तू चिंता मत कर, मैं हूं ना: ये कहकर युवराज ने जड़ दिए 5 छक्के, रीतिंदर ने सुनाया अंडर-19 वर्ल्ड कप का किस्सा
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अंडर 19 में युवराज ने ऑस्टेलिया के खिलाफ 58 रन की पारी में 5 छक्के और 5 चौके लगाए।
स्पोर्ट्स डेस्क.अंडर-19 वर्ल्ड कप का रोमांच चल रहा है और इसी बहाने भारत की जूनियर क्रिकेट की सुनहरी यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। भारत की अंडर-15 और अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के अहम खिलाड़ी रहे रीतिंदर सिंह सोढ़ी ने उस दौर के कई यादगार किस्से साझा किए हैं। इनमें सबसे खास किस्सा है युवराज सिंह की वो तूफानी पारी, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 छक्के जड़कर दुनिया को अपनी ताकत दिखा दी थी।
अंडर 19 के उपकप्तान थे
रीतिंदर ने एक इंटरव्यू में कहा- साल 2000 अंडर-19 वर्ल्ड कप में वह भारतीय टीम के उपकप्तान थे। इससे पहले 1996 में उन्होंने अंडर-15 वर्ल्ड कप में भारत को कप्तानी में खिताब दिलाया था। वर्ल्ड कप जीतने के बाद एक विदेशी पत्रकार ने उनसे कहा था कि अगर 2003 के सीनियर वर्ल्ड कप फाइनल में भी वह प्लेयर ऑफ द मैच बन जाएं तो यह एक अनोखी हैट्रिक होगी। हालांकि चोटों के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका।

युवी ने 58 रन पारी खेली
सोढ़ी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल का जिक्र करते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में युवराज सिंह ने ऐसी बल्लेबाजी की थी, जो कोई नहीं भूल सकता। जब युवराज बल्लेबाजी करने आए, तब भारत का स्कोर ठीक-ठाक था, लेकिन युवराज ने आते ही गेंदबाजों पर अटैक कर दिया दिया। उन्होंने 58 रन की पारी में 5 छक्के और 5 चौके लगाए। गेंदें स्टेडियम की टीन की छत तक जा रही थीं । युवराज ने डगआउट में मुझसे कहा था, तू चिंता मत कर, मैं हूं ना। और फिर जो हुआ, वह इतिहास बन गया। युवराज की इस पारी के बाद भारत ने 284 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को 170 रन से हरा दिया। मैच के बाद ऑस्ट्रेलिया के कोच रोडनी मार्श ने भी युवराज की पीठ थपथपाई।

हरभजन और कैफ बचपन के दोस्त
फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 178 रन पर रोक दिया गया। सोढ़ी और मोहम्मद कैफ ने 10-10 ओवर गेंदबाजी की। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत थोड़ी मुश्किल में जरूर आया लेकिन आखिरकार टीम ने वर्ल्ड कप जीत लिया। जीत के बाद सभी खिलाड़ी बच्चों की तरह खुशी मना रहे थे। सोढ़ी कहते हैं कि जूनियर क्रिकेट ने उन्हें सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि जिंदगी भर की दोस्ती दी। युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, हरभजन सिंह जैसे साथी आज भी एक-दूसरे के साथ मजबूती से जुड़े हैं।

अंडर 15 वर्ल्ड कप फाइनल
अंडर-15 वर्ल्ड कप का फाइनल पाकिस्तान के खिलाफ था, जिसमें शोएब मलिक और कामरान अकमल जैसे खिलाड़ी शामिल थे। भारत की जीत के बाद इंग्लैंड में मौजूद दर्शकों ने जमकर जश्न मनाया। भारत लौटने पर टीम को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलने का मौका मिला, जो किसी सपने से कम नहीं था।टीम के कोच रोजर बिन्नी थे, जो 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रह चुके हैं। सोढ़ी बताते हैं कि बिन्नी कम बोलते थे लेकिन खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा करते थे। एक बार चोट के बावजूद उन्होंने सोढ़ी को खेलने का मौका दिया और सोढ़ी ने 74 रन बनाए और 2 विकेट भी लिए।

