एजबेस्टन जीत का एनालिसिस: चपटी बॉल से भारतीय गेंदबाजों ने ‘बैजबॉल’ को किया ढेर, शुभमन गिल ने किया जख्मों पर नमक छिड़कने का काम
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एजबेस्टन टेस्ट जीत के बाद भारतीय टीम। (Getty)
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम ने इतिहास रच दिया है। उसने इंग्लैंड को एजबेस्टन में 336 रन से करारी शिकस्त दी। टीम इंडिया इस मैदान पर टेस्ट जीतने वाली एशिया की पहली टीम बन गई है। पाकिस्तान, श्रीलंका जैसी टीमें भी ऐसा नहीं कर सकी हैं। हालांकि यह ऐतिहासिक जीत दर्ज करने में टीम इंडिया को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा है।
भारतीय गेंदबाजों को चपटी और खराब बॉल से भी गेंदबाजी करनी पड़ी। बैजबॉल के सामने इस तरह का स्ट्रगल आसान नहीं था। मगर भारतीय तेज गेंदबाज आकाश दीप और मोहम्मद सिराज ने शानदार बॉलिंग की।
गिल ने दोनों पारियों में शतक लगाए
चपटी और खराब बॉल से गेंदबाजी की बात खुद शुभमन गिल ने कुबूल की है। उन्होंंने यह बयान मैच जीतने के बाद दिया। हालांकि यह इंग्लैंड की चाल थी, मौसम की मार या फिर पिच की वजह से हुआ? यह पता नहीं चल सका है। एक और जहां भारतीय गेंदबाज कहर बरपा रहे थे, तब दूसरी ओर गिल ने इंग्लैंड के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया।
दरअसल, भारतीय बॉलर्स के सामने अंग्रेजों की बैजबॉल बिल्कुल भी नहीं चली। वहीं गिल ने दोनों पारियों में शानदार शतक लगाए। पहली पारी में गिल ने 269 रनों की पारी खेली। जबकि दूसरी पारी में 161 रन बनाए। इंग्लैंड के लिए पहली पारी में हैरी ब्रूक (158) और जैमी स्मिथ (184) ही शतक लगा सके थे। दूसरी पारी में कोई भी अंग्रेज बल्लेबाज सेंचुरी नहीं लगा सका।
मैच जीतने के बाद गिल ने क्या कहा?
गिल ने जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बॉल बहुत जल्दी अपना आकार बदल रही है। 20 ओवर में ही बॉल खराब हो जा रही है। पिच से पहले बॉल बहुत जल्दी नरम और आउट ऑफ शेप हो रही है। इसके बाद गेंदबाजों को बिल्कुल भी मदद नहीं मिलती। यह पिच, बॉल या मौसम, जो भी कारण हो। लेकिन ऐसे हालात में विकेट लेने मुश्किल हो जाता है।
जब आपको पता हो कि विकेट लेना मुश्किल है। रन आसानी से बन रहे हैं, तो कई चीजें कंट्रोल से बाहर हो जाती हैं। गिल ने कहा कि गेंदबाजों को भी मदद मिलनी चाहिए। जब बॉल हरकत करती है, तो खेलने में मजा आता है। जब आपको पता हो कि 20 ओवर के बाद विकेट नहीं मिलेंगे। सिर्फ रन ही रोकना पड़ेगा, तो फिर यह खेल अपनी पहचान खो देता है।
मैच जीतने के बाद गिल ने खोली पोल
गिल के बयान से आप यह समझ सकते हैं कि भारतीय गेंदबाजों के लिए चपटी और खराब हो चुकी बॉल से गेंदबाजी करना बेहद मुश्किल था। मगर फिर भी भारतीय बॉलर्स ने दमदार खेल दिखाया। जबकि इंग्लिश बॉलर विकेट को तरसते नजर आए।
बॉल का शेफ बदलने वाला मामला दूसरे ही नहीं बल्कि पहले टेस्ट में भी देखने को मिला था। लीड्स टेस्ट की दूसरी पारी में कप्तान गिल ने 3-4 बार अंपायर से इसकी शिकायत की थी। फिर शार्दुल ठाकुर और रवींद्र जडेजा ने भी बॉल बदलने की मांग की। आखिर में जडेजा की अपील के बाद अंपायर ने चेक किया, तो बॉल सच खराब नजर आई थी। इसके बाद बॉल बदली गई। हालांकि इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा और भारत यह मैच हार गया था।
इन भारतीयों ने भी दिखाया दमदार खेल
गिल के अलावा इस मैच में रवींद्र जडेजा ने भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्हें गेंदबाजी में भले ही एक विकेट मिला हो, लेकिन रन बेहद कम लुटाए। इसकी भरपाई उन्होंने बैटिंग में कर दी। जडेजा ने पहली पारी में 89 और दूसरी पारी में नाबाद 69 रन बनाए। यह दोनों पारियां बेहद खास रहीं।
इन दोनों के अलावा इस टेस्ट में सिराज और आकाश दीप का अहम रोल था। दोनों ने मिलकर एजबेस्टन में कुल 17 विकेट निकाले और इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। सिराज ने कुल 7 (6 और 1) विकेट लिए। जबकि आकाश ने मैच में 10 (4 और 6) विकेट लिए।
इनके अलावा बैटिंग में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत ने मिला-जुलाकर दमदार प्रदर्शन किया। राहुल और पंत पहली पारी में फ्लॉप रहे थे। मगर दूसरी पारी में राहुल ने 55 और पंत ने 65 रन बनाए। यशस्वी ने 87 और 28 रन की पारी खेली।

