पाकिस्तानी प्लेयर्स 2009 से IPL नहीं खेले: 12 टीमें और 94 मैच कब होंगे? IPL चेयरमैन धूमल ने दिए जवाब
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स्पोर्ट्स डेस्क. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 सीजन का आगाज 28 मार्च को ही हो गया है। इस बार टूर्नामेंट में 10 टीमें फाइनल समेत 74 मैच खेलेंगी। हालांकि कई बार टूर्नामेंट में 12 टीमें और 94 मैच करने को लेकर भी डिमांड उठती रही है। क्या यह हो पाएगा या नहीं, इसको लेकर IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने जवाब दिया है।
साथ ही IPL में राजनीति की एंट्री को धूमल ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को इंटरव्यू दिया। इसमें पूछा गया कि पाकिस्तानी प्लेयर 2009 के बाद से IPL नहीं खेले हैं। इस पर धूमल ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हो जाती हैं, जिसके बाद ऐसे फैसले लेने पड़ जाते हैं।
क्या IPL के एक सीजन में 94 मैच होंगे?
अरुण धूमल से पूछा गया कि अभी टूर्नामेंट के एक सीजन में 74 मैच हो रहे हैं। क्या यह 84 या 94 हो सकते हैं? इसके जवाब में चेयरमैन ने कहा- एक सीजन में 74 से 94 मैच करने के लिए IPL के लिए एक बड़ी विंडो चाहिए रहेगी। ICC फ्यूचर टूर प्रोग्राम (इंटरनेशनल क्रिकेट) देखा जाए तो उसमें बाइलेटलर सीरीज काफी ज्यादा होती हैं। ऐसे में IPL के लिए बड़ी विंडो अभी तो मुमकिन नहीं है। अभी सिर्फ आधे मार्च से मई के आखिर तक बहुत छोटी विंडो होती है।
जून के शुरुआत से भारत में साउथ से मानसून भी आने लगता है। ऐसे में आप IPL विंडो को आगे बढ़ाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। यदि मौजूदा विंडो में ही 74 की बजाए 94 मैच कराए जाएं तो इसके लिए काफी ज्यादा डबल हेडर कराने होंगे। एक ही दिन और एक ही स्टेडियम में 2-2 मैच कराने होंगे। यह ब्रॉडकास्टर्स के लिए भी सही नहीं रहेगा।
अगले साल देखेंगे बाइलेटरल सीरीज के बीच हमें IPL में 94 मैच कराने के लिए बड़ी विंडो मिलती है या नहीं। इसी वजह से हम अभी टीमें बढ़ाने के बारे में भी नहीं सोच रहे हैं।

IPL को राजनीति से दूर रख पाना मुश्किल?
क्रिकेट में बार-बार राजनीति आ जाती है। पाकिस्तानी प्लेयर 2009 से IPL नहीं खेले। हाल ही में BCCI के आदेश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने भी बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर कर दिया। क्या IPL को राजनीति से दूर रख पाना मुश्किल है।
इसके जवाब में धूमल ने कहा- मैं बस यही कहना चाहता हूं कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कई बार ऐसी चीजें भी सामने आती हैं। मैं नहीं मानता कि सरकार क्रिकेट की हर दिन की एक्टिविटी में कोई दखल देती है या उसका इसमें कोई रोल है। देखा जाए तो सरकार क्रिकेट को सपोर्ट ही करती है।
हालांकि कई बार हमारे आसपास ऐसी चीजें हो जाती हैं कि ऐसे फैसले लेने पड़ जाते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि आगे भी समझदारी से काम लिया जाएगा।
पाकिस्तानी प्लेयर सिर्फ एक IPL सीजन खेल सके
पाकिस्तानी प्लेयर्स को IPL के पहले यानी 2008 सीजन में पहली और आखिरी बार मौका मिला था। तब लीग में 8 टीमें थीं, जिनमें से 5 में ही पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले थे। तब शाहिद आफरीदी, शोएब मलिक और शोएब अख्तर समेत 11 खिलाड़ियों को मौका मिला था। KKR में सबसे ज्यादा 4 पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, शोएब अख्तर, मोहम्मद हफीज और उमर गुल खेले थे।

