जेल में खुदकुशी करना चाहता था पाकिस्तानी क्रिकेटर: मैच फिक्सिंग के दोषी नासिर बोले- पत्नी ने बचा लिया, मैंने पाप किया, माफ कर दीजिए
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नासिर जमशेद पूर्व पाकिस्तानी बाएं हाथ के ओपनिंग बैट्समैन हैं। इन्होंने 2008-2015 के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट खेला।(@pcb)
स्पोर्ट्स डेस्क. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर नासिर जमशेद ने 2017 के स्पॉट फिक्सिंग मामले पर पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने पाकिस्तान और दुनिया भर के क्रिकेट फैन्स से माफी मांगी है। नासिर जमशेद ने कहा- मैंने बहुत बड़ी गलती की। इस गलती ने मेरी और मेरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर दी।
स्पॉट-फिक्सिंग में शामिल थे
पूरा मामला 2017 पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान एक T20 मैच में स्पॉट-फिक्सिंग से जुड़ा था। फरवरी 2020 में मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट ने नासिर जमशेद को दोषी ठहराया था। उन्हें 17 हफ्ते जेल की सजा सुनाई गई।10 साल के लिए क्रिकेट से बैन कर दिया गया। बैन के 9 साल पहले ही पूरे हो चुके हैं। एक साल बाकी है। उन्होंने PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी से अपने बैन पर फिर से सोचने की अपील की है।

मैं टूट चुका था
नासिर जमशेद ने कहा- मैंने जेल में कई बार अपनी जान लेने के बारे में सोचा। मुझे लगा कि मेरे पास कोई उम्मीद नहीं बची है। इस मुश्किल समय में मेरी पत्नी (डॉ समारा अफजल) मेरे साथ खड़ी रहीं। वो मुझे हमारी बेटी हानिया की तस्वीरें भेजती थीं। इन तस्वीरों ने मुझे हिम्मत दी। मेरी पत्नी और बेटी ने मेरी जान बचाई।
हां मेरी गलती थी
नासिर ने माना - मैं यूसुफ अनवर के साथ एक साजिश में शामिल था। यूसुफ ने मुझे दुबई में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ मीटिंग अरेंज करने के लिए कहा था। नासिर ने पेमेंट के बदले शरजील खान और खालिद लतीफ को जोड़ने में मदद की।
नासिर ने आगे कहा - उस वक्त मुझे पैसों की जरूरत थी। पापा को ब्रेन हैमरेज हुआ था। लंबे समय तक आईसीयू में कोमा में थे। इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। जल्दी पैसा कमाने की चाह में मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी।

वकील ने मुझे चुप रहने के लिए कहा
नासिर जमशेद ने अपने सॉलिसिटर शाहिद अली पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा- मेरी गिरफ्तारी के बाद मेरे वकील ने मुझे गलती न मानने की सलाह दी। पुलिस पूछताछ के दौरान मुझे चुप रहने के लिए कहा। मैं शुरू से मान रहा था कि मेरी गलती है।
इस केस में एक जरूरी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी थी। मेरे वकील ने मुझे बताया कि ऑडियो साफ नहीं था। नुकसान नहीं पहुंचाने वाला था। बाद में जब कोर्ट में ऑडियो चलाया गया तो वह साफ था। साजिश में मेरी भूमिका साफ थी। इसके बाद ट्रायल के छठे दिन मैंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

