हैप्पी बर्थ डे द्रविड़: द वॉल और मिस्टर डिपेंडेबल के नाम से मशहूर; यहां चुनिंदा तस्वीरों के जरिए राहुल की राह-ए-जिंदगी का सफर
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स्पोर्ट्स डेस्क. राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित और भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्हें द वॉल और मिस्टर डिपेंडेबल जैसे नामों से पुकारा जाता है। उन्होंने अपने शांत स्वभाव, मेहनत और शालीनता के दम पर क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाया। आज उनका 53वां जन्मदिन है। चलिए देखते हैं उनकी जिंदगी का सफर कैमरे की नजर से…
राहुल के पिता का नाम शरद द्रविड़ है। वह जेम फैक्ट्री में काम करते थे। इसलिए लोग राहुल को प्यार से जेमी बुलाते थे। उनकी मां पुष्पा आर्किटेक्चर की प्रोफेसर थीं। इस फोटो में राहुल छोटे भाई विजय भी हैं।
राहुल का जन्म 11 जनवरी 1973 को इंदौर में एक मराठी परिवार में हुआ था। राहुल पढ़ाई को बहुत जरूरी मानते हैं।उन्होंने बेंगलुरु के सेंट जोसेफ बॉयज हाईस्कूल से पढ़ाई की।
1991 में राहुल द्रविड़ का चयन रणजी ट्रॉफी के लिए हुआ। यहां उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। 5 साल तक घरेलू क्रिकेट में शानदार खेल दिखाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
राहुल ने 12 साल की उम्र से क्रिकेट खेलने लगे थे।राहुल के पिता को भी क्रिकेट का बहुत शौक था। वे और उनके छोटे भाई को अक्सर स्टेडियम में मैच दिखाने ले जाते थे। यहीं से राहुल के मन में क्रिकेट के लिए प्यार पैदा हुआ।
राहुल ने सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ कॉमर्स से कॉमर्स में डिग्री ली। वे MBA कर रहे थे, तभी उनका सिलेक्शन टीम इंडिया में हुआ। इसके बावजूद स्टडी को का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।
टेस्ट क्रिकेट में राहुल को ऑल टाइम ग्रेट्स की कैटेगरी में रखा जाता है। बेहद मुश्किल विकेट्स पर राहुल की टेक्निक सॉलिड रही। साउथ अफ्रीका में उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था।
राहुल द्रविड़ ने 1999 वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया और बाद में भारतीय टीम के कप्तान भी बने। इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और वेस्ट इंडीज के खिलाफ उनकी कई पारियां यादगार रहीं।
राहुल और लक्षण ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में 376 रन की पार्टनरशिप की थी। यह बहुत यादगार साझेदारी थी। क्योंकि टीम इंडिया को फॉलोऑन बचाना था।
राहुल को 2013 में पद्म भूषण मिला। यह सम्मान उन्हें क्रिकेट में योगदान के लिए मिला। द्रविड़ को उनकी मजबूत और भरोसेमंद बल्लेबाजी के कारण “द वॉल” कहा जाता है।
2004 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था, जो भारत का चौथा सबसे बड़ा सिविलियन अवॉर्ड है। इसके अलावा उन्हें 1998 में अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। ये सभी सम्मान उनके शानदार क्रिकेट कॅरियर की भी पहचान हैं।
राहुल द्रविड़ की पत्नी का नाम विजेता पेंढारकर है। वे पेशे से एक डॉक्टर (सर्जन) हैं। दोनों की शादी 4 मई 2003 को बेंगलुरु में एक सादे समारोह में पारंपरिक महाराष्ट्रीयन रीति-रिवाज से हुई थी।
राहुल और विजेता पेंढारकर के दो बेटे हैं। समित और अन्वय द्रविड़। समित का जन्म 2005 में और अन्वय का जन्म 2009 में हुआ था। बड़ा बेटा समित क्रिकेट में रुचि दिखा रहा है और अपने पिता के नक्शे-कदम पर चलने की कोशिश कर रहा है।
नवंबर 2021 से जून 2024 तक राहुल टीम इंडिया के हेड कोच रहे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खेला और जून 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर खिताब अपने नाम किया।

