जब 18 साल के तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 114 रन बनाए: रूममेट आमरे ने बताया 1992 पर्थ टेस्ट का किस्सा, बोले- पिच खतरनाक थी
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सचिन सिर्फ 18 साल के थे। उन्होने क्रेग मैकडरमॉट, मर्व ह्यूज और पॉल राइफल जैसे पेसर का सामना किया।
स्पोर्ट्स डेस्क. पूर्व क्रिकेटर और सचिन तेंदुलकर के टीममेट रह चुके प्रवीण आमरे ने कहा कि 1992 के पर्थ टेस्ट में तेंदुलकर की सेंचुरी उनकी सबसे अच्छी टेस्ट पारियों में से एक थी। आमरे 1992 के पर्थ टेस्ट में टीम इंडिया के 12वें खिलाड़ी थे। साथ ही सचिन के रूममेट भी थे। यह मैच पर्थ के वाका स्टेडियम में खेला गया।
खतरनाक विकेट और सचिन
आमरे ने बताया - पिच में इतनी बड़ी दरारें थीं कि सचिन ने मजाक में अपना बैट एक दरार में खड़ा कर दिया। इसके बाद बैट सीधा खड़ा हो गया। पिच बैटिंग के लिए बिल्कुल आसान नहीं थी। बॉल कहीं भी जा सकती थी। सचिन सिर्फ 18 साल के थे। उन्होने खतरनाक बॉलिंग अटैक के सामने 114 रन की अच्छी पारी खेली थी। उनके सामने क्रेग मैकडरमॉट, मर्व ह्यूज और पॉल राइफल जैसे पेसर थे।
आमरे ने कहा कि इतनी मुश्किल सिचुएशन में सचिन ने मैच्योरीटी के साथ खेला। उनके मुताबिक, पर्थ में ये सेंचुरी अब तक की सबसे अच्छी टेस्ट पारियों में से एक है।
ऑस्ट्रेलिया में सचिन का पहला टेस्ट टूर
ये ऑस्ट्रेलिया में सचिन तेंदुलकर का पहला टेस्ट टूर था। उन्होने 5 टेस्ट की सीरीज में 9 पारियों में 368 रन बनाए। एवरेज 46.00 रहा। 2 शतक लगाए। बेस्ट स्कोर 148 नॉट आउट रहा। वे तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर थे। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 4-0 से जीत ली थी।
ऑस्ट्रेलिया में सचिन का रिकॉर्ड
तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया में कुल 20 टेस्ट मैच खेले। 1809 रन बनाए। एवरेज 53.20 रहा। इस दौरान 6 सेंचुरी और 7 अर्धशतक लगाए। ऑस्ट्रेलिया में उनका बेस्ट टेस्ट स्कोर 241 नॉट आउट रहा।

