IPL के 5 One सीजन वंडर : द्रविड़ ने 41 साल के अफसर को IPL स्टार कैसे बनाया; वाल्थाटी-बिसला चमके, फिर खो गए- बेहद खास स्टोरी
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IPL का पहला सीजन 2008 में हुआ था। इसमें राजस्थान रॉयल ने खिताब हासिल किया था।
स्पोर्ट्स डेस्क. 2008 में शुरू हुए इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक एक हजार से ज्यादा प्लेयर खेले चुके हैं। 2026 इस लीग का 19वां सीजन है। इस सफर में कई प्लेयर आए, चमके और फिर कहीं गुम हो गए। कुछ तो सिर्फ एक सीजन के लिए ही याद रखे जाएंगे। इन्हें ‘वन सीजन या वन हिट वंडर’ कहा गया।
आज इस आर्टिकल में हम ऐसे ही पांच ‘वन सीजन वंडर्स’ की बात करेंगे। ये किसी सितारे की तरह चमके और फिर वक्त की गर्दिश में खोते चले गए।
स्वप्निल अस्नोदकर

IPL के पहले सीजन में स्वप्निल अस्नोडकर ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। 2008 में उन्होंने 9 मैच में 311 रन बनाए। उस वक्त शेन वार्न राजस्थान रॉयल्स यानी RR के कप्तान थे। वो अस्नोदकर को “Goan Cannon” के नाम से पुकारते थे।
इसका मतलब था कि छोटा कद होने के बावजूद वे बहुत जबरदस्त शॉट खेलते थे। अस्नोदकर ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रेम स्मिथ के साथ ओपनिंग की। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को 2008 का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद अस्नोडकर ने तीन और सीजन खेले, लेकिन 2008 जैसी सफलता फिर नहीं मिली।
पॉल वाल्थाटी

2011 में पॉल वाल्थाटी ने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए CSK के खिलाफ सिर्फ 63 गेंद में 123 रन बनाए थे। यह उस समय किसी अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी का सबसे बड़ा स्कोर था। यशस्वी जायसवाल ने 2023 में इसे तोड़ा। इस शतक के बाद वाल्थाटी ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ 75 रन बनाए और 4 विकेट भी लिए। दिलचस्प बात यह है कि उस समय तक उन्होंने कोई फर्स्ट क्लास मैच नहीं खेला था।
2009 में उन्होंने RR के लिए सिर्फ 2 मैच खेले थे। मुंबई के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अच्छा परफॉर्म करने के बाद उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब में मौका मिला। 2011 में वाल्थाटी ने 14 मैच में 463 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 137 था।
2012 का IPL सीजन उनके लिए अच्छा नहीं रहा। कलाई की चोट और खराब फॉर्म की वजह से उन्होंने 6 पारियों में सिर्फ 30 रन बनाए। अगले सीजन में उन्हें केवल 1 मैच खेलने का मौका मिला और फिर उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
मनविंदर बिसला

मनविंदर बिसला कोलकाता नाइट राइडर्स यानी KKR के लिए खेलते थे। 2012 में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। उन्होंने 15 में से सिर्फ 7 मैच खेले और 213 रन बनाए। लेकिन फाइनल में बिसला ने 48 गेंद में 89 रन की पारी खेली। इससे KKR ने 190 रन का टारगेट आसानी से हासिल किया और पहली बार चैंपियन बनी। बिसला की यह पारी आज भी IPL फाइनल में किसी अनकैप्ड खिलाड़ी का बेस्ट स्कोर है। उन्होंने अपने घरेलू करियर की शुरुआत हरियाणा से की। फिर हिमाचल प्रदेश से भी खेले।
दिलचस्प बात यह है कि 2012 के फाइनल में उनका खेलना तय नहीं था। उन्हें आखिरी समय पर टीम में शामिल किया गया, क्योंकि गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी क्वालीफायर मैच में इंजर्ड हो गए थे। चेन्नई के चेपॉक मैदान पर उस दिन किस्मत ने बिसला का साथ दिया और वो मैच के हीरो बने।
प्रवीन तांबे

प्रवीन तांबे ने 2013 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 41 साल की उम्र में IPL में डेब्यू किया। इसके साथ ही वे IPL इतिहास में सबसे उम्रदराज डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्हें टीम के मेंटर राहुल द्रविड़ ने मौका दिया। खास बात यह थी कि डेब्यू से पहले तांबे ने कभी फर्स्ट क्लास या लिस्ट-ए क्रिकेट नहीं खेला था।
तांबे IPL के दौरान डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में अधिकारी के रूप में काम करते थे। वहीं पर उन्होंने कुछ मैचों में गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को परेशान किया। यहीं से RR की नजर उन पर पड़ी। इसके बाद उन्हें जयपुर में ट्रायल के लिए बुलाया गया और 7 मई 2013 को उन्होंने दिल्ली के खिलाफ अपना पहला मैच खेला।
5 मई 2014 को, 42 साल की उम्र में तांबे ने KKR के खिलाफ हैट्रिक ली और अपनी टीम को 10 रन से जीत दिलाई। उस सीजन में उन्होंने 13 मैच खेले और 15 विकेट लिए।तांबे ने अपने IPL करियर में Gujarat Lions, RR और SRH के लिए खेला।
33 मैचों में उन्होंने 28 विकेट लिए। 48 साल की उम्र में भी उन्हें 2019 की नीलामी में KKR ने 20 लाख रुपये में खरीदा। इससे वे IPL ऑक्शन में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। हालांकि, दुबई में टी10 लीग खेलने की वजह से BCCI ने उन्हें IPL 2020 से बाहर कर दिया। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
राहुल तेवतिया

IPL में राहुल तेवतिया का खास दिन 27 सितंबर 2020 को आया। शारजाह में Kings XI Punjab के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 31 गेंद में 53 रन की पारी खेली। इस पारी की सबसे खास बात यह थी कि उन्होंने शेल्डन कॉटरेल की गेंद पर लगातार 5 छक्के लगाए।
तेवतिया की इस पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा टारगेट हासिल किया। इसी मैच के बाद वे भरोसेमंद फिनिशर के रूप में पहचाने गए। तेवतिया ने IPL 2020 के पूरे सीजन में 255 रन बनाए और 10 विकेट भी लिए। राहुल हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गांव से आते हैं। 2022 में GT ने उन्हें 9 करोड़ रुपए में खरीदा। 2022 सीजन में उन्होंने 16 मैच में 217 रन बनाए।

