लोग मुझसे जलते हैं: रहाणे के इस कमेंट पर वीरू बोले- अमिताभ और सचिन से कुछ सीखो
Published: Updated:
3 min read

स्पोर्ट्स डेस्क. इस IPL 2026 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान अजिंक्य रहाणे अपने स्ट्राइक रेट को लेकर ट्रोल हो रहे हैं। उनकी काफी आलोचना हो रही है। इसी बीच रहाणे ने कहा कि लोग उनसे जलते हैं या शायद लोगों को उनका खेलना पसंद नहीं आ रहा है। इस कमेंट पर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें सलाह दी है।
सहवाग का कहना है - रहाणे को आलोचकों को जवाब देने से बचना चाहिए। शांत रहना चाहिए। इस भारतीय प्लेयर को सचिन तेंदुलकर और एक्टर अमिताभ बच्चन से कुछ सीखना चाहिए।
एंडुलकर भी लिखा था
वीरू के नाम से मशहूर सहवाग ने कहा- प्लेयर को तारीफ और आलोचना दोनों में एक जैसा रहना चाहिए। अगर कोई सवाल उठाता है तो उसका जवाब देने की जरूरत नहीं होती। अमिताभ बच्चन जैसे बड़े स्टार ने कभी अपने आलोचकों को जवाब नहीं दिया। वहीं सचिन तेंदुलकर को भी एक अखबार ने एंडुलकर तक लिख दिया था। उन्होंने भी कोई रिएक्शन नहीं दिया था।

अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान दो
सहवाग ने कहा - अगर प्लेयर जवाब देता है तो असल में आलोचकों की जीत होती है, इसलिए बेहतर है कि अपने गेम पर फोकस किया जाए। हालांकि, सहवाग ने रहाणे का सपोर्ट भी किया। उन्होंने कहा - एक मैच में थोड़ा स्लो खेलने का मतलब ये नहीं कि प्लेयर खराब है। विराट कोहली भी स्ट्राइक रेट को लेकर कई बार आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। आंकड़े खुद जवाब देते हैं, इसलिए प्लेयर्स को अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान देते रहना चाहिए।
हाल ही में रहाणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्रिटिक्स को जवाब दिया था। रहाणे ने कहा था- जो लोग मेरे स्ट्राइक रेट पर सवाल कर रहे हैं। वे या तो क्रिकेट समझते ही नहीं हैं या फिर मेरे खिलाफ कोई एजेंडा चला रहे हैं।

बेकार की बातें करते हैं
रहाणे ने कहा - 2023 से मेरा स्ट्राइक रेट काफी अच्छा रहा। जो लोग मेरे बारे में बात कर रहे हैं। लगता है वो मैच नहीं देख रहे या फिर बस बेकार की बातें कर रहे हैं। शायद मेरा खेलना उन्हें पसंद नहीं आ रहा है। ये लोग मुझसे जलते हैं। फिन एलन के साथ मेरी पार्टनरशिप काफी अच्छी रही। पावरप्ले में आपको बिना डरे खुलकर खेलना पड़ता है। स्ट्रगल भी होता है। वो भी ठीक है।
मुझे फर्क नहीं पड़ता
कप्तान रहाणे ने कहा - मेरा इरादा बिल्कुल साफ था। कभी-कभी बैटर को लय नहीं मिलती। ये बिल्कुल नॉर्मल है। जो लोग बातें कर रहे हैं वो खेल समझ नहीं पा रहे हैं। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मैं अपने गेम में इतना सुधार कर पाऊंगा। मुझे फर्क नहीं पड़ता वो अच्छा बोलें या बुरा। कम से कम मेरे बारे में बात तो कर रहे हैं।


