पाकिस्तानी क्रिकेटर नवाज की ड्रग रिपोर्ट पॉजिटिव: T20 वर्ल्ड कप में सैंपल लिए गए थे; इंग्लैंड के क्लब ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया
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नवाज ने पाकिस्तान के लिए 98 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। 32 साल के फिलहाल पाकिस्तान सुपर लीग में मुल्तान सुल्तांस की ओर से खेल रहे हैं। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज मुश्किल में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक- नवाज ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान ड्रग्स (नशीला पदार्थ) लिया था। नवाज की ड्रग टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बॉलिंग ऑलराउंडर के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है।
2 महीने पहले सैंपल लिया गया था
रिपोर्ट्स के मुताबिक- नवाज का सैंपल T20 वर्ल्ड कप के दौरान ही खास तौर पर लिया गया था। दरअसल, ICC ने यह नवाज के सैंपल इसलिए कलेक्ट किए थे, क्योंकि उसे शक था कि इस पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कथित तौर पर कोई प्रतिबंधित पदार्थ (आसान भाषा में ड्रग्स) लिया है।
इस मामले में अब तक PCB या ICC ने कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया है। हालांकि, पाकिस्तानी बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है।
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काउंटी कॉन्ट्रैक्ट कैंसल
इस मामले का असर उनके करियर पर तुरंत दिखने लगा है। नवाज को इंग्लैंड में T20 Blast खेलने के लिए NOC मिल गई थी। इसके अलावा वो सरे काउंटी क्रिकेट क्लब के साथ भी जुड़ने वाले थे। लेकिन अब यह डील रद्द कर दी गई है।
फिलहाल, नवाज पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में मुल्तान सुल्तान की ओर से खेल रहे हैं। अब नजर PCB की जांच पर टिकी हैं। अगर नवाज दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें सजा मिलेगी और इससे उनका करियर करीब-करीब खत्म हो जाएगा। इसकी वजह ICC के ड्रग्स के खिलाफ सख्त रूल हैं।

अकरम और वकार भी फंसे थे
यह मामला पाकिस्तान क्रिकेट में इसी तरह के पुराने विवादों की भी याद दिलाता है। 1993 में वसीम अकरम, वकार यूनुस, आकिब जावेद और मुश्ताक अहमद जैसे बड़े खिलाड़ी भी इस तरह के मामले में फंस चुके हैं। हालांकि, तब ICC के रूल्स इतने सख्त नहीं थे।
32 साल के नवाब पाकिस्तान टीम के अहम खिलाड़ी रहे हैं और वर्ल्ड कप में उन्होंने सभी 7 मैच खेले थे। भले ही उन्होंने बल्लेबाजी में सिर्फ 15 रन बनाए, लेकिन गेंदबाजी में 7 विकेट लेकर टीम के लिए योगदान दिया था।
क्या है डोप टेस्ट
असल में, इंटरनेशनल क्रिकेट में डोप टेस्ट वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी के रूल्स के तहत किया जाता है। इसकी निगरानी ICC करता है। इस प्रोसेस में खिलाड़ियों के ब्लड और यूरिन सैंपल लिए जाते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता कि उन्होंने किसी बैन ड्रग (दवा या नशीला पदार्थ) का इस्तेमाल जाने-अनजाने में तो नहीं किया।
इसके बाद संबंधित बोर्ड, स्पोर्ट्स अथॉरिटी और प्लेयर से जवाब मांगा जाता है। अगर उसका जवाब सही नहीं लगता तो उस पर एक्शन लिया जा सकता है।
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