क्रिकेट में बदले ये 9 नियम: टेस्ट में अंपायर के पास होगी स्टॉप वॉच… टी20 में पावर प्ले के नियम को भी बदला; जानिए नए रूल्स
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भारतीय टी20 टीम।
क्रिकेट जगत में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जिसने खेल को और भी रोमांचक कर दिया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने इस खेल के 9 नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसमें ज्यादातर बदलाव टेस्ट नियमों में देखने को मिले हैं। इस फॉर्मेट में अब अंपायर स्टॉप वॉच रखा करेंगे।
जबकि टी20 क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए इसके पावर प्ले नियम में बदलाव किया है। बाउंड्री पर कैच लेने के रूल्स में भी बड़ा बदलाव हुआ है। आइए जानते हैं उन 9 नियमों के बारे में, जिनमें बदलाव हुआ है…
टेस्ट क्रिकेट में स्टॉप क्लॉक
टी20 और वनडे के बाद अब टेस्ट क्रिकेट में भी स्टॉप क्लॉक नियम लागू होने वाला है। इस फॉर्मेट में स्लो ओवर रेट एक बड़ी समस्या है। अब ICC के नए नियम के मुताबिक फील्डिंग टीम को पिछले ओवर के खत्म होने के एक मिनट के अंदर अगला ओवर शुरू करना होगा।
अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो अंपायर उन्हें 80 ओवर के अंदर दो वॉर्निंग देंगे। तीसरी बार गलती होने पर 5 रन का जुर्माना लगेगा। 80 ओवर के बाद फिर 2 वॉर्निंग मिलेगी। ये नियम 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में ही लागू है।
शॉर्ट रन पर बड़ा जुर्माना
यदि कोई बैटर जानबूझकर शॉर्ट रन लेता है, तो पुराने नियमानुसार 5 रन का जुर्माना लगता था। मगर अब बैटिंग टीम को सजा मिलेगी। जानबूझकर शॉर्ट रन लेने पर अंपायर फील्डिंग टीम से पूछेंगे कि वो किस बल्लेबाज को स्ट्राइक पर चाहते हैं।
इसके अलावा बैटिंग टीम पर 5 रन का जुर्माना भी लगेगा। हालांकि ये सब तभी होगा जब अंपायर को लगा हो कि बल्लेबाज का इरादा अंपायर को धोखा देना या रन बनाना नहीं था।
स्लाइवा लगाया तो गेंद नहीं बदलेगी
अगर फील्ड अंपायर किसी बॉल पर स्लाइवा (लार) लगा पाते हैं तो वे गेंद को तुरंत नहीं बदलेंगे। ये बदलाव इसलिए किया गया ताकि गेंद बदलने के लिए टीमें जानबूझकर स्लाइवा का इस्तेमाल ना करें।
अब बॉल खराब होने की स्थिति में ही उसे बदलेंगे। ये फैसला पूरी तरह अंपायर अपने विवेक से लेंगे। अगर अंपायर को लगता है कि लार के इस्तेमाल से गेंद की स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है तो गेंद नहीं बदलेगी।
आउट के फैसले का बाद DRS प्रोटोकॉल में बदलाव
DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) प्रोटोकॉल में भी बड़ा बदलाव हुआ है। जैसे- मान लीजिए कोई बल्लेबाज कैच आउट होने पर रिव्यू लेता है। जहां अल्ट्राएज दिखाता है कि गेंद बल्ले को छूए बिना पैड से टकराई। तब कैच आउट खारिज होने के बाद, टीवी अंपायर अब दूसरा डिसमिसल मोड (जैसे LBW) की जांच करता है।
पहले, अगर कैच आउट नहीं था, तो LBW के लिए डिफॉल्ट निर्णय “नॉट आउट” होता था। लेकिन नए नियम में, जब LBW के लिए बॉल-ट्रैकिंग ग्राफिक दिखाया जाएगा,और अगर बल्लेबाज यहां आउट पाया गया तो उसे पवेलियन लौटना होगा।
दो तरह से आउट की अपील पर नया नियम
यह नियम भी DRS का ही है। यानी किसी खिलाड़ी के खिलाफ दो तरह से आउट होने की अपील होती है, तब अंपायर पहले एक्शन पर गौर करेगा। इसी में बैटर आउट होता है, तो अंपायर आगे नहीं बढ़ेगा और बॉल डेड घोषित कर दी जाएगी।
उदाहरण के लिए, अगर LBW और रन आउट के लिए अपील है, तो टीवी अंपायर पहले LBW की जांच करेगा, क्योंकि ये पहले हुआ। अगर बल्लेबाज आउट है तो गेंद वहीं डेड हो जाएगी।
कैच पर भी बड़ा नियम बदला
नो-बॉल पर कैच आउट के नियम में भी बदलाव किया है। यदि कोई कैच क्लियर नहीं है, तब रिव्यू लिया जाता है। इसी दौरान थर्ड अंपायर को पता चलता है कि यह नोबॉल है। ऐसी स्थिति में पहले कैच को चेक नहीं करते थे और यहीं नोबॉल दे दी जाती थी।
मगर अब कैच को भी चेक किया जाएगा। यदि कैच सही लिया गया है तो बैटर को नोबॉल का सिर्फ एक ही रन मिलेगा। यदि कैच सही नहीं होता यानी बॉल जमीन से पहले टच हो जाती है, तब बैटर को दौड़े हुए रन भी मिलेंगे।
वनडे फॉर्मेट में भी हुआ ये बदलाव
आईसीसी ने वनडे क्रिकेट में 35वें ओवर के बाद एक ही नई गेंद के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है। इससे अब डेथ ओवर्स में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकेगी। यह गेंदबाजों के लिए मददगार बदलाव है।
बाउंड्री पर कैच लेने वाला नियम
बाउंड्री पर होने वाले कैच में भी बदलाव हुआ है। अगर कोई खिलाड़ी बाउंड्री के बाहर जाकर बॉल के साथ किसी भी तरह का कनेक्शन (हवा में या जमीन पर) बनाता है, तो यह अवैध माना जाएगा। इसमें भी फील्डर को यह छूट मिली है कि वह गेंद को बाउंड्री के बाहर से सिर्फ एक ही बार उछाल कर कैच पकड़ सकते हैं।
ICC ने टी20 मैचों के लिए नए पावरप्ले नियम बनाए
टी20 इंटरनेशनल में भी एक नियम बदला है। यदि बारिश या किसी अन्य कारण से टी20 मैच के ओवर कम किए जाते हैं, तो पावरप्ले के ओवर भी उसी आधार पर कम कर दिए जाएंगे। पहले राउंड फिगर में यह मामला होता था, लेकिन अब हर बॉल के हिसाब से पावर प्ले बदलेगा।
मान लीजिए यदि किसी टी20 मैच को किसी कारण से 15 ओवर का किया जाता है, तो पावरप्ले 4.3 ओवर का रहेगा। 16 ओवर के मैच में पावर प्ले 4.5 का रहेगा। पुराने नियम में यह पावर प्ले राउंड फिगर में 5 ओवर का कर दिया जाता था।

