मेसी है तो मुमकिन है...: प. बंगाल चुनाव नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर यह स्लोगन वायरल, देखें मीम्स
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मेसी अपने इंडिया टूर के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे थे। हजारों फैंस उन्हें देखने के लिए आए थे, क्योंकि पश्चिम बंगाल में फुटबॉल का बहुत क्रेज है। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आते ही एक तरफ राजनीति गरमा गई है, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक मजेदार और अजीब चर्चा शुरू हो गई है। लोग चुनाव के नतीजों को फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के पिछले साल हुए कोलकाता दौरे से जोड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बहुमत मिला है। BJP यहां पहली बार यहां सरकार बना रही है। पिछले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) जीती थी और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी थीं। इस बार उनकी सरकार नहीं बन सकी।
3 बार मुख्यमंत्री बनी है
टीएमसी की नेता ममता बनर्जी पिछले तीन कार्यकाल से राज्य की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ेगी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक अलग ही चर्चा चल रही है। लोग मजाक-मजाक में कह रहे हैं कि मेसी है तो मुमकिन है। दरअसल, यह स्लोगन मेसी के पिछले साल दिसंबर में हुए कोलकाता दौरे से जोड़कर बनाया गया है।
2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी इसी तरह का स्लोगन 'मोदी है तो मुमकिन है' दिया गया था। ऐसे में अब मेसी को लेकर यह नया स्लोगन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इंडिया टूर के दौरान हुआ था
मेसी अपने इंडिया टूर के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे थे। हजारों फैंस उन्हें देखने के लिए आए थे, क्योंकि पश्चिम बंगाल में फुटबॉल का बहुत क्रेज है। लेकिन यह इवेंट ठीक से मैनेज नहीं हो पाया। भीड़ ज्यादा होने से व्यवस्था बिगड़ गई थी। कुछ नेताओं और बड़े अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में दखल दिया था।
स्थिति इतनी खराब हो गई कि मेसी की टीम को सुरक्षा की चिंता होने लगी और उन्हें कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा था। इस घटना से फैंस काफी नाराज हो गए थे। गुस्से में कुछ लोगों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ भी की थी। इस मामले में इवेंट ऑर्गनाइजर को भी गिरफ्तार किया गया था।
यहां तक कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी हालात खराब होने की वजह से अपना दौरा रद्द करना पड़ा था। अब जब 2026 चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को चुनावी बदलाव से जोड़ रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह घटना एक “अपमान” जैसी थी और इसका असर वोटिंग पर पड़ा।

