देश फीस नहीं देंगे उनके गवर्नमेंट ऑफिशल्स इनॉगरेशन और बाकी सेरेमनीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। अब अगर ये रूल एप्लीकेबल होता है तो इस सिचुएशन में ट्रम्प समेत कई अधिकारी ओलंपिक में आधिकारिक तौर पर शामिल नहीं हो पाएंगे।
हालांकि, WADA ने इस पर फैसला अभी टाल दिया है। अब सितंबर में इस पर बात होगी। यह फैसला फीफा विश्व कप 2026 के बाद लिया जाएगा। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको मिलकर होस्ट करेंगे।

पहले क्या ऐसा बैन देखने को मिला है
डोपिंग केस में पहले भी एक्शन लिया गया है। रूस को बड़े डोपिंग स्कैंडल के बाद बैन किया गया था। प्लेयर्स को अपने झंडे के बिना खेलना पड़ा था। किसी देश के राष्ट्रपति या अधिकारियों को रोकने का मामला पहले नहीं देखा गया है।

क्या ट्रम्प को रोक पाना पॉसिबल है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या WADA सच में ट्रम्प को रोक सकता है। ऐसा करना आसान नहीं है। WADA के पास इतनी ताकत नहीं है कि वो किसी देश के राष्ट्रपति को कहीं आने से रोक सके। हालांकि, फिर भी किरकिरी होना तो तय है।


