अब बांग्लादेश क्रिकेट का क्या होगा: कमाई-साख तो गईं, बैन का भी खतरा; टी-20 WC बायकॉट की क्या-क्या कीमत चुकानी होगी
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बांग्लादेश ने भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट में खेलने से इनकार कर दिया है। इसके बाद ICC ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का ऐलान किया है।
स्पोर्ट्स डेस्क. बांग्लादेश द्वारा T20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का फैसला सिर्फ एक टीम के बाहर होने तक सीमित नहीं है। इस फैसले से बांग्लादेश के फैंस और इंटरनेशनल क्रिकेट की साख पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस बायकॉट के कई बड़े आर्थिक और खेल से जुड़े नुकसान होंगे।
दरअसल, दुनिया में अगर अमेरिका को मिलिट्री पॉवर और फाइनेंशियली सबसे ताकतवर देश माना जाता है तो क्रिकेट वर्ल्ड में भारत और BCCI का भी वर्ल्ड पॉवर बाला रसूख और रुतबा है। इसकी कई मिसाल मौजूद हैं। इस मामले में भी यही हकीकत बहुत जल्द सामने आने वाली है।
पहले मुद्दे की बात
T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ा फैसला सामने आया है। बांग्लादेश ने भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट में खेलने से इनकार कर दिया है। इसके बाद ICC ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का ऐलान किया है। इससे पहले 2009 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे को वीजा नहीं मिल पा रहा था। तब भी उसके रिप्लेसमेंट के तौर पर स्कॉटलैंड को ही शामिल किया गया था।

और असर क्या होगा
बांग्लादेश का T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होना हर लिहाज से खराब फैसला माना जा रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट फॉलोइंग नेशन है। यहां क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं बल्कि जुनून है। ऐसे में जुनून तो अपनी जगह उसकी कमाई डूब जाएगी और लाखों डॉलर नहीं मिलेंगे। ICC उससे रेवेन्यू शेयर नहीं करेगी और न क्रिकेट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोई पैसा मिलेगा।

क्रिकेट से कमाई में दिवालिया होने का खतरा
बांग्लादेश की आबादी करीब 20 करोड़ है। वहां क्रिकेट को बड़े पैमाने पर देखा जाता है। बांग्लादेश के बाहर होने से टीवी व्यूअरशिप में भारी गिरावट होगी। इससे ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप की कमाई पर असर पड़ेगा। कई कंपनियां किसी टूर्नामेंट में निवेश फैंस की देखकर करती हैं। जाहिर है यह अब नहीं होगा।
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स्पोर्ट्स कंपनीज को नुकसान
भारत की एक और बड़ी बैट, पैड, किट बनाने कंपनी सरीन स्पोर्ट्स (Sareen Sports) ने बांग्लादेश में अपने प्रोडक्ट बनवाने का कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर दिया है। इससे बांग्लादेश की फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन को भारी नुकसान होगा।
भारत से जारी तनाव के कारण क्रिकेट इक्विपमेंट और स्पोर्ट्स किट की सप्लाई में रुकावट आ रही है, जिससे बांग्लादेश के खेल कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान होने वाला है। बांग्लादेश में मेनपॉवर सस्ता होने के चलते कई विदेशी कंपनियां वहां अपनी मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट्स लगाती हैं। अब इनमें से ज्यादातर बंद हो चुकी है या होने की कगार पर हैं।

प्लेयर्स के लिए परेशानी
नए ब्रांड के इक्विपमेंट के साथ एडजस्ट करने में समय लगता है। SS और DSC जैसे दूसरे भारतीय ब्रांड भी भविष्य में ऐसे ही फैसले ले सकते हैं। बांग्लादेशी खिलाड़ियों को छोटे लोकल ब्रांड या ग्रे निकोल्स जैसी विदेशी कंपनियों पर स्विच करना पड़ सकता है। ये विदेशी ब्रांड ज्यादा महंगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक के मुताबिक, इक्विपमेंट के स्पेसिफिकेशन्स भी अलग होते हैं।
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फैंस का भरोसा कमजोर होना
क्रिकेट की ताकत उसके फैंस होते हैं। जब किसी देश की टीम वर्ल्ड कप में नहीं खेलती, तो वहां के फैंस का टूर्नामेंट से जुड़ाव कम हो जाता है। इससे क्रिकेट फैंस को नुकसान होता है। अगर सुरक्षा और स्थान को लेकर देशों की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया तो आगे भी ऐसे बहिष्कार देखने को मिल सकते हैं। बांग्लादेश को दिक्कत हो सकती है।

ICC क्या एक्शन ले सकती है
1.BCB को लंबे वक्त (कम से कम 2 साल तक) इंटरनेशनल क्रिकेट इवेंट्स से बैन किया जा सकता है।
2.‘द वीक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक- ICC टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में खेलने पर बांग्लादेश को 3 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ 74 लाख रुपए) मिलने थे। अगर बांग्लादेश नॉकआउट स्टेज में पहुंचती तो ये अमाउंट और भी ज्यादा होता।
3.ICC के मेंबर पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (MPA) के मुताबिक, अगर कोई मेंबर कंट्री ICC के किसी मल्टी नेशनल इवेंट का बायकॉट करता है तो उस पर भारी पेनल्टी यानी फाइन लगाया जा सकता है। यह करीब एक करोड़ रुपए या इससे भी ज्यादा हो सकता है।
4.बांग्लादेश को रैंकिंग पॉइंट्स और क्वॉलिफाइंग पॉइंट्स खोने पड़ सकते हैं। इससे उनका चैंपियन्स ट्रॉफी, ODI वर्ल्ड कप और यहां तक कि एशिया कप में खेलना भी मुश्किल हो सकता है।
5.बांग्लादेश एक तरह से बैन रहेगा। ICC के किसी मेंबर कंट्री के साथ नहीं खेल सकेगा और न ही ICC का कोई टूर्नामेंट होस्ट कर सकेगा।


