डबल सेंचुरी = 1 शतक, 2 नहीं: लारा के 400 या रोहित के 264... सब एक ही सेंचुरी; क्रिकेट का नियम पारी पर डिपेंड
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रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में 3 डबल सेंचुरी हैं।वही ब्रायन लारा टेस्ट की एक पारी में 400 रन बनाए है।
स्पोर्ट्स डेस्क. IPL 2026 के इस सीजन के दौरान क्रिकेट फैंस के मन में एक दिलचस्प सवाल उठा, जो सोशल मीडिया की “लाइव ट्वीटिंग” और मैच के शोर में कहीं दब गया। सवाल था- अगर कोई बैटर एक ही मैच या पारी में 200 रन बनाता है, तो उसे दो शतक क्यों नहीं माने जाते? आखिर इसे एक सेंचुरी ही क्यों गिनी जाती है। इसके पीछे क्रिकेट का एक खास और पुराना नियम छिपा है।
क्रिकेट में जब कोई बल्लेबाज एक ही पारी में 100 या उससे ज्यादा रन बना लेता है, तो उसे शतक कहा जाता है। उसके आगे चाहे वह बैटर 150, 200, 300 या उससे ज्यादा, रिकॉर्ड में उसे सिर्फ एक ही शतक माना जाता है। मतलब अगर कोई खिलाड़ी 200 रन बनाता है, तो उसे डबल सेंचुरी जरूर कहा जाता है, लेकिन इसे दो शतक नहीं कहेंगे। इसी तरह 300 रन को ट्रिपल सेंचुरी कहा जाता है, लेकिन यह तीन शतक नहीं बनते।
पारी के हिसाब से गिनते है
इसका कारण बहुत आसान है। क्रिकेट में गिनती पारी के हिसाब से होती है, न कि हर 100 रन पर अलग-अलग शतक गिनने के हिसाब से। यानी एक बल्लेबाज एक ही पारी में खेलता है और उसी पारी में उसका सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है। अगर ऐसा नहीं होता, तो रिकॉर्ड काफी उलझ जाते। जैसे 200 रन को दो शतक, 300 को तीन शतक और 400 को चार शतक माना जाता, तो आंकड़े समझना मुश्किल हो जाते।
1884 में पहली सेंचुरी
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान बिली मर्डोक ने 1884 में इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट इतिहास का पहला शतक लगाया था। उन्होंने 211 रन की शानदार पारी खेली और 525 मिनट तक बल्लेबाजी कर अपना नाम इतिहास में दर्ज कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह केवल टेस्ट क्रिकेट का 16वां मैच था।

46 साल लग गए
टेस्ट क्रिकेट में पहला ट्रिपल सेंचुरी (300 रन से ज्यादा) बनने में 46 साल लग गए। इंग्लैंड के एंडी सैंडहैम ने 1930 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 325 रन बनाए। यह एक पारी खेली थी, लेकिन उसी साल ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज डॉन ब्रैडमैन भी इंग्लैंड के खिलाफ 334 रन बनाए थे।

सहवाग की 2 ट्रिपल सेंचुरी
भारत के दो बल्लेबाजों ने टेस्ट में ट्रिपल सेंचुरी लगाई है। वीरेंद्र सहवाग ने यह कारनामा दो बार किया। पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ 309 रन (2004, मुल्तान में) और दूसरी बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 319 रन (2008, चेन्नई में)। इसके अलावा 2016 में करुण नायर ने इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 303 रन बनाए।

सिर्फ एक क्वाड्रपल सेंचुरी
क्रिकेट इतिहास में सिर्फ एक ही खिलाड़ी है जिसने 400 रन का आंकड़ा छुआ है। वे वेस्टइंडीज के बल्लेबाज ब्रायन लारा हैं। उन्होंने 1994 में इंग्लैंड के खिलाफ 375 रन बनाए थे, लेकिन 2004 में उसी मैदान पर उसी टीम के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।

डबल सेंचुरी का रिकॉर्ड किसके नाम?
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज डाॅन ब्रैडमैन के नाम है। उन्होंने सिर्फ 52 टेस्ट मैचों में 12 बार 200 से ज्यादा रन बनाए। श्रीलंका के कुमार संगकारा 11 डबल सेंचुरी के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि ब्रायन लारा 9 डबल सेंचुरी के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

वनडे क्रिकेट में डबल सेंचुरी
वनडे क्रिकेट में पहली बार 200 रन का आंकड़ा ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर बेलिंडा क्लार्क ने छुआ था। उन्होंने 1997 महिला वर्ल्ड कप में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रन बनाए। इसके 13 साल बाद भारत के सचिन तेंदुलकर ने 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 200 रन बनाकर इतिहास रचा।
इसके बाद रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी हैं। उन्होंने तीन बार यह कारनामा किया—209 (2013 बनाम ऑस्ट्रेलिया), 264 (2014 बनाम श्रीलंका) और 208* (2017 बनाम श्रीलंका)।

इसी वजह से क्रिकेट में नियम बनाया गया कि एक पारी में सिर्फ एक ही शतक गिना जाएगा, चाहे बल्लेबाज कितना भी बड़ा स्कोर क्यों न बना ले। इसे आसान भाषा में समझें तो क्रिकेट में शतक गिनने का नियम पारी पर डिपेंड करता है, हर 100 रन पर नहीं। इसलिए डबल सेंचुरी भी सिर्फ एक ही शतक मानी जाती है। क्रिकेट का यही नियम इसे और खास बनाता है, क्योंकि यहां सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि पूरी पारी की मेहनत गिनी जाती है।

