मोदी सरकार का फैसला: नई खेल नीति को मिली मंजूरी, भारत को स्पोर्ट्स के मामले में टॉप-5 देशों में शामिल करना ही टारगेट
Published:
2 min read

दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा।
भारत को खेल के मामले में वर्ल्ड के टॉप-5 देशों में शामिल करने का एक टारगेट निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य नई खेल नीति के तहत बनाया गया है। अब इस नेशनल स्पोर्ट्स पोलिसी (NSP) 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी मंजूरी दे दी है। यह जानकारी खुद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।
2001 में भी एक राष्ट्रीय खेल नीति बनी थी। यह अब तक लागू है। मगर अब नई खेल नीति इस 2001 राष्ट्रीय खेल नीति को रिप्लेस कर देगी। यह नई नीति देश को दुनिया में खेलों के मामले में एक नई महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए है। इसका टारगेट 2047 तक का रखा गया है।
ओलंपिक 2036 में अहम होगी यह नीति
अगले ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स समेत बाकी खेलों में भी देश और एथलीट्स का प्रदर्शन सुधारने पर जोर दिया जाएगा। भारत में हर जगह से नए एथलीट्स को निखारने का काम भी तेजी से किया जाएगा।
2036 ओलंपिक गेम्स की मेजबानी भारत को मिल सकती है। इसके लिए देश ने अपनी दावेदारी मजबूत की है। यदि ऐसा होता है तो यह नई खेल नीति बेहद काम आएगी। अपने ही देश में एथलीट्स के पास ओलंपिक में इतिहास रचने का मौका रहेगा।
क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने?
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार (1 जुलाई) को एक व्यापक खेलो भारत नीति, 2025 को मंजूरी दे दी है। इसका टारगेट 2047 तक भारत को टॉप-5 स्पोर्ट्स देशों में से एक बनाना है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 11 साल में खेलों पर काफी ध्यान दिया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभा को आगे लाने के लिए ज्यादा ध्यान दिया गया है। नई नीति इसी प्रयास का हिस्सा है। इसका दूसरा मुख्य उद्देश्य खेल को जन आंदोलन बनाना है।

