शमी को कोर्ट से झटका: पत्नी-बेटी को हर महीने 4 लाख रुपए देने होंगे, इसी हिसाब से पिछले 7 साल का पैसा भी देना पड़ेगा
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हसीन जहां और मोहम्मद शमी। (PTI Image )
भारतीय स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी को कलकत्ता हाई कोर्ट से तलाक के मामले में झटका लगा है। अदालत ने उनकी पत्नी हसीन जहां और बेटी आयरा को हर महीने 4 लाख रुपए देने का आदेश दिया है। शमी को हर महीने 1.5 लाख रुपए हसीन जहां को और 2.50 लाख रुपए बेटी को देना होगा। यह आदेश पिछले 7 साल से लागू होगा। यानि शमी को पिछले 7 साल का भुगतान भी इसी हिसाब से करना होगा।
इससे पहले निचली अदालत ने हसीन जहां को 50 हजार और बेटी को 80 हजार रुपए देने का फैसला सुनाया था। इसको हसीन जहां ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। केस की सुनवाई 21 अप्रैल 2025 को हुई थी। इसका फैसला 1 जुलाई 2025 को आया।
क्या है पूरा मामला
हाई कोर्ट ने निचली अदालत को छह महीने के अंदर इस मामले को निपटाने का ऑर्डर दिया है। मोहम्मद शमी और हसीन जहां का निकाह 7 अप्रैल 2014 को हुआ था। करीब 1 साल बाद, 17 जुलाई 2015 को उनकी बेटी आयरा का जन्म हुआ। इसके बाद शमी को पता चला कि हसीन पहले से ही शादीशुदा है और उनकी दो बेटियां थीं।
2018 में हसीन ने शमी और उनके परिवार पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया। जिसके बाद उन पर FIR दर्ज की गई। इस मामले का फैसला पहले ही आ चुका है, लेकिन शमी की पत्नी को मिलने वाले रुपए कम लगे। इसलिए उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हसीन ने शमी के खिलाफ घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम (PWDV) के तहत आवेदन दायर किया था। जिसमें उन्होंने हर महीने 10 लाख रुपए मांगे थे। उन्होंने 7 लाख रुपए अपने लिए और 3 लाख रुपए बेटी के लिए मांगे थे। हाई कोर्ट ने माना कि निचली अदालत ने जो मेंटेनेंस राशि तय की थी, वह शमी की कमाई के हिसाब से बहुत कम थी।
कोर्ट ने कहा कि शमी की आमदनी अच्छी है, इसलिए हसीन को वैसा ही जीवन मिलना चाहिए जैसा वह शादी के समय जी रही थी। हालांकि हसीन की 10 लाख रुपए वाली मांग पूरी नहीं हुई।

