RR बिकने से शेन वॉर्न की फैमिली नेटवर्थ डबल: 17 साल पहले टीम में 0.75% हिस्सेदारी ली, 4 साल में शेयर 3% पहुंचा, अब 460 करोड़ प्रॉफिट
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राजस्थान रॉयल्स ने IPL के पहले ही सीजन (2008) में खिताब अपने नाम किया था। उस समय टीम के कप्तान शेन वॉर्न थे। 4 मार्च 2022 को 52 साल की उम्र में शेन वॉर्न का निधन हो गया। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की हालिया वैल्यूएशन करीब 15,000 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है। हाल ही में फ्रेंचाइजी की जॉइंट ओनरशिप काल सोमानी ने हासिल की है। इस मेगा डील के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वाॅर्न काे 460 करोड़ रुपए का फायदा हुआ। दरअसल, 17 साल पहले लिए एक अहम फैसले से आज शेन वॉर्न की फैमिली की संपत्ति दोगुनी हो गई है। 4 मार्च 2022 को 52 साल की उम्र में हार्ट अटैक से शेन वॉर्न का निधन हो गया था। ऐसे में प्रॉफिट शेयर उनकी फैमिली को जाएगी।
वॉर्न ने शेयर लिया
वॉर्न ने एक फिक्स अमाउंट पर रहने के बजाय हर सीजन खेलने के बदले 0.75% शेयर लेने का फैसला किया। उस समय यह फैसला छोटा लग रहा था, लेकिन आगे चलकर यही उनकी सबसे बड़ी समझदारी साबित हुई। शेन वॉर्न ने 2019 में एक इंटरव्यू में कहा था- 400 मिलियन डॉलर का 3% भी बुरा नहीं है। हालांकि, आज शेन वॉर्न दुनिया में नहीं है, लेकिन हिस्सेदारी की कीमत उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा हो चुकी है।

4 साल टीम के साथ रहे थे
4 सालों तक टीम के साथ जुड़े रहने के दौरान उनका कुल शेयर 3% तक पहुंच गया। इसी दौरान 2008 में उन्होंने टीम को चैंपियन बनाया था। यह आज भी आईपीएल की सबसे यादगार जीतों में गिनी जाती है। अब 2026 में, जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है, तो वॉर्न की वही 3% हिस्सेदारी लगभग 450–460 करोड़ रुपए के बराबर आंकी जा रही है।

अब समझिए कैसे डबल हुई वॉर्न की फैमिली नेट वर्थ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2022 में निधन के समय वॉर्न की नेट वर्थ 20.7 मिलियन डॉलर (करीब 170 करोड़ रुपए) थी। इस डील के बाद उनकी संपत्ति 91% तक बढ़ गई है, यानी यह लगभग डबल हो गई है। आज उनके शेयर की वैल्यू 50 गुना से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। बता दें कि आईपीएल 2008 में वॉर्न की सैलरी करीब 9 करोड़ रुपए थी।

RR खरीदने वाले काल सोमानी
काल सोमानी अमेरिका में रहने वाले एक बिजनेसमैन हैं। इनका संबंध भारत से है। उन्होंने टेक्नोलॉजी सेक्टर पहचान बनाई है। इन्ट्राऐज नाम की कंपनी चलाते हैं। ये कंप्यूटर और IT सेक्टर का बड़ा नाम है। इसके अलावा भी उनकी कई कंपनियां हैं। सोमानी ने Truyo नाम की एक और कंपनी भी बनाई है। ये लोगों के डेटा को सेफ रखने का काम करती है।

सोमानी बड़े इन्वेस्टर हैं। उन्होंने अपस्टोक्स जैसी कंपनी में पैसा लगाया है, जहां लोग ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। राजस्थान रॉयल्स में सोमानी अकेले स्टेक होल्डर नहीं हैं। उनके साथ कुछ और भी लोग शामिल हैं। इनमें रॉब वॉल्टन भी हैं। रॉब वॉलमार्ट के मालिक हैं। इसके अलावा इस डील में उनके एक और पार्टनर हेम्प बताए जा रहे हैं। हेम्प डेट्रॉइट लायंस नाम की अमेरिकी फुटबॉल टीम के ओनर हैं।
2008 में जीती थी पहली ट्रॉफी
जब 2008 मे IPL की शुरुआत हुई थी, तब राजस्थान रॉयल्स को ज्यादा मजबूत टीम नहीं माना जाता था। लेकिन फ्रेंचाइजी ने शेन वॉर्न पर भरोसा जताते हुए उन्हें कप्तान के साथ-साथ टीम की जिम्मेदारी सौंपी। राजस्थान रॉयल्स ने IPL के पहले ही सीजन (2008) में खिताब अपने नाम किया था। उस समय टीम की कप्तान शेन वॉर्न थे।

