मैं जेल में मर जाऊंगा, बेल चाहिए: आजम खान को SC से राहत नहीं; याचिका इलाहाबाद HC ट्रांसफर
Published:
3 min read

सपा नेता आजम खान को जेल से निकलने के बाद ED ने गिरफ्तार कर लिया था।
नेशनल डेस्क. नेशनल डेस्क. सपा नेता आजम खान की जमानत याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने गुरुवार को उनकी अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दी।
यूपी सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने अपनी याचिका में प्रवर्तन निदेशालय ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। आजम खान ने दावा किया था कि 29 अक्टूबर को उन्हें दो PAN कार्ड रखने के मामले में जेल से रिहा होने के 40 मिनट बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में ट्रांसफर की याचिका
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने अर्जी को इलाहाबाद HC में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। बेंच ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया गया कि वे इस मामले को 16 नवंबर को डबल बेंच के सामने लिस्टिंग करने के लिए चीफ जस्टिस के सामने रखें।
मैं जेल में मर जाऊंगा, जमानत चाहिए- आजम खान
आजम खान की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने ईडी एक्शन पर सवाल उठाए। सिब्बल ने आजम की ओर से कहा, जिस समय मुझे रिहा किया जा रहा था, ठीक उसी समय ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। वे बस यही चाहते हैं कि चुनाव के दौरान मैं जेल के अंदर ही रहूं। मैं हर मामले का सामना करूंगा, लेकिन मुझे जमानत चाहिए। मैं 80 साल का हूं। मुझे ईडी के अलावा 28 अन्य मामलों में गिरफ्तार किया गया। ऐसे तो मेरी मौत जेल में ही हो जाएगी।
कपिल सिब्बल ने गिरफ्तारी को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें जेल में रखने के इरादे से की गई है। उन्होंने बताया कि जमानत पर रिहा होते ही ED उन्हें जेल के ठीक बाहर से ले गई। सिब्बल ने कहा- यह घटना 2006 की है; FIR 2019 में दर्ज की गई थी। इसमें PMLA का क्या लेना-देना है? उन्होंने बताया कि बकरियों और गायों को भी अपराध की कमाई के तौर पर दिखाया गया है।
कोर्ट में बकरियों-गायों का जिक्र
कपिल सिब्बल ने कहा- आरोप देखिए। पहले तो यह कहा गया कि 2016 में आरोपी जबरन उसके घर में घुस गए और 5000 रुपए नकद और एक तोला सोने की बालियां लूट लीं और बुलडोजर से उसका घर तोड़ दिया। फिर अगली शिकायत यह है कि उसी दिन आरोपी घर में घुस गए, परिवार को धमकाया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, नकदी लूटी और घर तोड़कर 4 बकरियां ले गए। बकरियां और गायें अपराध की कमाई बन गईं... यह सब क्या चल रहा है?
इस पर CJI ने कहा- आपकी दलील में कुछ सच्चाई हो सकती है, लेकिन हम इस पर कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहते।
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया
ED ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर PMLA एक्ट (मनी लॉन्ड्रिंग) के तहत मामला दर्ज किया था। आजम खान यूनिवर्सिटी के संस्थापक और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जो इस यूनिवर्सिटी का संचालन करता है। ED ने इसी मामले में आजम खान को गिरफ्तार किया।

