दिल्ली की हवा फिर जहरीली: AQI 482 पहुंचा, मंत्री सिरसा ने पंजाब सरकार पर ठीकरा फोड़ा, बोले- 77% पराली जला दी; केंद्रीय मंत्री का दावा अलग
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दिल्ली में गुरुवार सुबह कई इलाकों में धुंध, धूल और धुएं की मोटी परत छाई रही। शहर का AQI 482 दर्ज किया गया। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों के लिए खतरनाक हो गई है। गुरुवार (5 नवंबर) सुबह 8 बजे राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब स्थिति को दिखाता है। दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसके लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक 77% पराली जलाई जा चुकी है और इसका असर दिल्ली की हवा पर पड़ रहा है।
हालांकि केन्द्र सरकार का दावा सिरसा से ठीक उल्टा है। केंद्र सरकार का कहना है कि पराली जलाने की घटनाओं में पिछले सालों के मुकाबले कमी आई है।
पंजाबी बाग में AQI 446, 7 इलाकों में 400 के पार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह दिल्ली के 7 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ज्यादा दर्ज किया गया।
पंजाबी बाग सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जहां AQI 446 रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद नरेला में 434, रोहिणी में 431, आरके पुरम में 416, बवाना में 412, दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में 408 और पटपड़गंज में 405 AQI रहा।
इसके अलावा ओखला फेज-2 और इंडिया गेट में AQI 399, ITO में 397, द्वारका सेक्टर-8 में 396, चांदनी चौक में 356 और वसुंधरा एन्क्लेव में 330 रहा। आनंद विहार में AQI 293 और IMD लोधी रोड स्टेशन पर 268 दर्ज किया गया।
सिरसा बोले- भगवंत मान ने गलत जानकारी दी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को शास्त्री पार्क स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पराली जलाने के आंकड़ों को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
सिरसा ने कहा कि मान ने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पंजाब में धान की कटाई अभी शुरू नहीं हुई है। जबकि पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 77% पराली जलाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर तक दिल्ली की हवा साफ थी। AQI महज 60 पर था। 31 अक्टूबर को यह बढ़कर 117 हुआ और 4 नवंबर तक 377 पर पहुंच गया। सिरसा ने सवाल उठाया कि महज चार दिनों में प्रदूषण इतना कैसे बढ़ गया?

'92 से बढ़कर 484 हुई पराली जलाने की घटनाएं'
सिरसा ने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक, 2 नवंबर को जब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, तब तक पराली जलाने की 92 घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद 3 नवंबर तक यह संख्या बढ़कर 484 हो गई।
सिरसा ने केंद्र सरकार की ओर से पंजाब को दिए गए 5,000 करोड़ रुपए का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह पैसा पराली जलाने की बजाय उसके दूसरी तरह से निपटान के लिए दिया गया था, लेकिन पंजाब सरकार इसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाई।
केंद्र बोला- 40% पराली का दूसरे कामों में इस्तेमाल हुआ
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा था कि इस बार धान की करीब 40% पराली का इस्तेमाल खेतों से बाहर दूसरे कामों में किया गया है। उनके मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में पिछले सालों के मुकाबले कमी आई है।
यह पूछे जाने पर कि पराली जलाने की घटनाएं कम होने के बावजूद दिल्ली की हवा जहरीली क्यों हो रही है तो यादव ने कहा कि CAQM इस पर लगातार नजर रख रहा है। हवा किस दिशा में चल रही है, उसकी रफ्तार कितनी है और उसका बहाव किस तरफ है, इन सभी बातों को ध्यान में रखकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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