मेरी डिक्शनरी में डर शब्द नहीं: गौतम गंभीर बोले- मैं भी इंसान हूं, कभी-कभी थकान होती है
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कोच गौतम गंभीर ओपनर वैभव को समझाते हुए। (फोटो सोर्स - @BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने माना है कि पिछले 4-5 महीने उनके लिए काफी मुश्किल रहे हैं। अलग-अलग फॉर्मेट, कंडीशंस और प्लेयर्स को मैनेज करने के चलते वह कई बार मेंटली ड्रेन महसूस करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह इस प्रेशर को संभाल सकते हैं।
गंभीर के कोच रहते भारतीय ने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) और 2026 में T20Iवर्ल्ड कप (T20 World Cup) जीता। वहीं, टेस्ट क्रिकेट में टीम को बड़ी हार का सामना भी करना पड़ा।
मैं प्रेशर झेल सकता हूं - गंभीर
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज खत्म होने के बाद गंभीर ने अपने काम के प्रेशर पर बात की। उन्होंने कहा- हां, सच कहूं तो मैं मेंटली ड्रेन हुआ हूं। लेकिन मैं इसे संभालने के लिए मजबूत हूं। मैं जितना हो सके, इस प्रेशर को झेल सकता हूं। मैं इसी तरह बना हूं। मैं प्रेशर ले सकता हूं।
उन्होंने आगे कहा- मैं भी इंसान हूं। इसलिए कभी-कभी थकान महसूस होती है। लेकिन अब तक मैं इसे संभालने में सफल रहा हूं। मेरी डिक्शनरी में डर नाम का कोई शब्द नहीं है।
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सही फैसला लेना मेरी जिम्मेदारी - गंभीर
गंभीर ने टीम से बाहर रहने वाले प्लेयर्स को लेकर भी बात की।
उन्होंने कहा - हेड कोच का काम सबको खुश करना नहीं, बल्कि सही फैसला लेना है। ड्रेसिंग रूम में बैठकर वही फैसले लेना आसान है, जो लोग चाहते हैं। लेकिन मेरी जिम्मेदारी है कि ड्रेसिंग रूम में प्लेयर्स को सिक्योरिटी मिले। लंबे समय से अच्छा करने वाले प्लेयर्स को बैकिंग और क्लैरिटी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा- एक कोच के तौर पर ये बातचीत हमेशा मुश्किल होती है। हर इंटरनेशनल टीम में टैलेंटेड प्लेयर होते हैं। मेरे लिए ईमानदारी, साफ बात करना और ट्रांसपेरेंसी बहुत जरूरी है। यही हेड कोच का काम है। अगर मैं ऐसा करता हूं, तो किसी की भी आंखों में देखकर उसके सवालों का जवाब दे सकता हूं।
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अय्यर ने फील्डिंग में सुधार की बात कही
न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी T20I में हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने भी टीम की कमियों पर बात की। उन्होंने कहा कि टीम को खासकर फील्डिंग में सुधार करना होगा।
अय्यर ने कहा- भारतीय टीम ने बैटिंग में अच्छी शुरुआत के बाद लगातार विकेट गंवाए। इससे नए बैटर्स पर प्रेशर बढ़ गया। न्यूजीलैंड की कंडीशंस में खेलना चुनौतीपूर्ण था। टीम को इससे सीखने की जरूरत है। फॉरेन कंडीशंस में खेलने से प्लेयर्स को काफी कुछ सीखने को मिलता है।
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श्रेयस ने नमन धीर को ट्रॉफी सौंपी
सीरीज जीतने के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान श्रेयस अय्यर ने ट्रॉफी नमन धीर (Naman Dhir) को सौंप दी। इसका वीडियो भी चर्चा में रहा। नमन ने सीरीज में मिले मौकों का अच्छा इस्तेमाल किया। टीम के लिए अहम रन बनाए।
भारतीय टीम ने 5 मैच की T20I सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त लेकर सीरीज अपने नाम की। हालांकि, आखिरी मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को हराया। टीम इंडिया 191/8 रन ही बना सकी, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ने टारगेट हासिल कर लिया।

