इंडियन प्लेयर्स का डोप टेस्ट नहीं कर सकती ICC: पाकिस्तान के पूर्व बैटर का आरोप, कहा- भारतीय बोर्ड को सिर्फ अपने मेडिकल पैनल पर भरोसा
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स्पोर्ट्स डेस्क. पाकिस्तान के पूर्व बैटर अहमद शहजाद ने इंडियन क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के वर्ल्ड क्रिकेट में दबदबे को लेकर अहम बयान दिया है। एक पाकिस्तानी टीवी शो के दौरान शहजाद ने कहा - BCCI कभी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को भारतीय खिलाड़ियों का डोप टेस्ट करने की परमिश नहीं देती। BCCI का ये दबदबा ही कहा जाएगा कि उन्हें सिर्फ अपने मेडिकल पैनल पर भरोसा है। बाकी किसी देश में इतनी हिम्मत ही नहीं है कि वो BCCI को इस मामले में चैलेंज कर सके।
BCCI के पास बेहतर फैसिलिटी
शहजाद ने कहा - जब भी ICC इंडियन प्लेयर्स का डोप टेस्ट करना चाहता है तो BCCI इसकी मंजूरी नहीं देता। BCCI खुद अपने टेक्नीशियन के जरिए प्लेयर्स का टेस्ट करता है। उनके पास खिलाड़ियों की जांच के लिए सबसे बेहतरीन मेडिकल टेक्नोलॉजी और इक्युपमेंट्स हैं।

अहमद शहजाद 'हारना मना है' शो के दौरान
ICC कुछ नहीं कर पाता
शहजाद ने कहा- ICC हर क्रिकेट टीम का डोप टेस्ट करता है, लेकिन इंडियन क्रिकेटरों का नहीं। ये काम BCCI करता है। इंडियन बाहर की टेक्नोलॉजी पर भरोसा नहीं करते। उनके पास अपनी बेहतरीन टेक्नोलॉजी है। इसीलिए ही वो कहते हैं कि अपने प्लेयर्स का डोप टेस्ट भी वो खुद करेंगे।
हालांकि, शहजाद ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया। दूसरी तरफ, BCCI या ICC की तरफ से इस मामले में अब तक कोई रिएक्शन नहीं आया।

अहमद शहजाद ने 2009 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, ODI और T20) में सेंचुरी बनाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं।
क्या है डोप टेस्ट
असल में, इंटरनेशनल क्रिकेट में डोप टेस्ट वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी के रूल्स के तहत किया जाता है। इसकी निगरानी ICC करता है। इस प्रोसेस में खिलाड़ियों के ब्लड और यूरिन सैंपल लिए जाते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता कि उन्होंने किसी बैन ड्रग (दवा या नशीला पदार्थ) का इस्तेमाल जाने-अनजाने में तो नहीं किया।
इसके बाद संबंधित बोर्ड, स्पोर्ट्स अथॉरिटी और प्लेयर से जवाब मांगा जाता है। अगर उसका जवाब सही नहीं लगता तो उस पर एक्शन लिया जा सकता है।

भारतीय टीम T20I वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंच गई है।
ICC ने किसी भी समय किसी भी खिलाड़ी का टेस्ट कर सकता है। यह किसी टूर्नामेंट या ट्रेनिंग कैंप के दौरान हो सकता है। सर्टिफाइड डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर खून और यूरिन के सैंपल इकट्ठा करके WADA लैब में भेजते हैं। इन सैंपल को A और B कंटेनर में स्टोर किया जाता है।
अगर खिलाड़ी A का सैंपल पॉजिटिव आता है तो उसे सस्पेंड कर दिया जाता है। फिर वह B सैंपल के लिए रिक्वेस्ट कर सकता है। अगर दूसरा सैंपल भी पॉजिटिव आता है तो उसे सभी तय वक्त या ताउम्र के लिए बैन किया जा सकता है।

