दिल्ली में फिर ढह गई बिल्डिंग: 2 की मौत, मलबे में कुछ लोगों के दबे होने के दावे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
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दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार सुबह तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। हादसे के बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार (5 नवंबर) सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास शीश महल की गली सत्तारा में तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
यह बिल्डिंग अंडर-कंस्ट्रक्शन थी, कुछ महीने पहले ही यहां काम शुरू हुआ था। बीते कुछ महीनों से बैक टू बैक दिल्ली में बिल्डिंग गिरने या आग लगने के मामले सामने आए हैं। यह तब हो रहा है जब दिल्ली सरकार ने राजधानी में सभी पुरानी इमारतों के इंस्पेक्शन और सुरक्षा ऑडिट करने का दावा किया था।
'सो रहे थे, अचानक गिरने की तेज आवाज आई'
हादसे के एक चश्मदीद मोहम्मद नईम ने न्यूज एजेंसी 'ANI' को बताया कि बिल्डिंग सुबह करीब 9 से 9.30 बजे के बीच गिरी। उन्होंने कहा- हम सो रहे थे। अचानक कुछ गिरने की तेज आवाज आई। हम सभी उठकर बाहर भागे। पहले लगा कि हमारा ही घर गिर रहा है। बाहर आकर देखा तो बगल में बन रही इमारत ढह चुकी थी।
उन्होंने बताया कि एक घायल मजदूर ने वहां करीब तीन-चार लोगों के मौजूद होने की बात कही थी। अब मलबे में उन्हें खोजा जा रहा है।
फायर डिपार्टमेंट ने क्या बताया?
फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9.50 पर बिल्डिंग गिरने की इन्फोर्मेशन मिली। इसके बाद फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। शुरुआत में दो वाटर टेंडर, एक वाटर बाउजर, एक क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) और एक इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम (IRT) को रवाना किया गया। बाद में एक और वाटर टेंडर और असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर (ADO) राजेश शुक्ला को मौके पर भेजा गया।
सुबह करीब 10.15 पर स्टेशन ऑफिसर डीके राय ने फायर डिपार्टमेंट को डिटेल में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन मंजिला एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग ढह गई और कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने सीनियर अधिकारी और रेस्क्यू टीम को भेजने की मांग की।
दिल्ली में बैक टू बैक हादसे
7 अक्टूबर की दोपहर सीमापुरी इलाके में करीब 40-50 साल पुरानी चार मंजिला रिहायशी बिल्डिंग अचानक गिर गई थी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले सितंबर में सत्यानिकेतन में एक PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी।
इसके अलावा 3 मई को एक बिल्डिंग में आग लगने से 8 लोग, 12 जून को एक अपार्टमेंट में आग के चलते 3 लोग मारे गए थे। 3 जून को मालवीय नगर की एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी।
AAP का सवाल- सुरक्षा ऑडिट के बाद भी क्यों गिर रहीं इमारतें?
हादसे के बाद AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और MCD पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार और MCD ने दिल्ली की इमारतों का कई बार सुरक्षा ऑडिट कराया है, इसके बावजूद इमारतें लगातार क्यों गिर रही हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के अलग-अलग सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के चलते बिल्डिंगों की सुरक्षा से जुड़े नियमों पर सही तरीके से अमल नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले दिल्ली पुलिस और MCD पर रिश्वत लेने के आरोप लगते थे, लेकिन रेखा गुप्ता सरकार आने के बाद फायर डिपार्टमेंट और SDM (राजस्व विभाग) पर भी इमारतों से जुड़े मामलों में रिश्वत लेने के आरोप हैं।
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