ईशान अब बदल चुका है: किशन बोले- पहले की तरह हमेशा मजाक-मस्ती नहीं करता, मेंटली स्ट्रॉन्ग होना बहुत जरूरी
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नामीबिया के खिलाफ भारत की 93 रन की बड़ी जीत में ईशान ने 24 गेंद में 61 रन बनाए थे।
स्पोर्ट्स डेस्क. टी20 वर्ल्ड कप में शानदार वापसी करने वाले ईशान किशन ने हाल ही में अपने बदले हुए सोच और खेल के बारे में बात की। नामीबिया के खिलाफ भारत की 93 रन की बड़ी जीत में ईशान ने 24 गेंद में 61 रन बनाए थे। इस पारी के बाद उन्होंने बताया कि 2 साल टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने खुद में बड़ा बदलाव किया है।
बदला हुआ सोच और रवैया
किशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- अब मैं पहले जैसा नहीं रहा। पहले हमेशा मजाक-मस्ती करता रहता था। अब वक्त और एनर्जी सिर्फ क्रिकेट पर फोकस रहते हैं। अब दिनभर मजाक नहीं करता, कुछ वक्त ही हल्की-फुल्की बात करता हूं। बाकी वक्त बैटिंग और कीपिंग पर फोकस करता हूं। टीम से बाहर रहना मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन इसने मुझे बहुत मजबूत इनसान बना दिया। अगर इंटरनेशनल क्रिकेट में टिकना है तो खेल के साथ-साथ मेंटली स्ट्रॉन्ग होना जरूरी है।किशन की यह वापसी बेहद खास रही है। उन्होंने छह मैचों में दो अर्धशतक और एक शतक लगाया है। ईशान ने आगे कहा- यह सफलता सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी की वजह से नहीं आई। बिना सोचे-समझे बड़े शॉट नहीं लगाता, बल्कि सोच-समझकर खेलता हूं। मैं सिंगल भी लेता हूं, अच्छी गेंदों को डिफेंड भी करता हूं।
खेल में धैर्य
किशन का कहना है कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की शैली में बहुत बड़ा बदलाव नहीं किया, बल्कि सिर्फ अपने सोचने के तरीके को बदला है। अब वह गेंद को देखकर खेलते हैं और जरूरत के अनुसार शॉट लगाते हैं। उनका मानना है कि इंटरनेशनल लेवल पर ज्यादा उत्साह कभी-कभी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए संयम बहुत जरूरी है। उन्होंने मजाक में कहा कि क्रिकेट के अलावा बाकी सब चीजें अब दूसरे नंबर पर हैं, खासकर गौतम भाई के सामने।
15 फरवरी को पाकिस्तान से मुकाबला
नामीबिया के खिलाफ उनकी तेज पारी की वजह से भारत ने 209 रन का बड़ा स्कोर बनाया। उनकी आक्रामक शुरुआत ने बाकी बल्लेबाजों के लिए राह आसान कर दी। इंडिया का अगला मुकाबला पाकिस्तान से 15 फरवरी को कोलंबो में होगा।

