2 नाम- 2 कोच और 1 फ्रेंचाइजी: जब गंभीर ने मैक्कुलम को IPL फाइनल नहीं खिलाया, फिर सॉरी कहा; यहां दिलचस्प कहानी
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स्पोर्ट्स डेस्क. तो चलिए, शुरुआत एक किस्से से ही कर लेते हैं। बात 2012 की है। IPL का फाइनल था। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खिताबी मुकाबला था।
KKR के कप्तान थे गौतम गंभीर
मैच से पहले कोलकाता के कप्तान गौतम ने एक गंभीर कदम उठाया और इससे हर कोई हैरान था। GG और गौती के नाम से मशहूर गंभीर ने टीम के स्टार ओपनर ब्रेंडन मैक्कुलम को प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया और उनकी जगह एक यंग प्लेयर को ओपन करने कहा। ये थे पंजाब द पुत्तर मनविंदर बिस्ला।
मैक्कुलम और बिस्ला दोनों ही विकेटकीपर बैटर और खास बात कि ओपनर थे। उस वक्त हर किसी के जेहन में यही सवाल था कि गौतम ने मैक्कुलम जैसे डायनैमिक और हिटर की जगह बिस्ला को क्यों चुना? टॉस के दौरान प्रेजेंटर ने भी सवाल किया, लेकिन गौतम बस रहस्यमय अंदाज से मुस्करा दिए।

फिर जो हुआ, वो इतिहास बन गया
बिस्ला यानी यंग सेन्सेशन। क्रीज पर उतरे और धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स पर जैसे टूट पड़े। उन्होंने 48 बॉल पर 89 रन बनाए। KKR ने खिताब जीत लिया।
“हमका..माफी दई दो”
मैच खत्म और कुछ दिन बाद जश्न भी खत्म। इसके बाद गौतम ने इंस्टाग्राम पर लिखा- मैंने सिर्फ पूरी टीम के सामने ही नहीं, बल्कि अपने दिल से भी ब्रेंडन को प्लेइंग 11 से बाहर रखने पर माफी मांगी। कई बार एक लीडर के तौर पर इस तरह के फैसले जायज होते हैं।

एक तरह से यह KKR Vs KKR
वाकया गुजरे तकरीबन 16 साल हो चुके हैं। अब ब्रेंडन इंग्लैंड के कोच हैं और गौती टीम इंडिया की बतौर कोच सेवा कर रहे हैं। कुछ लोग ब्रेंडन को ब्रांड ब्रेंडन भी कहते हैं। इसकी वजह यह है कि उन्होंने ही क्रिकेट को बैजबॉल क्रिकेट जैसे टर्म से बाहैसियत कोच, रूबरू कराया।
इसके मोटे तौर पर मायने ये हैं कि फॉर्मेट कोई भी हो, खेलना तेज है। रन रेट तेज रखना है।
मौका भी है और दस्तूर भी। दोनों दिग्गजों की टीम T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं। मैक्कुलम भी KKR के कोच रह चुके हैं और गंभीर तो तीन रोल में रहे। पहले कप्तान, फिर कोच और फिर मेंटॉर।
मैक्कुलम 2022 में इंग्लैंड के कोच बने। गौतम गंभीर 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच अपॉइंट हुए।

अब नेशनल ड्यूटी और प्राइड का सवाल
‘बीति ताहि बिसार दे…आगे की सुध लेहि…’ जी हां। वानखेड़े में गंभीर और मैक्कुलम अपनी-अपनी स्ट्रैटेजी के साथ डगआउट में मौजूद रहेंगे।
दोनों का बहुत कुछ दांव पर होगा। मैक्कुलम की टीम ऑस्ट्रेलिया में एशेज हारकर आई है। गंभीर की स्ट्रैटेजी पर भी गंभीर सवाल उठे। फिर भी टीम इंडिया सेमी तक पहुंच गई। इस सफर में इंग्लैंड को श्रीलंका तो टीम इंडिया को वेस्ट इंडीज से जबरदस्त टक्कर मिली। बहरहाल, अब जो हारेगा, उसको बाहर होना पड़ेगा।

‘मुझे सहवाग चाहिए’
न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपर 8 के मैच में विल जैक्स और रेहान अहमद क्रीज पर थे। 17वें ओवर में मैक्कुलम ने रेहान के पास मैसेज भेजा- मुझे वीरेंद्र सहवाग अंदाज वाली बेखौफ बैटिंग चाहिए।
इसके बाद रेहान ने गियर बदला और इंग्लैंड को सेमी में पहुंचाकर ही दम लिया। इधर गंभीर हैं। बोलते कम हैं, लेकिन हारना जैसे उनकी आदत ही नहीं है।

दोनों के सामने प्लेइंग 11 का चैलेंज
इस टूर्नामेंट में अब तक जॉस बटलर बिल्कुल फीके नजर आए हैं, लेकिन इंडियन विकेट्स और कंडीशन में वो कई बार खतरनाक साबित होते आए हैं। सवाल यह है कि मैक्कुलम फिर बटलर को ही खिलाएंगे या ओपनर चेंज करेंगे?
दूसरी तरफ, गौतम के सामने सवाल यह है कि वो इंग्लैंड के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रखने वाले कुलदीप यादव को प्लेइंग 11 में वापस लाएं या करंट कॉम्बिनेशन पर ही रिलाय करें।
चलिए वक्त का इंतजार करते हैं। और हां….आप सभी को ‘राज एक्सप्रेस’ की ओर से रंगों के त्योहार होली की शुभकामनाएं। जुड़े रहिए हमारे साथ।


