अफगान खिलाड़ियों का PSL नीलामी से नाम वापस: एशिया क्रिकेट में फिर मचा विवाद; गुरबाज-नबी का बाॅयकाट
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स्पोर्ट्स डेस्क.एशिया में क्रिकेट एक बार फिर राजनीति की वजह से विवादों में घिर गया है। इस बार मामला पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से जुड़ा है, जहां अफगानिस्तान के कई बड़े खिलाड़ियों ने अचानक खिलाड़ी नीलामी से अपना नाम वापस ले लिया। माना जा रहा है कि यह फैसला पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव और सोशल मीडिया पर हुए विरोध के कारण लिया गया। इससे पहले भी भारत और बांग्लादेश के बीच ऐसे ही विवाद देखने को मिले थे।
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की खिलाड़ी नीलामी लाहौर में होनी थी। इस नीलामी के लिए अफगानिस्तान के कई बड़े खिलाड़ी जैसे मुजीब उर रहमान, मोहम्मद नबी, फजलहक फारूकी और अन्य खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया था। लेकिन नीलामी से ठीक पहले इन खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस ले लिया।
सूत्रों के मुताबिक- यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पाकिस्तान में कुछ लोगों ने अफगान खिलाड़ियों के खेलने पर विरोध जताया था। खासकर पेशावर जाल्मी टीम द्वारा अफगान बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज को सीधे साइन करने के बाद सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ। बाद में गुरबाज ने भी PSL से हटने का फैसला कर लिया। इसके बाद बाकी अफगान खिलाड़ियों ने भी नीलामी में शामिल न होने का निर्णय लिया।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों का असर
पिछले साल से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते काफी खराब चल रहे हैं। पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। इस पर कुछ अफगान क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की थी।
इसके बाद पाकिस्तान के कुछ लोगों ने अफगान खिलाड़ियों के PSL में खेलने का विरोध किया। माना जा रहा है कि इसी माहौल को देखते हुए खिलाड़ियों ने खुद को विवाद से दूर रखने के लिए यह कदम उठाया।
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब राजनीति की वजह से क्रिकेट असर हुआ हो। कुछ हफ्ते पहले भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान भी ऐसा ही मामला सामने आया था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को नीलामी में खरीदा था, लेकिन बाद में उन्हें टीम से रिलीज कर दिया गया। बताया गया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव और विवादों के कारण लिया गया।
अब PSL में अफगान खिलाड़ियों का हटना भी उसी तरह की घटना माना जा रहा है।

क्रिकेट पर राजनीति का साया
दक्षिण एशिया में क्रिकेट को हमेशा लोगों को जोड़ने वाला खेल माना जाता है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे देशों में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं बल्कि भावना है। लेकिन हाल के घटनाक्रम से यह साफ हो रहा है कि अब राजनीति का असर क्रिकेट पर भी साफ दिखाई देने लगा है।लगातार तीन बड़े विवादों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब खिलाड़ियों का चयन भी देशों के रिश्तों पर निर्भर करेगा? अगर ऐसा चलता रहा तो क्रिकेट की भावना और खेल भावना दोनों को नुकसान हो सकता है।

