रोहित से ठोस शुरुआत नहीं मिली, कुलदीप विकेट को तरसे: जडेजा का फीका ऑलराउंड प्रदर्शन; भारत को न्यूजीलैंड से ODI सीरीज में मिली हार का एनालिसिस
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न्यूजीलैंड ने भारत को 3 मैचों की ODI सीरीज में 2-1 से हरा दिया
स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय टीम से न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन इसके उलट हुआ। न्यूजीलैंड ने भारत को 3 मैचों की ODI सीरीज में 2-1 से हरा दिया। यह भारत की अपने घर में पिछले तीन साल में पहली ODI सीरीज हार थी। इस हार के बाद टीम और मैनेजमेंट पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खास तौर पर रोहित शर्मा की खराब शुरुआत, रवींद्र जडेजा का फीका प्रदर्शन और मिडिल ऑर्डर की नाकामी ने टीम को भारी नुकसान पहुंचाया।
1. रोहित शर्मा की खराब शुरुआत
रोहित को टीम इंडिया का मैच विनर और तेज शुरुआत देने वाला बल्लेबाज माना जाता है। लेकिन इस सीरीज में रोहित पूरी तरह से फेल नजर आए। तीनों मैचों में वह पावरप्ले का सही इस्तेमाल नहीं कर पाए। जहां उनसे तेज रन बनाने की उम्मीद थी, वहां वह धीमी बल्लेबाजी करते दिखे। असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने भी माना कि रोहित क्रिकेट से थोड़े बाहर दिखे। उनकी धीमी शुरुआत की वजह से शुभमन गिल और विराट कोहली पर दबाव बन गया। एक सीनियर खिलाड़ी से जिस तरह के आत्मविश्वास और एग्रेसिव खेल की उम्मीद होती है, वह इस सीरीज में देखने को नहीं मिला। रोहित ने सीरीज के तीन मैचों में सिर्फ 61 रन बनाए।

2. रवींद्र जडेजा का फीका ऑलराउंड प्रदर्शन
जडेजा को भारत का भरोसेमंद ऑलराउंडर माना जाता है। इस सीरीज में वह बैट और बाॅल दोनों से असर नहीं छोड़ पाए। बाॅलिंग में जडेजा मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने में नाकाम रहे। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज, खासकर डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स, उनके खिलाफ आसानी से रन बनाते रहे। आखिरी ODI में जडेजा ने 6 ओवर में 41 रन दे दिए और एक भी विकेट नहीं लिया। बल्लेबाजी में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस सीरीज में उनके स्कोर रहे 4, 27 और 12 रन। इतने खराब आंकड़े उनके ODI कॅरियर पर सवाल खड़े करते हैं। ऐसा लगा जैसे इस सीरीज में असली जडेजा मैदान पर मौजूद ही नहीं थे। इसके अलावा कुलदीप यादव ने 3 मैच 3 विकेट लिए। इस चाइनामैन ने 6 इकोनॉमी से रन दिए।

3. मिडिल ऑर्डर की पूरी तरह से नाकामी
अगर सबसे बड़ी वजह की बात करें, तो वह रही भारतीय मिडिल ऑर्डर की विफलता। तीसरे ODI में भारत की हालत बेहद खराब हो गई थी। टीम 28/0 से सीधे 71/4 पर पहुंच गई। श्रेयस अय्यर और केएल राहुल जैसे एक्सपीरियंस बैंटर काइल जैमीसन और जैक फॉल्क्स की बाॅलिग के सामने टिक नहीं पाए। विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई साथ नहीं मिला। नीतीश कुमार रेड्डी ने 43 गेंदों में 52 रन बनाकर कोशिश जरूर की, लेकिन यह काफी नहीं था। अगर मिडिल ऑर्डर के दो-तीन बल्लेबाज भी जिम्मेदारी लेते, तो नतीजा कुछ और हो सकता था।

