Meta ने भारत से माफी क्यों मांगी: भारत क्यों जरूरी; चीन क्यों आगे- इंस्टा के लिए भारत में दीवानगी- यहां अहम सवालों के जवाब
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बिजनेस डेस्क. पिछले दिनों जंतर मंतर पर हुए Gen Z प्रोटेस्ट को भले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने लीड किया हो, लेकिन इसकी असली ताकत तो सोशल मीडिया और खासकर इंस्टाग्राम रही।
सोशल मीडिया कंपनी Meta के कई प्लेटफॉर्म हैं और सभी पॉपुलर भी हैं। हालांकि, इस मामले में इंस्टाग्राम सबसे आगे है।
‘राज एक्सप्रेस’ के इस बिजनेस एक्सप्लेनर में हम बात सोशल मीडिया की सोशल आउटरीच की बात करेंगे। इसी लैंस से Gen Z Protest को भी देखेंगे। स्टूडेंट और सरकार की नाराजगी के साथ META और इसके CEO जुकरबर्ग की मजबूरियों पर नजर डालना भी जरूरी है।
तो चलिए….बिना देरी किए…इस मामले के कुछ पहलू समझ लेते हैं….शुरू करते हैं….


भारत में अब सख्ती क्यों
- जुलाई में CJP प्रोटेस्ट शुरू होने के पहले भी भारत सरकार ने इंस्टाग्राम को ‘चाइल्ड अब्यूज एड्स’ के प्रमोशन को लेकर सख्त वॉर्निंग दी थी और इन्हें फौरन हटाने को कहा था।
- Meta के ग्लोबल पॉलिसी हेड्स को IT मिनिस्ट्री ने तलब किया। उनसे पूछा गया कि मेटा भारत के IT रेग्युलेशन्स और रूल्स को फॉलो क्यों नहीं कर रही। ये भी कहा गया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौजूद डीपफेक कंटेंट क्यों नहीं हटाया गया।
- 18 से 26 जुलाई के बीच CJP प्रोटेस्ट की इंटेंसिटी हाई थी। इसी दौरान इंस्टाग्राम यूजर्स की तादाद अचानक 16% बढ़कर करीब 53.1 करोड़ हो गई।
- CNBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक- खास बात यह रही कि इसी दौरान फेसबुक, यूट्यूब और वाट्सअप यूजर्स की तादाद में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। यानी मामला सिर्फ इंस्टाग्राम तक ही सीमित था।




…तो आगे क्या मुमकिन
- फिलहाल, CJP और Gen Z Protest को लेकर Meta ने माफी मांग ली है और भारत के कानून को मानने के लिए कदम उठाने की बात कही है।
- मामले की जांच पार्लियामेंट्री कमेटी कर रही है। इसके हेड BJP सांसद निशिकांत दुबे हैं। कमेटी और Meta रेग्युलर कॉन्टेक्ट में हैं। उम्मीद है कि जल्द ही तमाम मुश्किलें कम्युनिकेशन के जरिए सॉल्व होंगी।

