क्या सनराइजर्स पाकिस्तानी प्लेयर को निकालेंगे: BCCI ने कहा- हमारा कोई लेना देना नहीं; काव्या मारन हो रहीं ट्रोल
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स्पोर्ट्स डेस्क. इंग्लैंड की घरेलू क्रिकेट लीग द हंड्रेड इस समय सुर्खियों में है। 2026 सीजन के लिए गुरुवार (12 मार्च) को ऑक्शन हुआ। इसमें सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी प्लेयर अबरार अहमद को खरीदा। इसी के बाद सारा बवाल हुआ, क्योंकि यह फ्रेंचाइजी भारतीय मीडिया ग्रुप सन टीवी की है। काव्या मारन इस फ्रेंचाइजी की CEO हैं।
अबरार के सोल्ड होते ही फ्रेंचाइजी और काव्या दोनों ट्रोल होने लगीं। कुछ समय के लिए तो सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया अकाउंट भी बैन हो गया था, जो थोड़ी देर बाद ही ओपन हो गया।
IPL से मुस्तफिजुर को बाहर किया था
इस बवाल के बीच ज्यादातर यूजर्स ने अबरार को टीम से बाहर करने की बात कही है। इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। IPL 2026 के ऑक्शन में बांग्लादेश के पेसर मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने खरीदा था।
तब बांग्लादेशी प्लेयर को खरीद पर KKR को ट्रोल किया गया था। इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रहमान को लीग से बाहर करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद केकेआर ने रहमान को टीम से बाहर कर दिया था। अब सवाल यह है कि क्या अबरार को सनराइजर्स लीड्स टीम बाहर कर पाएगी या नहीं, आइए जानते हैं…

BCCI ने कहा- हमारा कोई लेना देना नहीं
इस मामले में जब BCCI के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इससे भारतीय बोर्ड का कोई लेना देना नहीं है। शुक्ला ने कहा- यह मामला हमारे IPL का नहीं है। यह केस बाहर की लीग का है। यह हमारे अधिकार में नहीं है। यह हमारे डोमेन में नहीं है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
क्या कहते हैं इस लीग के रूल्स
अब जब भारतीय बोर्ड ने इस मामले में क्लियर कह दिया है कि वे कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में दूसरा ऑप्शन द हंड्रेड लीग के रूल्स पर आती है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने द हंड्रेड प्लेयर्स सिलेक्शन रेगुलेशंस में इस बात को क्लियर किया है।
इसमें क्लियर दिया है कि The Hundred में खिलाड़ी को मनमर्जी से टीम से नहीं निकाला जा सकता। सिर्फ चोट, नेशनल ड्यूटी या अन्य कानूनी कारणों पर ही रिप्लेस किया जा सकता है। इसके लिए ECB की मंजूरी जरूरी होती है।
रूल्स तोड़ने पर टीम से बाहर हो सकता है प्लेयर
- नेशनल ड्यूटी यानी यदि किसी प्लेयर को अपने देश के लिए कोई सीरीज या टूर्नामेंट खेलने जाना हो तो उसे नेशनल ड्यूटी कहा जाएगा। ऐसी स्थिति में वह प्लेयर लीग छोड़ सकता है।
- कानूनी कारण का मतलब यहां रूल्स तोड़ने से भी है। यदि कोई प्लेयर लीग के कोई रूल्स तोड़ता है, डिसिप्लिन नियम तोड़ता है या फिर कोई अन्य गैरकानूनी काम होते हैं, तो फ्रेंचाइजी ECB की सहमति से उस प्लेयर को निकाल सकती है।
- अगर कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट से पहले या बीच चोटिल हो जाता है और पूरे टूर्नामेंट में नहीं खेल सकता, तो टीम उसे ECB की मंजूरी से रिप्लेस कर सकती है।
- अबरार के मामले में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता है। ऐसे में उसे टीम से निकालना मुमकिन नहीं दिख रहा, क्योंकि इसके लिए ECB की मंजूरी भी चाहिए होगी।
अबरार को 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा
अबरार की बेस प्राइस 75 हजार पाउंड (करीब 93 हजार रुपये) थी, जिसे 190 हजार पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा। द हंड्रेड टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हैं, जिसमें से 3 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ऑनर्स की हैं। यह तीनों टीमें सनराइजर्स लीड्स, MI लंदन और मैनचेस्टर सुपर जायंट्स हैं। इसमें से सिर्फ सनराइजर्स ने ही पाकिस्तानी प्लेयर को खरीदा है।

