U19 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान जीता-खेल भावना हारी; साजिश के तहत स्कॉटलैंड को बाहर कराया, जानबूझकर हद से ज्यादा स्लो बैटिंग
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पाकिस्तान ने 26.2 ओवर में 132 रन बनाकर 8 विकेट से जीत हासिल कर ली।
स्पोर्ट्स डेस्क. अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की टीम अपनी एक करतूत के चलते विवाद और चर्चा में है।दरअसल, जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने आखिरी ग्रुप मैच में पाकिस्तान ने जीत तो हासिल की, लेकिन उनके धीमे रन चेज ने खेल भावना पर सवाल खड़े कर दिए। इस मैच का असर स्कॉटलैंड पर पड़ा, जो सुपर सिक्स में क्वालिफाई नहीं कर पाई।
सिर्फ 128 का टारगेट
यह मुकाबला गुरुवार 22 जनवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 128 पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान के लिए यह मैच जीतना आसान था। उसकी शुरुआत भी अच्छी रही। ओपनिंग पेयर समीर मिन्हास और अहमद हुसैन ने 12 ओवर में 74 रन बना लिए। मैच पाकिस्तान के कंट्रोल में था।लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया।
पाकिस्तान ने रन बनाने की रफ्तार जानबूझकर कम कर दी। प्लेयर न तो बड़े शॉट खेल रहे थे और न ही तेजी से रन ले रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे वो मैच जल्द खत्म ही नहीं करना चाहती।आखिरकार 27वें ओवर में समीर मिन्हास ने लगातार 2 छक्के लगाकर मैच खत्म किया। पाकिस्तान ने 26.2 ओवर में 132 रन बनाकर 8 विकेट से जीत हासिल कर ली।

पाकिस्तान ने ऐसा क्यों किया
यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। दरअसल, यह फैसला पिच या मौसम की वजह से नहीं था, बल्कि पूरी तरह रणनीति का हिस्सा था। अंडर-19 वर्ल्ड कप के नियमों के मुताबिक- सुपर सिक्स स्टेज में वही मैच गिने जाते हैं जो क्वालिफाई करने वाली टीमों के खिलाफ खेले गए हों। यानी जो टीमें आगे नहीं जातीं। उनके खिलाफ खेला गया मैच आगे काम नहीं आता।
पाकिस्तान ने अपने रन रेट और पॉइंट्स को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति अपनाई, ताकि सुपर 6 में उनकी स्थिति बेहतर हो सके। इस हरकत का नुकसान स्कॉटलैंड को हुआ, जो नेट रन रेट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

खेल भावना पर सवाल
ये सही है कि पाकिस्तान ने नियमों के दायरे में रहकर मैच जीता, लेकिन लेकिन कई क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा करना खेल भावना के खिलाफ है। जानबूझकर धीमा खेलना, ताकि किसी और टीम को नुकसान हो, सही नहीं माना जा रहा।अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह नहीं है कि पाकिस्तान ने नियम तोड़े या नहीं, बल्कि यह है कि क्या उन्होंने खेल भावना का पालन किया?

