कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: भारत में होगी टूर्नामेंट की वापसी? इस शहर में होंगे गेम्स, ओलंपिक 2036 के लिए होगा ट्रायल
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2010 कॉमनवेल्थ गेम्स दिल्ली में हुए थे।
एक बार फिर से भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स की वापसी होने की संभावना है। यह टूर्नामेंट 2030 में होगा। इससे पहले 2010 गेम्स दिल्ली में हुए थे। मगर इस बार किसी दूसरे शहर में कॉमनवेल्थ गेम्स कराए जाने की पूरी उम्मीद है। यह टूर्नामेंट ओलंपिक 2036 के ट्रायल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि ओलंपिक की मेजबानी भी अभी पक्की नहीं है। भारत अभी ओलंपिक की मेजबानी के लिए बोली लगा रहा है, जिसमें वो मजबूत दावेदार है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अभी किसी को मिली नहीं है। मगर भारत इसका मजबूत दावेदार है। हालांकि कनाडा से भारत को इसमें टक्कर मिली है। मगर लागत संबंधी मामलों के चलते कनाडा अब मेजबानी के लिए बोली में आगे नहीं बढ़ रहा है।
कॉमनवेल्थ अधिकारी अहमदाबाद आएंगे
दावा किया गया है कि 7 जून को ही भारत के एक डेलीगेशन ने लंदन में कॉमनवेल्थ गेम्स अधिकारियों से मुलाकात की। अब बोली लगाने की आखिरी तारीख (31 अगस्त) से ठीक पहले कॉमनवेल्थ गेम्स अधिकारी अहमदाबाद का दौरे करेंगे।
यदि कॉमनवेल्थ की मेजबानी मिलती है, तो यह भारत में होने वाला चौथा मेजर मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट होगा। इससे पहले 1951 और 1982 में एशियन गेम्स हुए थे। फिर 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए।
ऐतिहासिक होने वाला है 2030 कॉमनवेल्थ
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स को 100 साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में यह गेम्स का शताब्दी वर्ष भी रहेगा। 1930 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स खेले गए थे। तब इन्हें ब्रिटिश साम्राज्य के नाम से जाना जाता था।
पहला सीजन कनाडा में ओंटारियो के हेमिल्टन में हुआ था। यदि मेजबानी के लिए बोली लगाने में कनाडा आगे बढ़ता और उसे मेजबानी मिलती, तो यह उसके लिए ऐतिहासिक हो जाता।
बता दें कि 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीट्स ने शानदार प्रदर्शन किया था। तब देश ने कुल 101 मेडल जीते थे। इसमें 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज मेडल थे। जबकि पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने 1 सिल्वर समेत कुल 5 मेडल जीते थे। इसमें एक भी गोल्ड नहीं था।

