अब धोनी ही रहेंगे ‘कैप्टन कूल’: दो वर्ल्ड कप जिताने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने ट्रेड मार्क कराया ये निकनेम
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महेंद्र सिंह धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव वनडे से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। (PTI)
भारतीय क्रिकेट टीम को दो वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बड़ा फैसला किया। उन्होंने अपने निकनेम ‘कैप्टन कूल’ को ट्रेडमार्क कराने के लिए आवेदन दिया था। उन्हें यह ट्रेडमार्क मिल भी गया। यानी अब भविष्य में दूसरा कोई ‘कैप्टन कूल’ नहीं बन पाएगा। उन्हें यह नाम कानूनी रूप से मिल गया है।
दरअसल, धोनी मैदान पर अपने शांत व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। इसी कारण से फैन्स और दिग्गजों ने प्यार से उन्हें ‘कैप्टन कूल’ कहना शुरू कर दिया था। इसके बाद यह उनका निकनेम ही हो गया। ऐसे में यह यह ट्रेडमार्क न सिर्फ उनके नाम को कानूनी सुरक्षा देता है, बल्कि यह उनके ब्रांड वैल्यू और पहचान को भी और मजबूत करता है।
कैप्टन कूल नाम को मिली एक चुनौती
ट्रेडमार्क रजिस्ट्री पोर्टल के मुताबिक, माही ने हाल ही में ‘कैप्टन कूल’ नाम के लिए ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की अर्जी दी थी, जो स्वीकृत हो गई है। साथ ही इसको लेकर एक विज्ञापन भी निकाल दिया गया है। धोनी ने यह ट्रेडमार्क स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, प्रशिक्षण सुविधाओं और स्पोर्ट्स कोचिंग सेवाओं के लिए क्लास 41 के तहत रजिस्टर करवाया है।
धोनी की वकील मानसी अग्रवाल ने भी इस मामले में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि माही की टीम ने जब सबसे पहले आवेदन दिया था, तो उन्हें धारा 11 (1) के तहत एक ऑब्जेक्शन भी मिला था। बताया गया था कि ‘कैप्टन कूल’ नाम से पहले ही एक ट्रेडमार्क है। दूसरा नाम भी ट्रेडमार्क में आने से लोगों के बीच कन्फ्यूजन होगा।

धोनी की दलील के बाद मिला यह निकनेम
मगर जब धोनी की ओर से यह दलील दी गई कि ‘कैप्टन कूल’ क्लियर और उनके लिए एक अलग ही लिंक होगा। उन्होंने बताया कि इसी निकनेम से उनके कई क्रिकेट फैन्स और दिग्गज भी जानते हैं। यह ‘कैप्टन कूल’ नाम अब धोनी की दूसरी पहचान बन गया है।
साथ ही माही की टीम ने यह भी कहा कि इस निकनेम को खेल और मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में कन्फ्यूजन की स्थिति ही नहीं बनेगी। इन सभी दलीलों को देखते हुए धोनी को यह ट्रेडमार्क मिल गया।

टीम को जिताई 3 ICC ट्रॉफी
धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव वनडे से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद 2 दिसंबर 2005 को चेन्नई में श्रीलंका के खिलाफ मैच से टेस्ट डेब्यू किया। माही ने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया, मगर वे IPL में अब भी खेल रहे हैं।
माही ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जिताया। इसके बाद 2011 में वनडे वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम को चैम्पियन बनाया। ठीक दो साल बाद यानी 2013 में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने चैम्पियंस ट्रॉफी खिताब जिता था। तब माही तीनों आईसीसी खिताब जीतने वाले पहले कप्तान बने थे।

