इन पैसों से हथियार खरीदे जा सकते हैं: सनराइजर्स लीड्स-अबरार कंट्रोवर्सी पर गावस्कर बोले- PAK खिलाड़ी खरीदना इंडियंस की जान से खिलवाड़
Published:
3 min read

सुनील गावस्कर ने कहा, भारतीय मालिकों को अपनी टीमों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं करना चाहिए
स्पोर्ट्स डेस्क. इंग्लैंड की घरेलू क्रिकेट लीग द हंड्रेड इस समय सुर्खियों में है। 2026 सीजन के लिए गुरुवार (12 मार्च) को ऑक्शन हुआ। इसमें सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी प्लेयर अबरार अहमद को खरीदा। इसी के बाद सारा बवाल हुआ, क्योंकि यह फ्रेंचाइजी भारतीय मीडिया ग्रुप सन टीवी की है। काव्या मारन इस फ्रेंचाइजी की CEO हैं।
अबरार के सोल्ड होते ही फ्रेंचाइजी और काव्या दोनों ट्रोल होने लगीं। कुछ समय के लिए तो सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया अकाउंट भी बैन हो गया था, जो थोड़ी देर बाद ही ओपन हो गया।

गावस्कर ने कहा
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी । उन्होंने कहा - ये फैसला जान से खेलने जैसा है। इससे बचना चाहिए। इन पैसों से टैक्स के जरिए हथियार खरीदे जा सकते हैं। इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सकता है।
गावस्कर ने कहा - भारतीय मालिकों को अपनी टीमों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं करना चाहिए। 2008 के मुंबई हमलों के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने IPL में हिस्सा नहीं लिया है।

सोशल मीडिया पर विरोध
असल में, 13 मार्च को लंदन में हुए ऑक्शन में अबरार को 2.34 करोड़ में खरीदा गया था। उन्हें सनराइजर्स लीड्स ने शामिल किया। सनराइजर्स ग्रुप के पास आईपीएल की टीम सनराइजर्स हैदराबाद और साउथ अफ्रीका की टी20 लीग SA20 की टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप भी है। सनराइजर्स की सीईओ काव्या मारन हैं। अबरार को खरीदने के बाद सोशल मीडिया पर काफी विरोध देखने को मिला। कुछ समय के लिए टीम का सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद कर दिया गया था।

BCCI ने कहा- हमारा कोई लेना देना नहीं
इस मामले में जब BCCI के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इससे भारतीय बोर्ड का कोई लेना देना नहीं है। शुक्ला ने कहा- यह मामला हमारे IPL का नहीं है। यह केस बाहर की लीग का है। यह हमारे अधिकार में नहीं है। यह हमारे डोमेन में नहीं है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।

क्या कहते हैं इस लीग के रूल्स
अब जब भारतीय बोर्ड ने इस मामले में क्लियर कह दिया है कि वे कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में दूसरा ऑप्शन द हंड्रेड लीग के रूल्स पर आती है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने द हंड्रेड प्लेयर्स सिलेक्शन रेगुलेशंस में इस बात को क्लियर किया है।
इसमें क्लियर दिया है कि The Hundred में खिलाड़ी को मनमर्जी से टीम से नहीं निकाला जा सकता। सिर्फ चोट, नेशनल ड्यूटी या अन्य कानूनी कारणों पर ही रिप्लेस किया जा सकता है। इसके लिए ECB की मंजूरी जरूरी होती है।

