रिजवान को लाहौर HC से फटकार : कहा- कोर्ट क्यों आ गए, पहले जांच एजेंसी के सवालों का जवाब दें; अदालत को क्रिकेट से दूर रखें
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स्पोर्ट्स डेस्क. इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज के बीच में पाकिस्तान भेजे गए विकेटकीपर बैटर मोहम्मद रिजवान ने अपने ही बोर्ड (PCB) और नेशनल सायबर क्राइम एजेंसी (NCCIA के खिलाफ लाहौर हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इसे गुरुवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने रिजवान के वकील से कहा- क्रिकेट का मामला है, इसे अदालत में न खींचें।
रिजवान ने पिटीशन में कहा था- मैं पूछताछ से नहीं घबराता। लेकिन, PCB और NCCI पहले ये बताए कि वो मुझसे क्या पूछताछ करना चाहती है। बहरहाल, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ...चलिए आपको बताते हैं...
कोर्ट रूम LIVE…
- लाहौर हाईकोर्ट (LHC) ने गुरुवार को मामले की सुनवाई की।
- रिजवान की तरफ से उनके वकील काजी उमैर अली ने दलील पेश कीं। मामले की सुनवाई लाहौर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस आलिया नीलम ने की।
- रिजवान के वकील ने कहा- मेरे क्लाइंट के खिलाफ आरोप बेबुनियाद हैं। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट के बाद मेरी मुवक्किल (रिजवान) को होटल की लॉबी में रोका गया। उनसे पूछताछ की गई।
- इसके बाद उनका फोन भी PCB और ICC के अफसरों ने ले लिया। ये अब तक वापस नहीं किया गया है।
चीफ जस्टिस नीलम का रुख सख्त…
- रिजवान के वकील की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस आलिया नीलम ने कहा- आप सीधे कोर्ट क्यों आए? पहले क्लाइंट को जांच एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए पेश करना था। आपको किस बात का डर है। गिरफ्तारी होती है तो हम फिर सुनवाई कर सकते थे।
- चीफ जस्टिस ने आगे कहा- नेशनल सायबर क्राइम इन्वेस्टिगेश एजेंसी (NCCIA) ने रिजवान को दो बार बुलाया। वो वहां क्यों नहीं गए। अगर उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो फिर वो वहां जाने से क्यों डर रहे हैं?
- आखिर में चीफ जस्टिस ने कहा- हमारा आदेश है कि आप (रिजवान) पहले जांच एजेंसी के सवालों का जवाब दीजिए। अगर जांच एजेंसी और PCB गलत हैं तो हम उन्हें भी इसी कोर्ट में तलब करेंगे।

अब मामला समझिए
- हाल ही में इंग्लैंड टीम तीन टेस्ट की सीरीज के लिए इंग्लैंड गई थी। वो तीनों ही टेस्ट हारी। ड्रामा तब शुरू हुआ जब दूसरे टेस्ट में हार के बाद हेड कोच सरफराज अहमद, बॉलिंग कोच उमर गुल के अलावा 7 प्लेयर्स को अचानक पाकिस्तान भेज दिया गया।
- इन 7 में से तीन प्लेयर रिजवान, इमाम उल हक और सलमान अली आगा के फोन इंग्लैंड में ही जब्त कर लिए गए। अब तक इन्हें वापस नहीं किया गया है। NCCIA इन प्लेयर्स के फोन की जांच कर रही है।
- शक है कि ये तीनों ही प्लेयर कुछ बाहरी लोगों के संपर्क में थे। इन्होंने ड्रेसिंग रूम की सीक्रेट बातें लाहौर के एक जर्नलिस्ट को लीक की थीं।

अब नया ट्विस्ट क्या है
- NCCIA दो बार रिजवान को पूछताछ के लिए बुला चुकी है, लेकिन वो बजाए पेश होने के उल्टा एजेंसी को ही लिखित में सवाल भेज रहे हैं। जब NCCIA ने उन्हें मंगलवार रात तीसरा समन भेजा तो रिजवान ने इसका जवाब देने के बजाए लाहौर हाईकोर्ट में पिटीशन दायर कर दी।
- अगर स्पोर्ट्स फ्रंट की बात करें तो रिजवान ने इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले। इनमें उनका स्कोर 12,41, 7 और 1 रहा।
- रिजवान पर सबसे बड़ा इल्जाम ये है कि वो ड्रेसिंग रूम की बातों को लीक करते रहे। इसके अलावा कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में रहे, जिनका क्रिकेट में गलत बातों से संबंध है।

फोन वापस नहीं मिला
- इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मोहम्मद रिजवान का फोन लंदन में उनसे दूसरे टेस्ट के बाद लिया गया था और उसे अब तक वापस नहीं किया गया है। इस खुलासे के बाद मामला और उलझ गया है।
- दरअसल, पिछले दिनों और खासकर इंग्लैंड टूर के वक्त पाकिस्तानी मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि इमाम उल हक, मोहम्मद रिजवान और सलमान अली आगा के फोन PCB और ICC के अफसरों ने लिए थे और इनसे डेटा ट्रांसफर किया गया था। हालांकि, बाद में ये फोन प्लेयर्स को वापस कर दिए गए।
- अब अगर जियो न्यूज की मानें तो रिजवान को उनका फोन वापस नहीं किया गया है। यानी ये अब भी PCB और NCCIA के कब्जे में है।

पूछताछ से क्यों भाग रहे रिजवान
- रिपोर्ट के मुताबिक- रिजवान को मंगलवार को दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। हालांकि, उन्होंने एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया और वकील के जरिए लिखित जवाब किया।
- रिपोर्ट में आगे कहा गया- रिजवान ने NCCIA से कहा है कि वो पहले ये बताए कि उसके सवाल क्या हैं और डिसिप्लिनरी एक्शन का क्या मामला है। इसके बाद वो पेश होने पर विचार करें। इसके पहले उन्हें उनका फोन वापस किया जाए।
- कहा जाता है कि NCCIA ने रिजवान का फोन वापस करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। इसके अलावा जांच एजेंसी ने इस प्लेयर को दूसरा समन किया है। रिजवान को 17 सितंबर तक पेश होने का वक्त दिया गया है।

फोन देते वक्त तीखी बहस
- रिपोर्ट्स के मुताबिक- रिजवान पर शिकंजा ज्यादा तेजी से कसा जा रहा है। दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दूसरे टेस्ट के खत्म होने के बाद जब पाकिस्तानी टीम होटल पहुंची तो रिजवान और इमाम लॉबी में ही रुक गए थे।
- कहा जाता है कि इन दोनों को PCB और ICC के अफसरों ने लॉबी में रुकने को कहा था। इसके कुछ देर बाद दोनों प्लेयर्स से उनके फोन मांगे गए। इमाम ने हालात को देखते हुए फोन दे दिया पर रिजवान ने ऐसा नहीं किया।
- बताया जाता है कि रिजवान काफी देर तक PCB और ICC के अफसरों से बहस करते रहे। उन्होंने कथित तौर पर कहा था- मेरा फोन मेरी पर्सनल डिवाइस है। आपको इसकी क्या जरूरत है? इसके बाद जब PCB और ICC की टीम ने सख्ती दिखाई तो मजबूरी में रिजवान को फोन देना पड़ा।

