BBL में पाकिस्तानी प्लेयर्स की बेइज्जती: स्लो बैटिंग के चक्कर में रिजवान को रिटायर किया; अफरीदी बीच ओवर से हट चुके
Published: Updated:
2 min read

मोहम्मद रिजवान ने 23 बॉल पर 26 रन बनाए। इस दौरान एक छक्का और एक चौका लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 113 का रहा।
स्पोर्ट्स डेस्क. ऑस्ट्रेलियाई घरेलू टूर्नामेंट बिग बैश लीग (BBL) के 2025-26 सीजन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की लगातार बेइज्जती हो रही है। पहले तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को बीच ओवर से ही हटा दिया गया था। अब विकेटकीपर बैटर मोहम्मद रिजवान को स्लो बैटिंग के चक्कर में रिटायर्ड आउट किया गया। कप्तान ने उन्हें बीच पारी से ही वापस बुला लिया।
यह मामला सोमवार (12 जनवरी) को सिडनी थंडर्स और मेलबर्न रेनेगेड्स के बीच हुए मुकाबले का है। रिजवान मेलबर्न टीम से खेल रहे हैं। यह टीम मैच में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी थी। टीम ने 9.1 ओवर में 83 रन पर दूसरा विकेट गंवाया था।
रिजवान को रिटायर्ड आउट किया
इसके बाद रिजवान चौथे नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे। उन्होंने 23 बॉल पर 26 रन बनाए। इस दौरान एक छक्का और एक चौका लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 113 का रहा। इस धीमी पारी को देखते हुए मेलबर्न टीम के कप्तान विल सदरलैंड ने 18वें ओवर की आखिरी बॉल के बाद रिजवान को रिटायर्ड आउट कर दिया।
यानी कप्तान ने रिजवान को वापस पवेलियन में बुला लिया। इस दौरान सिर्फ 4 विकेट ही गिरे थे। साथ ही टीम ने 18 ओवर में 154 रन बनाए थे। रिजवान को वापस बुलाने के बाद टीम ने आखिरी 2 ओवर में 16 रन बनाए। यानी मेलबर्न टीम ने मैच में 8 विकेट गंवाकर 170 रन बनाए।
शाहीन को बीच ओवर से हटाया था
इससे पहले पाकिस्तानी पेसर शाहीन अफरीदी का BBL में डेब्यू बेहद खराब रहा था। उन्होंने पहला मैच ब्रिस्बेन हीट की ओर से मेलबर्न टीम के खिलाफ ही खेला था। 15 दिसंबर 2025 को हुए इस मैच में शाहीन ने 2.4 ओवर में 43 रन दिए थे। उन्हें बीच ओवर से ही हटा दिया गया था।
दरअसल, शाहीन ने अपने तीसरे ओवर में दो खतरनाक फुल टॉस (Beamer) डाली थीं। यह दोनों ही नोबॉल भी दी गई थीं। इसके बाद अंपायर ने नियम के मुताबिक, शाहीन को आगे बॉलिंग करने से रोक दिया था। तब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि शाहीन पर मैच फिक्सिंग के भी आरोप लगे और उसकी जांच भी हुई थी।
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अगर कोई बॉलर एक ही ओवर में दो खतरनाक फुल टॉस (Beamer) फेंकता है, तो उसे आगे बॉलिंग करने की इजाजत नहीं होती।

