आज देश के लिए मैच खत्म किया: सैमसन बोले - कोहली- रोहित से सीखा; विंडीज के खिलाफ 97 रन की नाबाद पारी खेली
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स्पोर्ट्स डेस्क. मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले। मैंने डगआउट में बैठकर बहुत कुछ सीखा है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे प्लेयर्स को खेलते देखा है। दोनों जानते हैं मैच कंडीशन को देख कर कैसे खेलना है। इन्हीं दोनों से मैच फिनिश करना सीखा।
ये शब्द चेट्टा (Chetta) के निक नेम से मशहूर संजू सैमसन के हैं। संजू केरल के रहने वाले हैं और मलयालम बोलते हैं। मलयालम में चेट्टा शब्द का अर्थ बड़ा भाई (elder brother) होता है।
संजू वही प्लेयर है जिसे T20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज में खराब परफॉर्मेंस के लिए क्रिटिसाइज किया गया। इसके बावजूद संजू ने हार नहीं मानी। सब्र रखकर सही मौके का इंतजार किया।
स्पेशल 97
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सुपर-8 के मुकाबले में टीम इंडिया ने 196 रन का टारगेट 5 विकेट खोकर हासिल किया। यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन। उन्होंने 50 गेंद में नाबाद 97 रन बनाए।
वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 195 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जल्दी आउट हो गए। ऐसे समय में सैमसन ने रेस्पोंसिबल इनिंग खेली। सैमसन ने 4 छक्के और 12 चौके लगाए। आखिर में उन्होंने एक छक्के और एक चौके के साथ मैच खत्म किया। जीत के बाद वह घुटनों पर बैठ गए। आसमान की तरफ देखकर शुक्रिया अदा किया।
सेंचुरी की नहीं, जीत की अहमियत
प्लेयर ऑफ द मैच सैमसन ने कहा- ये दिन सच में मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैंने अपने देश के लिए खेलने का सपना देखा था। मैं इस समय का इंतजार कर रहा था। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मेरा सफर आसान नहीं रहा। इसमें कई उतार-चढ़ाव आए। कई बार मुझे खुद पर शक हुआ। मुझे लगा कि क्या मैं कर पाऊंगा। यहां तक पहुंच भी पाऊंगा ? मैंने खुद पर यकीन रखा। ऊपर वाले का शुक्र है कि मुझे ये दिन देखने को मिला। मैं बहुत खुश हूं।

मैंने RO-KO से सीखा
सैमसन ने कहा- मैं ये फॉर्मेट काफी समय से खेल रहा हूं। मैंने करीब 10 से 12 साल तक IPL खेला। पिछले 10 साल से टीम से जुड़ा हुआ हूं। भले ही मुझे हर मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन मैंने डगआउट में बैठकर बहुत कुछ सीखा। विराट कोहली और रोहित शर्मा को करीब से देखा। बड़े खिलाड़ी कैसे मैच खत्म करते हैं। कैसे वे सिचुएशन के हिसाब से अपने गेम को ढालते हैं। दोनों ने मुझे सिखाया है।
आज सबसे अच्छा दिन
सैमसन ने कहा- मैंने भले ही 50 या 60 मैच खेले हों, लेकिन 100 मैच करीब से देखे हैं। इससे मुझे बहुत मदद मिली। पिछले मैच में हम पहले बैटिंग कर रहे थे। सोच था कि बड़ा स्कोर बनाया जाए। इसलिए मेरा इरादा पहली बॉल से ही बड़े स्ट्रोक्स खेलने का था।
ये मैच अलग था। जैसे ही मैंने तेज खेलने के बारे में सोचा विकेट गिरने लगे। फिर मैंने पार्टनरशिप बनाने पर फोकस किया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कुछ खास कर पाऊंगा। मैंने बस अपना रोल निभाया। हर बॉल पर फोकस करने की कोशिश की।

मैं फैंस के बारे में सोचता हूं
फैंस मुझे बहुत एनर्जी देते हैं। मेरे मन में यह बात थी कि अगर मैंने आज स्कोर नहीं किया तो क्या होगा। जब भी ये ख्याल मेरे मन में आया। बस बॉल को देखा।
प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिली थी
T20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले ईशान किशन की वापसी ने संजू के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में संजू फॉर्म में नहीं थे। इसका रिजल्ट क्या निकला ? टीम मैनेजमेंट ने T20 वर्ल्ड कप में ईशान के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक को दी। ऐसा लगा जैसे सैमसन के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं। हालांकि, आज वो जीत के हीरो बने।

कमबैक हो तो सैमसन जैसा
संजू को T20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में बेंच पर बैठाया गया था। फिर उन्हें नामीबिया के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच में खेलने का मौका मिला। वहां उन्होंने 8 गेंद में 22 रन बनाया। इसके बाद अभिषेक की वापसी हुई । संजू को प्लेइंग XI से बाहर कर दिया गया। फिर भी टीम इंडिया की बैटिंग की कमजोरियां फिर से सामने आ गईं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 मैच ने टीम की बैटिंग खराब रही।
इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने एक और बदलाव करते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू को मौका दिया। संजू ने इस मौके को सही साबित किया। जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंद में 24 रन बनाए ।
संजू वॉरियर हैं
फिर आया करो या मरो वाला मैच जिसमें टीम इंडिया का सामना वेस्ट इंडीज से हुआ। वही वेस्ट इंडीज टीम जिसने 2016 T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंडिया को बाहर कर दिया था। वही वेस्ट इंडीज जो इस वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में हारी नहीं थी। इंडिया और वेस्ट इंडीज में से जो जीतेगा वो सेमीफाइनल में पहुंचेगा। ऐसे में संजू ने इंडिया को सेमीफाइनल तक पहुंचाया।

