साल-दर-साल गुजरे, बाबर नहीं बदले: राशिद लतीफ बोले- 3 साल से कुछ नहीं किया, आमिर ने कहा- वो बॉल को ही नहीं समझ पाते
Published:
3 min read

स्पोर्ट्स डेस्क. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के हाथों पाकिस्तान की हार के बाद बाबर आजम फिर चर्चा में है। पूर्व क्रिकेटरों ने उनकी धीमी बल्लेबाजी और स्ट्राइक रेट पर सवाल उठाए हैं। एक्स प्लेयर्स जियो टीवी के शो में कहा- टी20 क्रिकेट में तेज रन बनाना और हालात के मुताबिक गियर बदलना बेहद जरूरी है। ये बाबर के खेल में नजर नहीं आता।
पाकिस्तान को सुपर 8 मुकाबले में दो बार की चैंपियन इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में बाबर ने 24 गेंदों पर सिर्फ 25 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 104 रहा। उन्हें इंग्लैंड के मीडियम पेसर जेमी ओवरटन ने बोल्ड किया।
नहीं सुधरे तो दोबारा क्यों लाए
पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा- बाबर अब टी20 फॉर्मेट के खिलाड़ी नहीं रहे। कुछ महीने पहले स्ट्राइक रेट की वजह से उन्हें टीम से बाहर किया गया था तो बिना सुधार के उन्हें दोबारा टीम में क्यों शामिल किया गया? लतीफ ने कहा कि अगर खिलाड़ी 20-25 गेंदें खेलकर भी रन रेट नहीं बढ़ा पाता तो दूसरे बल्लेबाजों पर दबाव बनता है। इससे नए आने वाले खिलाड़ी जल्दबाजी में शॉट खेलते हैं और आउट हो जाते हैं।
कार्यक्रम के होस्ट ने भी कहा- 3 साल पहले टीम में बाबर के आउट होने पर बात होती थी, आज भी यही हो रहा है। सवाल ये है कि गलती खिलाड़ी की है, कोचिंग स्टाफ की है या फिर पूरे सिस्टम की।
एक्सपीरियंस खिलाड़ी को समझने में दिक्कत
पूर्व बल्लेबाज अहमद शहजाद ने कहा- मैच के दौरान ऐसे मौके थे जब एक-दो रन लेकर दबाव कम किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस वजह से यह सवाल उठाया कि इतने एक्सपीरियंस खिलाड़ी को लेग स्पिन पढ़ने में परेशानी क्यों हो रही है। इंग्लैंड के स्पिनर आदिल राशिद की एक गुगली पर भी बाबर लगभग आउट हो गए थे। जब तक खिलाड़ी अपनी कमजोरियों को स्वीकार नहीं करेगा और खेल में बदलाव नहीं लाएगा, तब तक कुछ नहीं हो सकता।
पूरी टीम फंस जाती है
मोहम्मद आमिर ने कहा- बाबर उस बाॅल को ठीक से समझ नहीं पाए। पैनल में यह भी चर्चा हुई कि अगर एक बैट्समैन रन रेट नहीं बढ़ाता, तो दूसरे एंड पर खड़े खिलाड़ी पर और दबाव बनता है। इससे पूरी टीम की बल्लेबाजी असर होता है। टी20 क्रिकेट में सिर्फ टिककर खेलने से काम नहीं चलता। खिलाड़ियों को जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने होते हैं। बड़े शॉट खेलने पड़ते हैं।


