ट्रॉफी द्रविड़- लक्ष्मण के नाम: गंभीर बोले- मेरे लिए ड्रेसिंग रूम के लोग इंपॉर्टेंट, ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता
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इंडिया पहली बार लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम बन गई है। टीम इंडिया ने 2024, 2026 वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया है।
स्पोर्ट्स डेस्क. भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर लगातार दूसरा T20 वर्ल्ड कप जीता। हेड कोच गौतम गंभीर ने इस जीत का श्रेय पूर्व कोच राहुल द्रविड़ और पूर्व बैटर वीवीएस लक्ष्मण को भी दिया। उन्होंने कहा- अपने समय में इंडियन क्रिकेट को बैलेंस्ड रखा। इसकी नींव मजबूत की। मेरे लिए ड्रेसिंग रूम में मौजूद वे 30 लोग इम्पोर्टेंट हैं। मैं हर किसी को् सोशल मीडिया पर जवाब नहीं दे सकता।

वीवीएस लक्ष्मण (बाएं ) और राहुल द्रविड़ (दाएं)
बिहाइंड द सीन
उन्होंने कहा- द्रविड़ ने अपने समय में भारतीय क्रिकेट को बैलेंस्ड रखा। टीम को उस फाउंडेशन से फायदा हुआ है। उन्होंने पर्दे के पीछे बहुत काम किया है। उन्होंने सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के जरिए नए टैलेंट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
गंभीर ने चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर की भी तारीफ की। कहा कि उन्हें अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है। फिर भी वे पूरी ईमानदारी और कमिटमेंट के साथ अपनी ड्यूटी करते रहे।

टीम इंडिया 3 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन गई है। भारतीय टीम ने 2007, 2024, 2026 में तीन टी-20 वर्ल्ड कप जीते।
जय शाह ने मुझे फोन किया
गंभीर ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- मेरे कोचिंग करियर के मुश्किल समय में जय शाह ने मेरा साथ दिया। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद बहुत कम लोगों ने मुझे फोन किया, जय शाह उनमें से एक थे। उस दौरान मेरी हिम्मत बढ़ाई। मुझे कोचिंग एक्सपीरियंस नहीं था। फिर भी उन्होंने मुझ पर यकीन रखा।
कोच गंभीर ने सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना पर भी रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा - मेरी सोशल मीडिया में हर किसी को जवाब नहीं दे सकता। मेरी जिम्मेदारी टीम के लिए है। हम प्लानिंग सभी को नहीं बता सकते।

संजू सैमसन ने इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के लगाए। उनके टूर्नामेंट में 24 छक्के लगाए। खास बात ये है कि उन्होंने इस वर्ल्ड कप में सिर्फ चार मैच खेले।
मैं हर किसी को जवाब नहीं दे सकता
गंभीर ने कहा- हम निडर होकर क्रिकेट खेलना चाहते थे। इस फॉर्मेट में थोड़ा जोखिम लेकर खेलना पड़ता है। तभी फायदा मिलता है। कप्तान और मेरी सोच भी एक जैसी थी। अगर हम साथ मिलकर काम करें तो फिर सोशल मीडिया क्या कहता है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

टीम इंडिया फाइनल में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर- 255 रन बनाने वाली पहली टीम है।
मुझे बाकियों से फर्क नहीं पड़ता
उन्होंने आगे कहा - मैं कोच के तौर पर दो आईसीसी ट्रॉफी भी जीत लूं। तब भी उससे ज्यादा मायने नहीं रखता। मेरे लिए ड्रेसिंग रूम में मौजूद वे 30 लोग सबसे अहम हैं। मेरे कोचिंग के सफर में वही सबसे ज्यादा जरूरी हैं। बाकी किसी की बात मेरे लिए मायने नहीं रखती।

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