आर्यन से अनाया तक: विराट-सरफराज के साथ नेट्स शेयर किया; एक ट्रांसवुमन की इमोश्नल स्टोरी, इसमें स्ट्रगल भी है और हिम्मत भी- जरूर पढ़िए
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अनाया लेफ्ट हैंड बैटर और लेफ्ट आर्म स्पिनर रही हैं। मुंबई अंडर 16, मुंबई अंडर 19 और फिर पुड्डुचेरी के लिए खेलीं।
स्पोर्ट्स डेस्क. थर्डजेंडर की जिंदगी बेहद मुश्किल होती है, उनके लिए पहचान छिपाकर जीना बेहद मुश्किल और दर्दनाक सफर से होता है। आज ‘राज एक्सप्रेस’ आपको अनाया बांगर की कहानी बता रहा है। एक ऐसी ट्रांसवुमन जो सेलिब्रिटी क्रिकेटर की बेटी है। और वो लंबे वक्त बेटा बनकर रही। 2022 के बाद तो न जाने कितनी बार मीडिया में उसका नाम अलग-अलग वजहों से सामने आया। चलिए इस हिम्मत और हौसला न हारने वाली लड़की के बारे में कुछ खास बाते जानते हैं।
कौन है अनाया बांगर
अनाया का जन्म 26 दिसंबर साल 2000 में मुंबई में हुआ। पिता का नाम संजय बापूसाहेब बांगर। संजय ने टीम इंडिया के लिए 12 टेस्ट और 15 ODI खेले। लंबे वक्त टीम टीम इंडिया के बैटिंग कोच रहे। अब कोचिंग के साथ मशहूर टीवी प्रेजेंटर हैं।संजय के दो बच्चे हैं। बेटा अथर्व और बेटी अनाया।

आर्यन या अनाया
अनाया को फैमिली ने नाम दिया आर्यन। वक्त गुजरने के साथ आर्यन के शरीर में हार्मोनल डिस्बैलेंस देखा गया। एक इंटरव्यू में अनाया ने कहा था- मैं अक्सर छिपकर लड़कियों के कपड़े पहनकर देखा करती थी। दुनिया के सामने मेरी पहचान लड़के की थी। पिता क्रिकेटर थे और बहुत बड़ा नाम थे। लिहाजा, खुद भी क्रिकेट को ही कॅरियर बनाने की ठान ली। हालांकि, बॉडी में जो कुछ चल रहा था, वो सिर्फ मैं ही जानती थी।

अनाया नाम कैसे हुआ?
एक इंटरव्यू में अनाया ने कहा था- मैंने अपने फ्रेंड्स को अपने जेंडर से जुड़ी सच्चाई बताई। ये बात 2021 में कोविड के दौर की थी। फ्रेंड्स को हैरानी नहीं हुई। मैंने उनसे कहा कि मैं अब अपना नाम भी बदलना चाहती हूं। मुझे अनन्या नाम अच्छा लगता था, लेकिन दोस्त अनाया कहते थे। फिर मुझे भी यही अच्छा लगने लगा।

विराट के साथ नेट्स- सरफराज दोस्त
फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में अनाया ने कहा था- पापा टीम इंडिया के बैटिंग कोच थे। तब मैंने विराट कोहली के साथ नेट्स सेशन अटैंड किए थे। फिलहाल, टीम इंडिया से बाहर चल रहे सरफराज खान और उनके भाई मुशीर मेरे सबसे करीबी दोस्तों में शामिल हैं। वो मेरी हकीकत जानते थे। वो आज भी मुझसे लगातार बात करते हैं। उन दोस्तों का धन्यवाद जो हर स्ट्रगल में मेरे साथ रहे।

विराट से क्या पूछा था अनाया ने?
अनाया ने फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में कहा था- विराट कोहली उस वक्त पापा के गाइडेंस में प्रैक्टिस करते थे। वो मेरी बैटिंग को बहुत गौर से देखते थे। अकसर मुलाकात होती थी और वो मुझे बैटिंग टिप्स भी देते थे। एक बार मैंने विराट से पूछा- आप इतना प्रेशर कैसे झेलने हैं? इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा- प्रैक्टिस के जरिए। मैदान के हालात का अंदाजा लगा लेता हूं और फिर खुद पर भरोसा बहुत जरूरी होता है।

अनाया की क्रिकेटिंग जर्नी
अनाया लेफ्ट हैंड बैटर और लेफ्ट आर्म स्पिनर रही हैं। मुंबई अंडर 16, मुंबई अंडर 19 और फिर पुड्डुचेरी के लिए खेलीं। 2022 में उन्होंने तय कर लिया कि अब दोहरी पहचान के साथ नहीं जीना। अब पहचान बदलनी होगी।

अपना रास्ता और पहचान तय करना है
अनाया ने जब यह तय किया कि वो ट्रांसवुमन बनकर जिंदगी नहीं गुजारेंगी, बल्कि एक तय पहचान के साथ आगे बढ़ेंगी तो उस वक्त फैमिली समेत कई लोग खामोश थे। अनाया ने कहा था- मेरा भाई अथर्व उस वक्त भी मुझे दीदी कहता था। बाकी लोगों के बारे में कुछ कहना सही नहीं होगा।

मेडिकल ट्रीटमेंट हिस्ट्री
2023 में अनाया ने ‘हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी’ (HRT) लेना शुरू की और खुद इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी। इसमें एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का लेवल कम किया जाता है और भी कई तरह के हार्मोन ट्रीटमेंट दिए जाते हैं।
अनाया ने एक इंटरव्यू में कहा था- आप कह सकते हैं कि 2023 से मेरी नई जिंदगी शुरू हुई। इसके बाद मैं ब्रिटेन गई। वहां भी ट्रीटमेंट लिया और क्रिकेट भी खेला। कई बार वहां नींद पूरी करने के लिए लॉबी में ही सोना पड़ता था। खर्च भी ज्यादा था। इसके बाद भारत लौटी।

आज अनाया का जिक्र हर जगह क्यों?
पिछले हफ्ते अनाया ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया। खास बात यह है कि पहली बार वो अपने पिता संजय बांगर के साथ नजर आईं। तस्वीर थाईलैंड के एक हॉस्पिटल के रूम की थी। अनाया ने कैप्शन में लिखा- मेरी जिंदगी के सबसे खास लम्हे। पापा आज साथ हैं। ग्रोथ में वक्त लगता है, प्यार में भी वक्त लगता है…लेकिन जब ये आपको मिलते हैं तो वो जिंदगी का सबसे हसीन पल होते हैं।

जेंडर अफर्मिंग सर्जरी क्या और क्यों?
अनाया ने थाईलैंड के जिस हॉस्पिटल से इंस्टा स्टोरी पोस्ट की है, वहां उनकी ‘जेंडर अफर्मिंग सर्जरी’ (gender-affirming surgery) हुई है। इसको बहुत आसान भाषा में कहें तो वो अब मेडिकल टर्म के हिसाब से महिला बन चुकी हैं। कुछ एक्सपर्ट्स इसे vaginoplasty भी कहते हैं।
इस सर्जरी के चार स्टेज होते हैं। यह सर्जरी ट्रांसवुमन के लिए ही होती है और पेशेंट के मेडिकल रिक्वॉयरमेंट को देखते हुए इसे अंजाम दिया जाता है।

सर्जरी के पहले 12 महीने हार्मोन थैरेपी
gender-affirming surgery या vaginoplasty के पहले 12 महीने की हार्मोन थैरेपी होती है। कई बार यह थैरेपी अलग-अलग स्टेजेस में अलग-अलग टाइम पीरिएड के लिए भी होती है। इसके बाद स्ट्रिक्ट रिकवरी रूल्स और डाइट प्लान होते हैं। कुछ महीने में पेशेंट एक नई पहचान पाने में कामयाब हो जाता है।
अनाया की लाइफ में आगे क्या?
अनाया शौकिया तौर पर क्रिकेट खेल सकती हैं, लेकिन वो प्रोफेश्नल क्रिकेटर फिलहाल नहीं बन सकतीं। क्योंकि ICC के रूल्स इस मामले में अलग हैं। वैसे अनाया खुद स्टैबलिश डिजाइनर और पेंटर हैं। इसके अलावा कई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट प्ले करती हैं। वो खुद कहती हैं- प्रोफेश्नल लाइफ को लेकर मैं बेफिक्र हूं। हम भी यही चाहते हैं अनाया बांगर। आप इस नई पहचान के साथ आगे बढ़ें और हर कदम पर कामयाबी आपके कदम चूमे। ‘राज एक्सप्रेस’ की ओर से आपको शुभकामनाएं…ALL THE BEST

