T20 वर्ल्ड कप का शेड्यूल पहले से तय : आकाश चोपड़ा बोले- किसको पता था कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम हार जाएगी
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ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया था।
स्पोर्ट्स डेस्क. टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि टूर्नामेंट का ग्रुप इस तरह बनाया गया है, जिससे भारत को फायदा मिले। इन आरोपों पर पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने कहा- ऐसी बातें फिजूल हैं।
क्यों उठे सवाल
टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 का शेड्यूल किया गया। इस बार एक दिलचस्प स्थिति सामने आई। ग्रुप स्टेज में जो टीमें अपने-अपने ग्रुप में पहले नंबर पर रहीं। भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे उन्हें सुपर 8 के ग्रुप 1 में रखा गया।
वहीं, जो टीमें दूसरे नंबर पर रहीं न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका उन्हें ग्रुप 2 में जगह मिली। इस को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि इससे पहली पायदान पर रहने वाली दो मजबूत टीमें सेमीफाइनल से पहले ही बाहर हो सकती हैं। जबकि दूसरे नंबर पर रही टीमों के लिए सेमीफाइनल में पहुंचना थोड़ा आसान हो सकता है। आम तौर पर खेल में ग्रुप जीतने वाली टीम को इनाम के तौर पर आसान रास्ता मिलता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं दिख रहा।
दो देशों में हो रहा है टूर्नामेंट
यह टूर्नामेंट दो देशों भारत और श्रीलंका में खेला जा रहा है। पाकिस्तान की टीम भारत में मैच खेलने नहीं आएगी। ऐसे में कार्यक्रम बनाने वालों के सामने बड़ी चुनौती थी। भारत को अपने सभी मैच भारत में खेलने हैं, जबकि श्रीलंका और पाकिस्तान को श्रीलंका में ही खेलना है।
इस पर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा- श्रीलंका और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखना जरूरी था। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो मैचों का आयोजन करना मुश्किल हो जाता।
आकाश ने सोशल मीडिया पर चल रही बातों को खारिज करते हुए कहा- कुछ लोग बिना सोचे-समझे आरोप लगा रहे हैं। अगर भारत को फायदा पहुंचाना ही मकसद होता तो दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को भारत के ग्रुप में क्यों रखा जाता?
उन्होंने कहा- यह कहना गलत है कि ग्रुप 1 कमजोर है। ऑस्ट्रेलिया हार जाएगा, यह पहले से किसे पता था? जिम्बाब्वे ने भी अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। इसलिए किसी भी ग्रुप को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
पहले भी हो चुका है ऐसा
चोपड़ा ने यह भी बताया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी कई टी20 वर्ल्ड कप में ऐसा फॉर्मेट अपनाया गया है। उन्होंने 2012 के टी20 वर्ल्ड कप का उदाहरण दिया, जहां ग्रुप स्टेज में पहले नंबर पर रहने वाली टीमें एक ही सुपर 8 ग्रुप में थीं। उन्होंने समझाया कि टूर्नामेंट का फॉर्मेट पहले से तय होता है और इसमें कोई नई या खास बात नहीं है। इसलिए इसे किसी साजिश या भेदभाव होने से जोड़ना ठीक नहीं है।

